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प्रतापगढ :पहले पुलिस से दोस्ती, फिर नजरअंदाज करना तौफीक को पड़ा भारी
Mon, 18 Oct 2021 11:37 PM IST
विनोद सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 18 Oct 2021 11:37 PM IST
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Pratapgarh News : तौफीक के घर सांत्वना देने पहुंचे सपा के लोग।
- फोटो : Pratapgarh
लालगंज के बाबूतारा में पुलिस की गोली से मरे बदमाश तौफीक उर्फ बब्बू के मोबाइल में पुलिस के भी कई राज छुपे हैं। सूत्रों का कहना है कि उसकी कुछ पुलिसकर्मियों से बातचीत होती थी। यदि मोबाइल नंबर के सीडीआर और व्हाट्सएप काल के साथ मैसेज खंगाले जाएं तो हकीकत सामने आ जाएगी। उधर, शनिवार की रात स्वॉट टीम के पांच पुलिसकर्मी उसकी तलाश में दबिश देने गए थे। मुठभेड़ के दौरान बदमाश गोली लगने के बाद कुएं में गिर गया। उसके साथ एक सिपाही भी कुंए में गिर गया था। काफी मशक्कत के बाद वह बाहर निकल सका था।
लालगंज कोतवाली के बाबूतारा निवासी बदमाश तौफीक उर्फ बब्बू का करीब साल भर से पुलिस से याराना था। इलाके के लोगों के अनुसार स्वॉट टीम व लालगंज कोतवाली के जिम्मेदारों के संपर्क में आने के बाद वह सिपाहियों को नजरअंदाज करने लगा था। वह पुलिस के जिम्मेदारों से बातचीत भी करता था। मोबाइल से व्हाट्सएप काल करने के साथ ही मैसेज से जरूरी बातें करता था। तौफीक का अचानक कन्नी काटना सिपाहियों को बर्दाश्त नहीं हो रहा था।
सूत्रों के अनुसार बाबूतारा में शनिवार की रात दबिश देने के लिए स्वॉट टीम के पांच सिपाही गए थे। चर्चाओं के अनुसार, स्वॉट टीम की दबिश के दौरान तौफीक भागने लगा। इस दौरान पुलिस की फायरिंग में उसे गोली लग गई। हालांकि, पुलिस मुठभेड़ और फायरिंग में सिपाही सत्यम यादव व श्रीराम सिंह के घायल होने का दावा कर रही है। पुलिस की गोली से बदमाश तौफीक घायल हो गया और वह खेत में स्थित कुएं में गिर गया। पीछा कर रहा एक सिपाही भी कुएं में गिर गया था।
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जिसे साथी पुलिसकर्मियों ने मशक्कत के बाद बांस के सहारे निकाला। शोरशराबा व फायरिंग होने पर गांव के लोग एकत्र होने लगे थे। यह देख दबिश देने गई स्वॉट टीम वहां से भाग निकली। चूंकि गोली लगने से घायल तौफीक को सिपाही ने करीब से देखा था। इसलिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के बाद सिपाहियों ने लालगंज पुलिस को जानकारी दी। तब लालगंज पुलिस के साथ कई थानाध्यक्ष व पुलिस अधिकारियों का बाबूतारा पहुंचना प्रारंभ हुआ।
भाग रहा है, पैर में मारना गोली की आई थीं आवाजें
बाबूतारा में सालभर के भीतर पुलिस के चलते दो लोगों की जान चली गई। पुलिस से गांव के लोग बुरी तरह सहमे हुए हैं। नाम न छापने की शर्त पर पड़ोसियों ने बताया कि रात में पुलिसवालों के आने की आहट कुत्तों के भौंकने से मिल गई। पुलिस के करीब पहुंचते ही तौफीक अपने मकान की छत से कूदकर भागने लगा। तभी पुलिस वालों की ओर से आवाज आई कि भाग रहा है पैर में गोली मारो। भागकर जाने न पाए। इसके बाद तीन राउंड फायरिंग की आवाज व चीख सुनाई पड़ी। पुलिस के जाने के बाद घायल तौफीक को ग्रामीणों की मदद से कुएं से निकालकर परिजन उपचार के लिए ले गए।
अचानक 4 से 15 हो गई मुकदमों की संख्या
