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व्यापारियों से सरचार्ज की वसूली अवैध
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 27 Aug 2015 10:59 PM IST
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वाणिज्य कर विभाग से आरसी जारी होने पर व्यापारियों से अवैध रुप से सरचार्ज की वसूली हो रही है। बकाया वसूली के लिए व्यापारियों के घर जाने वाले अमीन दस प्रतिशत अधिक धनराशि जबरन वसूल रहे हैं। विभाग में यह शिकायत पहुंचने पर अधिकारियों ने सख्त रवैया अपनाते हुए तहसील प्रशासन को पत्र लिखकर अवैध वसूली नहीं करने की हिदायत दी है।
व्यापार कर की अदायगी नहीं करने वाले 1253 लोगों के खिलाफ विभाग ने आरसी जारी कर दी है। तहसील प्रशासन के अमीन आरसी की वसूली करते हैं। बैंक ऋण सहित अन्य विभागों से जारी होने वाली आरसी में अमीन दस प्रतिशत सरचार्ज के साथ बकाया रकम वसूलते हैं। मगर शासन ने व्यापारियों को साहूलियत देने के लिए आरसी जारी होने के बाद भी सरचार्ज नहीं लेने का आदेश जारी कर रखा है। जिले के पांचों तहसीलों में राजस्व वसूली के लिए लगे अमीन मनमाने ढंग से व्यापारियों से बकाया धनराशि का दस प्रतिशत सरचार्ज वसूल रहे हैं। व्यापारियों से बकाया धनराशि वसूलते समय अमीन उन्हें बकायदा रसीद भी दे रहे हैं, मगर बैंक में जमा धनराशि की रसीद वाणिज्य कर विभाग को भेजने का बहाना बताकर व्यापारियों को गुमराह करते हैं। इससे स्पष्ट है कि सरचार्ज की रकम अपने जेब में भर रहे हैं।
अमीनों के इस खेल की शिकायत वाणिज्य कर विभाग पहुंची, तो अधिकारी दंग रह गए। नवागत वाणिज्य कर उपायुक्त हरि सहाय सिंह ने व्यापारियों से सरचार्ज की वसूली पर प्रतिबंध लगा रखा है। मगर कुछ अमीन बाज नहीं आ रहे हैं। तहसील प्रशासन को पत्र लिखकर ऐसी हरकत करने वाले अमीनों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है।
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व्यापार कर की अदायगी नहीं करने वाले 1253 लोगों के खिलाफ विभाग ने आरसी जारी कर दी है। तहसील प्रशासन के अमीन आरसी की वसूली करते हैं। बैंक ऋण सहित अन्य विभागों से जारी होने वाली आरसी में अमीन दस प्रतिशत सरचार्ज के साथ बकाया रकम वसूलते हैं। मगर शासन ने व्यापारियों को साहूलियत देने के लिए आरसी जारी होने के बाद भी सरचार्ज नहीं लेने का आदेश जारी कर रखा है। जिले के पांचों तहसीलों में राजस्व वसूली के लिए लगे अमीन मनमाने ढंग से व्यापारियों से बकाया धनराशि का दस प्रतिशत सरचार्ज वसूल रहे हैं। व्यापारियों से बकाया धनराशि वसूलते समय अमीन उन्हें बकायदा रसीद भी दे रहे हैं, मगर बैंक में जमा धनराशि की रसीद वाणिज्य कर विभाग को भेजने का बहाना बताकर व्यापारियों को गुमराह करते हैं। इससे स्पष्ट है कि सरचार्ज की रकम अपने जेब में भर रहे हैं।
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अमीनों के इस खेल की शिकायत वाणिज्य कर विभाग पहुंची, तो अधिकारी दंग रह गए। नवागत वाणिज्य कर उपायुक्त हरि सहाय सिंह ने व्यापारियों से सरचार्ज की वसूली पर प्रतिबंध लगा रखा है। मगर कुछ अमीन बाज नहीं आ रहे हैं। तहसील प्रशासन को पत्र लिखकर ऐसी हरकत करने वाले अमीनों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है।
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