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आसमान से बरसा सोना
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 19 Jan 2016 11:58 PM IST
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रिमझिम बरसात से ठंड भले ही बढ़ गई है, मगर पानी की एक-एक बूंद गेहूं की फसल के लिए संजीवनी है। पांच माह बाद हुई बरसात का पानी सिर्फ गेहूं की फसल के लिए ही नहीं, बल्कि रबी की सभी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
मंगलवार को हुई झमाझम बारिस से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। पांच माह माह बाद हुई बरसात से रबी की फसलों के लिए आसमान से सोना बरसा है। पूर्व के वर्षों में अक्तूबर और नवंबर माह में बरसात होती थी। मगर इस वर्ष किसान पानी बरसने का इंतजार करते रह गए।
मंगलवार को आसमान में छाए बादलों को देखकर भी ऐसा नहीं लगता था कि बरसात इतनी अच्छी होगी। मगर दिनभर हुई बरसात से किसानों के चेहरे खिल गए। जिला कृषि अधिकारी डीपी सिंह की मानें तो रिमझिम बरसात रबी की फसलों के लिए काफी लाभदायक है। उन्होंने बताया कि इस बरसात से एक-एक बूंद पानी जमीन की सतह में जाएगा। जबकि तेज रफ्तार से पानी बरसने पर खेत से पानी निकल जाता है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को हुई बरसात गेहूं की फसल के लिए संजीवनी है। उन्होंने बताया कि यह पानी किसी भी फसल के लिए नुकसानदेय नहीं है। जिन फसलों की सिंचाई हुई है, उन फसलों को भी बारिश का पानी नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
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मंगलवार को हुई झमाझम बारिस से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। पांच माह माह बाद हुई बरसात से रबी की फसलों के लिए आसमान से सोना बरसा है। पूर्व के वर्षों में अक्तूबर और नवंबर माह में बरसात होती थी। मगर इस वर्ष किसान पानी बरसने का इंतजार करते रह गए।
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मंगलवार को आसमान में छाए बादलों को देखकर भी ऐसा नहीं लगता था कि बरसात इतनी अच्छी होगी। मगर दिनभर हुई बरसात से किसानों के चेहरे खिल गए। जिला कृषि अधिकारी डीपी सिंह की मानें तो रिमझिम बरसात रबी की फसलों के लिए काफी लाभदायक है। उन्होंने बताया कि इस बरसात से एक-एक बूंद पानी जमीन की सतह में जाएगा। जबकि तेज रफ्तार से पानी बरसने पर खेत से पानी निकल जाता है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को हुई बरसात गेहूं की फसल के लिए संजीवनी है। उन्होंने बताया कि यह पानी किसी भी फसल के लिए नुकसानदेय नहीं है। जिन फसलों की सिंचाई हुई है, उन फसलों को भी बारिश का पानी नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
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