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बादलों की मेहरबानी, झमाझम गिरा पानी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 16 Jul 2015 11:51 PM IST
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बुधवार की रात 12 के बाद से गुरुवार की शाम तक लगातार हुई झमाझम बरसात ने विगत छह वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया। एक दिन में 104.6 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके पहले वर्ष 2008 में इसी माह में 97.1 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई थी। रिकार्डतोड़ हुई बारिश से खेत लबालब देख किसान प्रसन्न नजर आए। दिनभर कभी तेज तो कभी धीमी बरसात होती रही। इससे मौसम पूरी तरह ठंडा हो गया। मंद-मंद चल रही हवा बारिश के बीच लोगों को बेहद सुकून देती रही। सड़कों पर तमाम युवा इस सुहानी बारिश का आनंद लेते नजर आए। उधर, बारिश के दौरान सदर तिराहे पर एक पुराना पक्का मकान ढह गया।
विगत दो दिनों से खिली धूप से उमस उमस बढ़ गई थी। इससे लोग काफी परेशान थे। उमस भरी गर्मी इतनी थी कि लोगों के बदन का पसीना सूखने का नाम नहीं ले रहा था। बुधवार की सुबह से आसमान काले व भूरे बादलों का तैरता हुआ संगम नजर आने लगा। उड़ते बादलों को देख किसान मन ही मन बारिश की पुकार करने लगे। किसानों की अंतर्रात्मा से निकली आवाज इंद्रदेव तक पहुंची तो रात 12 बजे के बाद से झमाझम बारिश शुरू हो गई। मौसम ठंडा हुआ तो लोग सुकून भरी नींद में तल्लीन हो गए। सुबह भी बारिश ने बंद होने का नाम नहीं लिया।
देर शाम तक कभी धीमी तो कभी तेज बरसात होती रही। आसमान से झरता पानी बंद होने का नाम नहीं ले रहा था। बारिश देख ज्यादातर लोग घरों में ही कैद रहे। कुछ ही लोग काम धंधे की मजबूरी में छाता लेकर या रेनकोट पहन कर सड़क पर निकले। ऐसे भी लोग सड़कों पर नजर आए, जो जानबूझकर भीग रहे थे। इसमें युवाओं की तादाद अधिक थी। अधिकांश युवा बारिश में बाइक से फर्राटा भरते हुए दिखाई पड़ते। उनकी न तो कई मजबूरी थी और न ही काम, बस वे सुहाने मौसम का भीगकर मजा ले रहे थे। गुरुवार की शाम करीब पांच बजे बारिश बंद हुई। उधर, सदर तिराहा निवासी एक वकील का पुराना पक्का मकान बारिश की वजह से ढह गया। कोई जनहानि नहीं हुई। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने नुकसान का मुआयना किया।
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विगत दो दिनों से खिली धूप से उमस उमस बढ़ गई थी। इससे लोग काफी परेशान थे। उमस भरी गर्मी इतनी थी कि लोगों के बदन का पसीना सूखने का नाम नहीं ले रहा था। बुधवार की सुबह से आसमान काले व भूरे बादलों का तैरता हुआ संगम नजर आने लगा। उड़ते बादलों को देख किसान मन ही मन बारिश की पुकार करने लगे। किसानों की अंतर्रात्मा से निकली आवाज इंद्रदेव तक पहुंची तो रात 12 बजे के बाद से झमाझम बारिश शुरू हो गई। मौसम ठंडा हुआ तो लोग सुकून भरी नींद में तल्लीन हो गए। सुबह भी बारिश ने बंद होने का नाम नहीं लिया।
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देर शाम तक कभी धीमी तो कभी तेज बरसात होती रही। आसमान से झरता पानी बंद होने का नाम नहीं ले रहा था। बारिश देख ज्यादातर लोग घरों में ही कैद रहे। कुछ ही लोग काम धंधे की मजबूरी में छाता लेकर या रेनकोट पहन कर सड़क पर निकले। ऐसे भी लोग सड़कों पर नजर आए, जो जानबूझकर भीग रहे थे। इसमें युवाओं की तादाद अधिक थी। अधिकांश युवा बारिश में बाइक से फर्राटा भरते हुए दिखाई पड़ते। उनकी न तो कई मजबूरी थी और न ही काम, बस वे सुहाने मौसम का भीगकर मजा ले रहे थे। गुरुवार की शाम करीब पांच बजे बारिश बंद हुई। उधर, सदर तिराहा निवासी एक वकील का पुराना पक्का मकान बारिश की वजह से ढह गया। कोई जनहानि नहीं हुई। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने नुकसान का मुआयना किया।
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