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प्रतापगढ़: आधी गर्मी बीतने के बाद आई हैंडपंपों की याद

Mon, 17 Jun 2019 01:00 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 17 Jun 2019 01:00 AM IST
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Pratapgarh: Memorandum of handpumps that came after half-summer passage
पीडब्ल्यूडी के समीप दुर्गा मंदिर के सामने महीनों से खराब पड़ा इंडिया मार्का हैन्डपम्प। - फोटो : pratapgarh
 भीषण गर्मी ने हर किसी को बेहाल कर रखा है। जलस्तर गिरने की वजह से हैंडपंपों के हलक सूखे पड़े हैं। इनको रिबोर कराने की जरूरत है। आधी गर्मी निकलने के बाद अब जिला प्रशासन को खराब हैंडपंपों को रिबोर कराने की याद आई है। जबकि नगर पालिका बोर्ड की बैठक में भी हैंडपंपों को रिबोर कराने का मुद्दा उठ चुका है।
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जलनिगम के मानक से अधिक जिले में हैंडपंपों की स्थापना हो चुकी है। जिले के सभी 17 विकास खंडों में लगभग 55 हजार हैंडपंप लगाए गए हैं। लगातार जलस्तर गिरने के कारण इंडिया मार्का हैंडपंप भी पानी छोड़ने लगे हैं।
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जिले में लगभग 2169 हैंडपंप रिबोर व मरम्मत कराने योग्य हैं। यह रिपोर्ट गांव में सर्वे के बाद सामने आई है। गर्मी शुरू होने के साथ ही लोकसभा चुनाव का पारा चढ़ा हुआ था।
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जिसके चलते खराब हैंडपंपों की मरम्मत व रिबोर का काम बाधित रहा।  चुनाव समाप्त होने के बाद अफसरों को चिलचिलाती गर्मी में खराब हैंडपंपों की याद आई। आधी गर्मी बीतने के बाद अधिकारियों ने फरमान जारी किया है कि खराब हैंडपंपों की मरम्मत व रिबोर कराया जाए, जिससे पानी की समस्या लोगों के सामने न आ सके।

जिले के सत्रह विकास खंडों में लगातार जलस्तर गिरता जा रहा है। इसमें से सदर, शिवगढ़, मानधाता, संडवाचंद्रिका, लक्ष्मणपुर, सांगीपुर, बेलखरनाथ धाम, मानधाता को डार्क जोन घोषित किया जा चुका है। इसके बाद भी जलदोहन के आए दिन गहरी बोरिंग के साथ ही सबमर्सिबल पंप लगाए जा रहे हैं। जल अतिदोहन के कारण इंडिया मार्का हैंडपंप अब पानी छोड़ने लगे हैं। जिससे लोगों के सामने पेयजल संकट गहराता जा रहा है।

नगर पालिका परिषद की बैठक में भी खराब हैंडपंपों के रिबोर व मरम्मत का मुद्दा उठा। जिसमें बताया गया कि रिबोर का काम जलनिगम द्वारा कराए जाने का प्राविधान है। रिबोर योग्य हैंडपंपों की सूची जलनिगम को भेजी जा चुकी है।

जो मरम्मत कराने वाले हैंडपंप हैं। उनकी मरम्मत का काम चल रहा है। ताकि लोगों का पेयजल की किल्लत का सामना न करना पड़े। डीपीआरओ उमाकांत पांडेय ने बताया कि ग्राम पंचायतों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे खराब हैंडपंपों की मरम्मत व रिबोर कराएं।

जिला पंचायत राज अधिकारी उमाकांत पांडेय ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में सर्वे कराकर रिबोर कराने का निर्देश दिया गया है। जो भी हैंडपंप खराब हैं। उनकी मरम्मत कराई जाए। जिन विकास खंडों को डार्क जोन घोषित किया गया हैं। वहां प्राथमिकता के आधार पर ग्राम पंचायतें पेयजल की किल्लत को दूर करने के लिए स्वतंत्र हैं।


नगर पंचायत खुद कराए हैंडपंपों का रिबोर
अपर जिलाधिकारी शत्रोहन वैश्य ने बताया कि जिले में आठ नगर पंचायतें हैं। यदि इन नगर पंचायतों में हैंडपंप रिबोर कराने योग्य है। उस हैंडपंप का रिबोर नगर पंचायत कराए। मरम्मत का कार्य भी नगर पंचायत ही करा सकती है। यदि नगर पंचायत कराने में अक्षम है तो वह जलनिगम को पत्र भेजते हुए धनराशि उपलब्ध कराए।
 
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