{"_id":"c4e77f23e50224ca98e30c4db1ff3d72","slug":"pratapgarh-hindi-news-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब बिना मौसम की फसल उगाएंगे किसान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब बिना मौसम की फसल उगाएंगे किसान
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 19 Jan 2016 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले के किसानों के लिए खुशखबरी। अब बेल्हा के भी किसान बिना मौसम की फसलों की खेती आसानी से कर सकेंगे। इसके लिए उद्यान विभाग ग्रीन हाउस और नेट हाउस प्रोजेक्ट लेकर आया है। इसके तहत विभाग किसानों को बिना मौसम की फसलों की खेती करने के तौर-तरीके बताएगा। समय-समय पर उनको विभाग की तरफ से सुझाव भी दिया जाएगा। इस तरह की खेती पर सरकार अनुदान भी देगी।
अभी तक जिले में मौसम के हिसाब से ही फसलों और सब्जियों की खेती होती है। बिना मौसम के फल, सब्जियां और अन्य चीजें बाहर से ही मंगाई जाती हैं। उद्यान विभाग की पहल पर ग्रीन हाउस और नेट हाउस के माध्यम से अब जिले के किसान भी बिना मौसम के फलों-सब्जियों आदि की खेती कर सकेंगे। ग्रीन और नेट हाउस अल्ट्रावायलेट पालीथिन का बना होता है और चादर के रूप में होता है। इसे खेतों में ऊपर से टांग दिया जाता है। इससे बरसात के समय में फसल खराब होने का डर नहीं होता है। बरसात का पानी खेत में नहीं गिरता है और कीड़े मकोड़ों का भी खतरा नहीं रहता है। गर्मी में यह तापमान को भी नियंत्रित रखेगा।
इससे किसान खेती करके अधिक कमाई कर सकते हैं। ग्रीन हाउस पर 935 रुपये प्रतिवर्ग व नेट हाउस पर 710 रुपये प्रतिवर्ग मीटर का खर्च आ रहा है। इस पर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान सरकार देगी। शासन ने जिले में दो हजार वर्ग मीटर जमीन पर इस तरह की खेती के लिए मंजूरी दी है। जिला उद्यान अधिकारी आरबी सिंह ने बताया कि इसके लिए किसान सीधे विभाग में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान ही किसानों को सुझाव और तरीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अगर आवेदन आना शुरू हुआ तो इसके लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा और 2 हजार वर्ग मीटर से अधिक जमीन पर इस तरह की खेती के लिए अनुमति मांगी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभी तक जिले में मौसम के हिसाब से ही फसलों और सब्जियों की खेती होती है। बिना मौसम के फल, सब्जियां और अन्य चीजें बाहर से ही मंगाई जाती हैं। उद्यान विभाग की पहल पर ग्रीन हाउस और नेट हाउस के माध्यम से अब जिले के किसान भी बिना मौसम के फलों-सब्जियों आदि की खेती कर सकेंगे। ग्रीन और नेट हाउस अल्ट्रावायलेट पालीथिन का बना होता है और चादर के रूप में होता है। इसे खेतों में ऊपर से टांग दिया जाता है। इससे बरसात के समय में फसल खराब होने का डर नहीं होता है। बरसात का पानी खेत में नहीं गिरता है और कीड़े मकोड़ों का भी खतरा नहीं रहता है। गर्मी में यह तापमान को भी नियंत्रित रखेगा।
विज्ञापन
इससे किसान खेती करके अधिक कमाई कर सकते हैं। ग्रीन हाउस पर 935 रुपये प्रतिवर्ग व नेट हाउस पर 710 रुपये प्रतिवर्ग मीटर का खर्च आ रहा है। इस पर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान सरकार देगी। शासन ने जिले में दो हजार वर्ग मीटर जमीन पर इस तरह की खेती के लिए मंजूरी दी है। जिला उद्यान अधिकारी आरबी सिंह ने बताया कि इसके लिए किसान सीधे विभाग में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान ही किसानों को सुझाव और तरीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अगर आवेदन आना शुरू हुआ तो इसके लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा और 2 हजार वर्ग मीटर से अधिक जमीन पर इस तरह की खेती के लिए अनुमति मांगी जाएगी।
विज्ञापन