लालगंज कोतवाली के बाबूतारा निवासी बदमाश तौफीक उर्फ बब्बू से पुलिस मुठभेड़ के बाद सांगीपुर व लालगंज में चार मुकदमे दर्ज होने की बात बताई जा रही थी। सोमवार को पुलिस की ओर से फिर तौफीक के आपराधिक इतिहास की जानकारी दी गई। जिसमें उसके खिलाफ प्रयागराज, अमेठी, सुलतानपुर में 11 अन्य मुकदमे दर्ज होने का दावा किया गया। अधिकांश मुकदमे धोखाधड़ी के हैं। केवल एक मुकदमा सुलतानपुर में गैंगस्टर का है। कौन-कौन से मामले में वह वांछित था, इसकी जानकारी पुलिस के पास नहीं है।
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लालगंज कोतवाली के बाबूतारा निवासी बदमाश तौफीक उर्फ बब्बू का करीब साल भर से पुलिस से याराना था। इलाके के लोगों के अनुसार स्वॉट टीम व लालगंज कोतवाली के जिम्मेदारों के संपर्क में आने के बाद वह सिपाहियों को नजरअंदाज करने लगा था। वह पुलिस के जिम्मेदारों से बातचीत भी करता था। मोबाइल से व्हाट्सएप काल करने के साथ ही मैसेज से जरूरी बातें करता था। तौफीक का अचानक कन्नी काटना सिपाहियों को बर्दाश्त नहीं हो रहा था।
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सूत्रों के अनुसार बाबूतारा में शनिवार की रात दबिश देने के लिए स्वॉट टीम के पांच सिपाही गए थे। चर्चाओं के अनुसार, स्वॉट टीम की दबिश के दौरान तौफीक भागने लगा। इस दौरान पुलिस की फायरिंग में उसे गोली लग गई। हालांकि, पुलिस मुठभेड़ और फायरिंग में सिपाही सत्यम यादव व श्रीराम सिंह के घायल होने का दावा कर रही है। पुलिस की गोली से बदमाश तौफीक घायल हो गया और वह खेत में स्थित कुएं में गिर गया। पीछा कर रहा एक सिपाही भी कुएं में गिर गया था।
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जिसे साथी पुलिसकर्मियों ने मशक्कत के बाद बांस के सहारे निकाला। शोरशराबा व फायरिंग होने पर गांव के लोग एकत्र होने लगे थे। यह देख दबिश देने गई स्वॉट टीम वहां से भाग निकली। चूंकि गोली लगने से घायल तौफीक को सिपाही ने करीब से देखा था। इसलिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के बाद सिपाहियों ने लालगंज पुलिस को जानकारी दी। तब लालगंज पुलिस के साथ कई थानाध्यक्ष व पुलिस अधिकारियों का बाबूतारा पहुंचना प्रारंभ हुआ।
भाग रहा है, पैर में मारना गोली की आई थीं आवाजें
बाबूतारा में सालभर के भीतर पुलिस के चलते दो लोगों की जान चली गई। पुलिस से गांव के लोग बुरी तरह सहमे हुए हैं। नाम न छापने की शर्त पर पड़ोसियों ने बताया कि रात में पुलिसवालों के आने की आहट कुत्तों के भौंकने से मिल गई। पुलिस के करीब पहुंचते ही तौफीक अपने मकान की छत से कूदकर भागने लगा। तभी पुलिस वालों की ओर से आवाज आई कि भाग रहा है पैर में गोली मारो। भागकर जाने न पाए। इसके बाद तीन राउंड फायरिंग की आवाज व चीख सुनाई पड़ी। पुलिस के जाने के बाद घायल तौफीक को ग्रामीणों की मदद से कुएं से निकालकर परिजन उपचार के लिए ले गए।
अचानक 4 से 15 हो गई मुकदमों की संख्या
लालगंज कोतवाली के बाबूतारा निवासी बदमाश तौफीक उर्फ बब्बू से पुलिस मुठभेड़ के बाद सांगीपुर व लालगंज में चार मुकदमे दर्ज होने की बात बताई जा रही थी। सोमवार को पुलिस की ओर से फिर तौफीक के आपराधिक इतिहास की जानकारी दी गई। जिसमें उसके खिलाफ प्रयागराज, अमेठी, सुलतानपुर में 11 अन्य मुकदमे दर्ज होने का दावा किया गया। अधिकांश मुकदमे धोखाधड़ी के हैं। केवल एक मुकदमा सुलतानपुर में गैंगस्टर का है। कौन-कौन से मामले में वह वांछित था, इसकी जानकारी पुलिस के पास नहीं है।