प्रतापगढ़ : बच्चों के शवों की अंत्येष्टि को लेकर घंटों हंगामा, घर से सामने दफनाने पर अड़ी थी मां
घर के सामने दोनों बच्चों के शव दफनाने पर अड़ी थी मां, पुलिस ने किसी तरह समझाया। खोदी जाने लगी कब्र, चार घंटे तक मान-मनौवल के बाद खेत में हुआ अंतिम संस्कार। दादा ने मृत बच्चों की मां के नाम उसके हिस्से की जमीन रजिस्ट्री करने का दिया आश्वासन।
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संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के भुन्ना का पुरवा भद्दिव गांव में शुक्रवार को बर्बरतापूर्वक मारे गए दोनों मासूम बच्चों के शवों की अंत्येष्टि को लेकर घंटों हंगामा हुआ। मां दोनों बच्चों के शव घर के सामने ही दफनाने की जिद पर अड़ गई। करीब चार घंटे की मान-मनौवल के बाद पुलिस ने किसी तरह उसे मनाया। तब जाकर दोनों के शव खेत में दफनाए जा सके। उधर, दादा ने बच्चों के हिस्से की जमीन बहू के नाम रजिस्ट्री करने का आश्वासन दिया।
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के भुन्ना का पुरवा भद्दिव गांव में शुक्रवार की सुबह सगे भाई इशांत (8) और कृष्णा (6) की सोते समय ताऊ अशोक पटेल ने हत्या कर दोनों के शवों को पेट्रोल डालकर जला दिया था। शौच के लिए गई मां नीलम लौटने पर दोनों बेटों के जले शव देखकर बदहवास होकर चीखने लगी तब ग्रामीणों को वारदात की जानकारी हो सकी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
शुक्रवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव घर लाए गए। शनिवार की सुबह मां नीलम दोनों बच्चों के शव घर के सामने ही गड्ढा खोदकर दफनाए जाने की जिद पर अड़ गई। इस दौरान नीलम का भाई भी आ गया। मायके पक्ष के रिश्तेदारों ने भी घर के सामने ही शवों को दफनाने की बात कहनी शुरू कर दी। शवों को दफनाने के लिए गड्डा खोदा जाने लगा।
पुलिस ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद किसी तरह लोगों को मनाया। तब जाकर खेत में उनके शव दफनाए जा सके। इस दौरान दादा रामसजीवन पटेल ने बच्चों के हिस्से की जमीन विधवा बहू नीलम के नाम बैनामा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिस जमीन के लिए उसके बेटे अशोक ने उसके दो पौत्रों को मार डाला, वह उसे नहीं मिलेगी।
पैतृक जमीन में हिस्सा न देने के लिए कर दिया भतीजों का कत्ल
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के भुन्ना का पुरवा भद्दिव गांव निवासी अशोक पटेल ने पैतृक जमीन में हिस्सा न देने के लिए अपने ही मासूम भतीजों का बेरहमी से कत्ल कर दिया था। छोटे भाई दिलीप पटेल की मौत के बाद वह उसकी पत्नी नीलम और दो मासूम बच्चों को घर से भगाना चाहता था।
उसकी पत्नी की पखवाड़े भर पहले ही बीमारी से मौत हो गई थी। पहले से हत्या के मुकदमे में फंसे होने के कारण अशोक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित था। भाई की पत्नी व बच्चों को भगाने की कोशिश में नाकाम होने पर उसने दोनों बच्चों की हत्या कर दी। पुलिस ने उसे शनिवार को जेल भेज दिया।
भुन्ना का पुरवा भद्दिव निवासी अशोक पटेल पहले से ही एक हत्या में आरोपी है। बीते दिसंबर में उसकी पत्नी की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद वह अपनी एक बेटी व बेटे के भविष्य को लेकर चिंता करने लगा था। वह चाहता था कि उसकी भयाहू अपने दोनों बेटों को लेकर गांव से चली जाए। इसके लिए वह कई बार विवाद करने के साथ ही उसे धमकाता रहा। इसके बाद भी जब उसे सफलता नहीं मिली तो उसने भतीजों को ठिकाने लगाने की योजना बनानी शुरू कर दी।
उसकी मंशा भांपकर विधवा भयाहू नीलम ने अपने बड़े बेटे इशांत को मायके भेज दिया था। कुछ दिन पहले चौथ पर वह नाना के साथ घर आया था। इसके बाद मां ने उसे रोक लिया। इसके बाद से अशोक मौके की ताक में था। शुक्रवार सुबह भयाहू के शौच जाने पर उसे मौका मिला। उसने कमरे में घुसकर बेड पर सो रहे दोनों बच्चों को जलाकर मार डाला।
पुलिस की पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह नहीं चाहता था कि पिता की जमीन में तीन हिस्से लगें। पहले से चल रहे हत्या के मामले में उसे जेल तो जाना ही था। ऐसे में उसने दोनों भतीजों को रास्ते से हटा दिया। पुलिस ने शनिवार को लिखापढ़ी कर उसे जेल भेज दिया।क्ष्