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राजस्व विभाग के फेर में उलझी गांवों की सरहद
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Pratapgarh nagarpalika news
सदर विकासखंड की 14 ग्राम पंचायतों को नगर पालिका में किया गया है शामिल
नक्शा होने के बाद भी गाटा संख्या नहीं समझ पा रहे पालिकाकर्मी
प्रतापगढ़। नगर पालिका के सीमा विस्तार के बाद अब राजस्व विभाग के फेर में गांवों की सरहद उलझ कर रह गई है। चूंकि जो अधिसूचना शासन की ओर से जारी की गई है उसमें गाटा संख्या दर्ज है। जो नक्शा बना है वह नगर पालिका के कर्मचारियों की समझ में नहीं आ रहा है। ऐसे में अभी तक नगर पालिका शहर में शामिल गांवों की सरहदों का चिहंकन नहीं कर सकी है।
नगर पालिका के सीमा विस्तार में शहर के इर्द-गिर्द के कुल 19 गांवों को संपूर्ण व आंशिक रूप से शामिल किया गया है। जिसमें 14 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। चूंकि अभी तक नगर पालिका का पुराना नक्शा था। अब नगर पालिका की सीमा में नए गांव शामिल हो गए हैं। शहर के पश्चिमी छोर पर पूरे केशवराय तो दक्षिणी छोर पर रूपापुर, जोगापुर, उत्तरी क्षेत्र में सोनावां भी शामिल है। शासन की अधिसूचना के दौरान नगर पालिका की सीमा में शामिल हिस्सों को गाटा संख्या के रूप में प्रदर्शित किया गया है। गाटा संख्या के हिसाब से सीमा विस्तार में शामिल गांवों को चिह्नित करने में नगर पालिका के सामने समस्या खड़ी हो रही है। ऐसे में नगर पालिका व सदर तहसील प्रशासन के बीच कई बार सीमा को चिह्नित कराने की दिशा में बैठक का समय भी निर्धारित हुआ, लेकिन कुछ कारणों से स्थगित हो गई। ऐसे में नगर पालिका की सीमा तय नहीं हो पा रही है।
जबकि शहर का दायरा बढने के बाद नगर पालिका को इसी माह पूरे शहर का ब्यौरा एकत्र करना है। ताकि शासन को विकास कार्य से लेकर दूसरी योजनाओं के सिलसिले में रिपोर्ट भेजी जा सके। नगर पालिका के ईओ मुदित सिंह का कहना है कि जिन गांवों को शामिल किया गया है, उनकी सरहद तय करनी है। इसके लिए राजस्व विभाग को मदद के लिए पत्र भी भेजा गया है।
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नगर पंचायतों में भी रोड़ा
नई नगर पंचायतों में भी गांव की सीमा को लेकर रस्साकसी चल रही है। नवसृजित पृथ्वीगंज नगर पंचायत, सुवंसा और कोहड़ौर नगर पंचायत में शामिल गांवों को लेकर भी अड़चन बनी हुई है। गांवों को गाटा संख्या के हिसाब से शामिल किया गया है। नगर पंचायतों में शामिल गाटा कहां तक है। इसे बताने वाला कोई नहीं है। नगर पंचायतों के प्रभारी अधिशाषी अधिकारी भी खासे परेशान हैं। उन्हें जिम्मेदारी मिल गई है, लेकिन वह भी अभी तक नगर पंचायत में शामिल गांवों की दिशा को लेकर भ्रमित हैं।
कार्यालय के लिए खोज रहे भवन
नवसृजित नगर पंचायत पृथ्वीगंज, कोहड़ौर और सुवंसा में अभी तक कार्यालय नहीं खुल सके। कार्यालय के लिए सरकारी व प्राइवेट भवन की खोजबीन की जा रही है ताकि नगर पंचायत का काम-काज प्रारंभ हो सके।
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नक्शा होने के बाद भी गाटा संख्या नहीं समझ पा रहे पालिकाकर्मी
प्रतापगढ़। नगर पालिका के सीमा विस्तार के बाद अब राजस्व विभाग के फेर में गांवों की सरहद उलझ कर रह गई है। चूंकि जो अधिसूचना शासन की ओर से जारी की गई है उसमें गाटा संख्या दर्ज है। जो नक्शा बना है वह नगर पालिका के कर्मचारियों की समझ में नहीं आ रहा है। ऐसे में अभी तक नगर पालिका शहर में शामिल गांवों की सरहदों का चिहंकन नहीं कर सकी है।
नगर पालिका के सीमा विस्तार में शहर के इर्द-गिर्द के कुल 19 गांवों को संपूर्ण व आंशिक रूप से शामिल किया गया है। जिसमें 14 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। चूंकि अभी तक नगर पालिका का पुराना नक्शा था। अब नगर पालिका की सीमा में नए गांव शामिल हो गए हैं। शहर के पश्चिमी छोर पर पूरे केशवराय तो दक्षिणी छोर पर रूपापुर, जोगापुर, उत्तरी क्षेत्र में सोनावां भी शामिल है। शासन की अधिसूचना के दौरान नगर पालिका की सीमा में शामिल हिस्सों को गाटा संख्या के रूप में प्रदर्शित किया गया है। गाटा संख्या के हिसाब से सीमा विस्तार में शामिल गांवों को चिह्नित करने में नगर पालिका के सामने समस्या खड़ी हो रही है। ऐसे में नगर पालिका व सदर तहसील प्रशासन के बीच कई बार सीमा को चिह्नित कराने की दिशा में बैठक का समय भी निर्धारित हुआ, लेकिन कुछ कारणों से स्थगित हो गई। ऐसे में नगर पालिका की सीमा तय नहीं हो पा रही है।
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जबकि शहर का दायरा बढने के बाद नगर पालिका को इसी माह पूरे शहर का ब्यौरा एकत्र करना है। ताकि शासन को विकास कार्य से लेकर दूसरी योजनाओं के सिलसिले में रिपोर्ट भेजी जा सके। नगर पालिका के ईओ मुदित सिंह का कहना है कि जिन गांवों को शामिल किया गया है, उनकी सरहद तय करनी है। इसके लिए राजस्व विभाग को मदद के लिए पत्र भी भेजा गया है।
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नगर पंचायतों में भी रोड़ा
नई नगर पंचायतों में भी गांव की सीमा को लेकर रस्साकसी चल रही है। नवसृजित पृथ्वीगंज नगर पंचायत, सुवंसा और कोहड़ौर नगर पंचायत में शामिल गांवों को लेकर भी अड़चन बनी हुई है। गांवों को गाटा संख्या के हिसाब से शामिल किया गया है। नगर पंचायतों में शामिल गाटा कहां तक है। इसे बताने वाला कोई नहीं है। नगर पंचायतों के प्रभारी अधिशाषी अधिकारी भी खासे परेशान हैं। उन्हें जिम्मेदारी मिल गई है, लेकिन वह भी अभी तक नगर पंचायत में शामिल गांवों की दिशा को लेकर भ्रमित हैं।
कार्यालय के लिए खोज रहे भवन
नवसृजित नगर पंचायत पृथ्वीगंज, कोहड़ौर और सुवंसा में अभी तक कार्यालय नहीं खुल सके। कार्यालय के लिए सरकारी व प्राइवेट भवन की खोजबीन की जा रही है ताकि नगर पंचायत का काम-काज प्रारंभ हो सके।