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शीतलहर की चपेट में बेल्हा, तीन की मौत
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 19 Jan 2016 11:57 PM IST
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शरीर में तीर की तरह चुभ रहीं पछुआ हवाओं के बाद मंगलवार को दिनभर हुई बारिश से ठंड अब कातिल हो गई है। जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है। गलन के कारण लोगों का बुरा हाल है। हर जगह लोग ठिठुरते नजर आ रहे हैं। सुबह पछुआ हवाओं के चलने से लोग ठिठुर रहे थे। हवाओं के स्थिर होते ही रिमझिम बरसात शुरू हो गई। यह क्रम देर शाम तक चलता रहा। उधर, कुंडा इलाके में ठंड से तीन लोगों की मौत हो गई।
सुबह करीब सवा नौ बजे से प्रारंभ हुई रिमझिम बरसात का क्रम देर शाम तक जारी रहा। इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा, वहीं ठंड का स्वरूप भी भयानक हो गया। सोमवार से आसमान में छाए बादलों ने मंगलवार को अचानक करवट बदली और करीब नौ बजे पछुआ हवाओं के स्थिर होते ही बरसात शुरू हो गई। दिनभर कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश होती रही।बारिश से तापमान में आई गिरावट से शाम होते ही लोग घरों में दुबक गए। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले भी पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढंके नजर आए। दिनभर रिमझिम बरसात का असर यह रहा कि शाम पांच बजते ही शहर की सड़कों पर सन्नाटा दिखने लगा। बाजारों में सिर्फ सब्जी की दुकानों पर ग्राहक दिख रहे थे। पंजाबी मार्केट और चौक की दुकानें सूनी रहीं। गांव से शहर आने वाले लोगों को घर पहुंचने की जल्दी रही। लोग अपना काम किसी तरह निपटाकर घर जाने के लिए आतुर दिखे।
उधर, कुंडा क्षेत्र के गोतनी गांव निवासी जवाहरलाल गौतम (58) पुत्र नंदन गौत के घर मेें कुछ दिन पहले आग लग गई थी। इससे वह खेत में छप्पर डालकर रह रहा था। सोमवार रात उसे ठंड लगी और सुबह मौत हो गई। इसी तरह बाबागंज के झींगुर बसनी का पुरवा गांव निवासी रामदुलारे सरोज (52) पुत्र भगौती सरोज को सोमवार को ठंड लग गई थी। वह दवा आदि ले आया था, लेकिन मंगलवार को उसकी मौत हो गई। कुंडा के ही दुलुआमई गांव निवासी रामकिशुन (45) पुत्र शक्तिदीन पटेल ने सोमवार की शाम खेत में पानी लगाया था। रात में उसे ठंड से उसकी भी मौत हो गई।
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सुबह करीब सवा नौ बजे से प्रारंभ हुई रिमझिम बरसात का क्रम देर शाम तक जारी रहा। इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा, वहीं ठंड का स्वरूप भी भयानक हो गया। सोमवार से आसमान में छाए बादलों ने मंगलवार को अचानक करवट बदली और करीब नौ बजे पछुआ हवाओं के स्थिर होते ही बरसात शुरू हो गई। दिनभर कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश होती रही।बारिश से तापमान में आई गिरावट से शाम होते ही लोग घरों में दुबक गए। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले भी पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढंके नजर आए। दिनभर रिमझिम बरसात का असर यह रहा कि शाम पांच बजते ही शहर की सड़कों पर सन्नाटा दिखने लगा। बाजारों में सिर्फ सब्जी की दुकानों पर ग्राहक दिख रहे थे। पंजाबी मार्केट और चौक की दुकानें सूनी रहीं। गांव से शहर आने वाले लोगों को घर पहुंचने की जल्दी रही। लोग अपना काम किसी तरह निपटाकर घर जाने के लिए आतुर दिखे।
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उधर, कुंडा क्षेत्र के गोतनी गांव निवासी जवाहरलाल गौतम (58) पुत्र नंदन गौत के घर मेें कुछ दिन पहले आग लग गई थी। इससे वह खेत में छप्पर डालकर रह रहा था। सोमवार रात उसे ठंड लगी और सुबह मौत हो गई। इसी तरह बाबागंज के झींगुर बसनी का पुरवा गांव निवासी रामदुलारे सरोज (52) पुत्र भगौती सरोज को सोमवार को ठंड लग गई थी। वह दवा आदि ले आया था, लेकिन मंगलवार को उसकी मौत हो गई। कुंडा के ही दुलुआमई गांव निवासी रामकिशुन (45) पुत्र शक्तिदीन पटेल ने सोमवार की शाम खेत में पानी लगाया था। रात में उसे ठंड से उसकी भी मौत हो गई।
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