फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   pratapgarh news

तिरंगे के लिए शहीद हो गए थे जगदीश

Mon, 31 Aug 2015 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Mon, 31 Aug 2015 11:21 PM IST
विज्ञापन
pratapgarh news
देश की सीमा पर गोलियां और गोले बरस रहे थे। दुश्मनों की निगाह भारत पर टिकी थी। वर्ष 1965 के भारत और पाकिस्तान युद्ध में जिले का लाल तिरंगे की रक्षा के लिए शहीद हो गया था। शहीद का पार्थिव शरीर दिलीपुर पहुंचा तो उनके फौजी पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
विज्ञापन


दिलीपुर निवासी भगौती प्रसाद तिवारी फौज में थे। इकलौते पुत्र जगदीश प्रसाद तिवारी को भी वह फौजी के रूप में देखना चाहते थे। पति के सपनों को देखते हुए उनकी पत्नी ने भी पुत्र को देश की सेवा के लिए तैयार करना शुरू कर दिया। पिता का ख्वाब और मां की मेहनत रंग लाई। भगौती प्रसाद सेवानिवृत्त हो गए घर आ गए। इस बीच जगदीश को फौज में नौकरी मिल गई। इस बहादुर जवान की काबिलियत पर अफसरों को भी गर्व था। वर्ष 1965 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ। इस जगदीश प्रसाद को अफसरों ने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए बार्डर भेजा। साथी जवानों संग वह युद्धस्थल पहुंचे और पाकिस्तानी फौजियों का पसीना छुड़ा दिया।
विज्ञापन


 देश की ओर बढ़ते दुश्मनों को ललकारते हुए साथियों संग जगदीश प्रसाद तिवारी उन पर टूट पड़े। दुश्मन चारों तरफ से गोलियां व बम दाग रहे थे। इस बीच लड़ते-लड़ते वह तिरंगे के लिए शहीद हो गए। गांव वाले कहते हैं कि शहीद का पार्थिव शरीर घर आया तो उनके पिता गर्व से बोले, देखो आ रहा है देश के लिए लड़ने वाला मेरा शेर और फिर फफक कर रो-पड़े। कुछ दिनों पहले उनका भी निधन हो गया। करीब तीन साल पहले उनकी पत्नी राजपती देवी भी दुनिया को अलविदा कह गईं। शहीद के पुत्र विनय ने बताया कि कारगिल युद्ध के बाद मां को एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र और एक मेडल मिला था।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed