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सफर के दौरान ट्रेन में गूंजी किलकारी
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 11 Jul 2016 12:04 AM IST
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दिल्ली से प्रतापगढ़ आ रही पद्मावत एक्सप्रेस में रविवार की सुबह एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। उसे प्रसव पीड़ा से तड़पते देख कोच में सफर कर रहीं महिलाएं आगे आईं और साड़ी-चादर का घेरा बना दिया। बच्ची को जन्म देने की जानकारी होने के बाद पूरे ट्रेन के लोग जुट गए और उसे बधाई देने लगे। बाद में रेल प्रशासन की मदद से महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पट्टी के बरदइता गांव की रीता (28) पत्नी संदीप को बच्चा होने वाला था। शनिवार को वह दिल्ली से पद्मावत एक्सप्रेस से अपने भाई प्रदीप के साथ घर आ रही थी। साथ में उसके दो छोटे बच्चे भी थे। इनका एस वन कोच में आरक्षण था। अमेठी रेलवे स्टेशन से पहले ही रीता को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उसकी हालत देखकर भाई ने कोच की बाकी महिलाओं से मदद मांगी। इसके बाद कई महिलाओं ने चादर और साड़ी का घेरा बना लिया। अमेठी रेलवे स्टेशन के करीब रीता ने एक कन्या को जन्म दिया। किलकारी सुनकर कोच की सभी महिलाएं आकर रीता की मदद करने लगीं। सूचना मिलने पर प्रतापगढ़ में एसएम एसपी पांडेय ने रेलवे अस्पताल के स्टाफ को इसकी जानकारी दी। गाड़ी आने के बाद स्टाफ ने महिला और उसके बच्चे का प्राथमिक उपचार करने के बाद महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार रीता और उसकी बेटी दोनों ही स्वस्थ हैं। परिजनों ने बताया कि रीता का पति संदीप दिल्ली में एक निजी फैक्ट्री में काम करता है। रीता भाई प्रदीप के साथ पद्मावत एक्सप्रेस से घर आ रही थी।
गर्भवती महिलाओं के देखरेख के लिए नहीं है व्यवस्था
सफर के दौरान ट्रेन में अगर गर्भवती महिलाओं की कोई समस्या आती है फौरी तौर पर रेलवे के पास उसका कोई हल नहीं हैं। जब तक कि ऐसा स्टेशन नहीं आ जाता जहां पर चिकित्सीय सुविधा हो तब तक इस तरह की महिलाओं को खतरा मोल लेना होगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो नार्मल डिलेवरी हो जायेगी। वरना इंतजार करना पड़ेगा। सीनियर डीसीएम अजीत सिन्हा का कहना है कि ऐसी महिलाओं के लिये फिलहाल स्टेशन पर ही चिकित्सीय सुविधा दिये जाने का प्रावधान है।
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पट्टी के बरदइता गांव की रीता (28) पत्नी संदीप को बच्चा होने वाला था। शनिवार को वह दिल्ली से पद्मावत एक्सप्रेस से अपने भाई प्रदीप के साथ घर आ रही थी। साथ में उसके दो छोटे बच्चे भी थे। इनका एस वन कोच में आरक्षण था। अमेठी रेलवे स्टेशन से पहले ही रीता को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उसकी हालत देखकर भाई ने कोच की बाकी महिलाओं से मदद मांगी। इसके बाद कई महिलाओं ने चादर और साड़ी का घेरा बना लिया। अमेठी रेलवे स्टेशन के करीब रीता ने एक कन्या को जन्म दिया। किलकारी सुनकर कोच की सभी महिलाएं आकर रीता की मदद करने लगीं। सूचना मिलने पर प्रतापगढ़ में एसएम एसपी पांडेय ने रेलवे अस्पताल के स्टाफ को इसकी जानकारी दी। गाड़ी आने के बाद स्टाफ ने महिला और उसके बच्चे का प्राथमिक उपचार करने के बाद महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार रीता और उसकी बेटी दोनों ही स्वस्थ हैं। परिजनों ने बताया कि रीता का पति संदीप दिल्ली में एक निजी फैक्ट्री में काम करता है। रीता भाई प्रदीप के साथ पद्मावत एक्सप्रेस से घर आ रही थी।
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गर्भवती महिलाओं के देखरेख के लिए नहीं है व्यवस्था
सफर के दौरान ट्रेन में अगर गर्भवती महिलाओं की कोई समस्या आती है फौरी तौर पर रेलवे के पास उसका कोई हल नहीं हैं। जब तक कि ऐसा स्टेशन नहीं आ जाता जहां पर चिकित्सीय सुविधा हो तब तक इस तरह की महिलाओं को खतरा मोल लेना होगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो नार्मल डिलेवरी हो जायेगी। वरना इंतजार करना पड़ेगा। सीनियर डीसीएम अजीत सिन्हा का कहना है कि ऐसी महिलाओं के लिये फिलहाल स्टेशन पर ही चिकित्सीय सुविधा दिये जाने का प्रावधान है।
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