{"_id":"5df3ed278ebc3e87da1765ae","slug":"pratapgarh-hundreds-of-quintal-paddy-drenched-at-purchasing-centers-pratapgarh-news-ald262892910","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतापगढ़: क्रय केंद्रों पर भीगा सैकड़ों क्विंटल धान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतापगढ़: क्रय केंद्रों पर भीगा सैकड़ों क्विंटल धान
विज्ञापन
मंगरौरा ब्लाक के साधन सहकारी समिति बरौली में ढंग से न ढकने के कारण बारिश में भीगा क्रय केन्द्र पर ?
- फोटो : PRATAPGARH
जिले में गुरुवार रात और शुक्रवार को दिन में हुई बरसात से क्रय केंद्रों पर रखा गया सैकड़ों क्विंटल धान भीग गया। केंद्रों बारिश से बचाव के लिए अफसरों ने कोई इंतजाम नहीं किए थे। अव्यवस्था का आलम यह है कि धान को सुरक्षित रखने के लिए न तो पर्याप्त जगह है और न ही कोई व्यवस्था की गई है। विभागीय अफसरों के फोन नहीं उठाने से केंद्र प्रभारियों ने भी कोई ठोस पहल नहीं की है।
जिले में किसानों का धान खरीदने के लिए 56 धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। विभागीय अफसरों ने क्रय केंद्रों का निर्धारण करने में यह भी नहीं देखा कि जो धान खरीदा जाएगा, उसे सुरक्षित कहां रखा जाएगा। दो दिन से हो रही बरसात से अधिकांश क्रय केंद्रों पर धान को सुरक्षित रखने में क्रय केंद्र प्रभारी हाफ गए हैं। बेलखरनाथधाम स्थित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र के बाहर रखा हजारों बोरा धान पानी में भीग गया। सुबह एमआई के पहुंचने पर खुले में रखे धान को पालिथीन डालकर सुरक्षित करने का प्रयास किया जाता रहा।
एमआई ममता वर्मा ने बताया कि लगभग ढाई हजार बोरा धान बाहर रखा हुआ है। तिरपाल और पॉलिथीन मुहैया कराने के लिए विभाग ने कुछ नहीं दिया है। अपनी जेब से खर्च कर धान बचाने के लिए इंतजाम करना पड़ रहा है। मंगरौरा विकास खंड की साधन सहकारी समिति बरौली में किसानों से खरीदा गया धान शुक्रवार को भीगता रहा। समिति के सचिव प्रदीप मौर्य ने बताया कि अभी तक लगभग 1200 क्विंटल धान की खरीदारी हुई है। धान को सुरक्षित रखना ठेकेदार की जिम्मेदारी है। फिलहाल जिले के अधिकांश क्रय केंद्रों पर धान की बोरियां भीगती रहीं।
विज्ञापन
भीगे धान का चावल खाएंगे उपभोक्ता
जिले के किसानों का धान खरीद कर कोटेदारों के माध्यम से उपभोक्ताओं को चावल मुहैया कराया जाता है। विभागीय अफसरों की लापरवाही के चलते धान को सुरक्षित स्थान पर नहीं रखा जा रहा है। इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को उठाना पड़ेगा।
संडवा चंद्रिका केंद्र पर लटकता रहा ताला
खाद्य विभाग के धान क्रय केंद्र संडवा चंद्रिका में शुक्रवार को ताला लटकता रहा। केंद्र पर न तो प्रभारी मिले और न ही कोई कर्मचारी मौजूद था। इससे केंद्र पर आने वाले किसानों को निराश होना पड़ा।
बरसात में धान को सुरक्षित रखने के लिए सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी केंद्र पर धान भीगा हुआ मिलता है तो प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शत्रोहन वैश्य, एडीएम
विज्ञापन
जिले में किसानों का धान खरीदने के लिए 56 धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। विभागीय अफसरों ने क्रय केंद्रों का निर्धारण करने में यह भी नहीं देखा कि जो धान खरीदा जाएगा, उसे सुरक्षित कहां रखा जाएगा। दो दिन से हो रही बरसात से अधिकांश क्रय केंद्रों पर धान को सुरक्षित रखने में क्रय केंद्र प्रभारी हाफ गए हैं। बेलखरनाथधाम स्थित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र के बाहर रखा हजारों बोरा धान पानी में भीग गया। सुबह एमआई के पहुंचने पर खुले में रखे धान को पालिथीन डालकर सुरक्षित करने का प्रयास किया जाता रहा।
विज्ञापन
एमआई ममता वर्मा ने बताया कि लगभग ढाई हजार बोरा धान बाहर रखा हुआ है। तिरपाल और पॉलिथीन मुहैया कराने के लिए विभाग ने कुछ नहीं दिया है। अपनी जेब से खर्च कर धान बचाने के लिए इंतजाम करना पड़ रहा है। मंगरौरा विकास खंड की साधन सहकारी समिति बरौली में किसानों से खरीदा गया धान शुक्रवार को भीगता रहा। समिति के सचिव प्रदीप मौर्य ने बताया कि अभी तक लगभग 1200 क्विंटल धान की खरीदारी हुई है। धान को सुरक्षित रखना ठेकेदार की जिम्मेदारी है। फिलहाल जिले के अधिकांश क्रय केंद्रों पर धान की बोरियां भीगती रहीं।
विज्ञापन
भीगे धान का चावल खाएंगे उपभोक्ता
जिले के किसानों का धान खरीद कर कोटेदारों के माध्यम से उपभोक्ताओं को चावल मुहैया कराया जाता है। विभागीय अफसरों की लापरवाही के चलते धान को सुरक्षित स्थान पर नहीं रखा जा रहा है। इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को उठाना पड़ेगा।
संडवा चंद्रिका केंद्र पर लटकता रहा ताला
खाद्य विभाग के धान क्रय केंद्र संडवा चंद्रिका में शुक्रवार को ताला लटकता रहा। केंद्र पर न तो प्रभारी मिले और न ही कोई कर्मचारी मौजूद था। इससे केंद्र पर आने वाले किसानों को निराश होना पड़ा।
बरसात में धान को सुरक्षित रखने के लिए सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी केंद्र पर धान भीगा हुआ मिलता है तो प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शत्रोहन वैश्य, एडीएम

मंगरौरा ब्लाक के साधन सहकारी समिति बरौली में बारिश में भीगा खुले में रखा धान।- फोटो : PRATAPGARH

रखहा बाजार स्थित धान क्रय केन्द्र पर खुले में रखा बारिश में भीगा धान।- फोटो : PRATAPGARH