Pratapgarh Double Murder : पोस्टमार्टम में सिर की हड्डियां दस टुकड़ों में मिली, जान निकलने तक पीटते रहे कातिल
पुलिस की पूछताछ में दूल्हे मनोज ने बताया कि डांस करते समय सभी नशे की हालत में थे। अचानक इंद्रजीत उर्फ इंद्रप्रीत डांस करते समय गिर पड़ा। उसे उठाने के लिए दूल्हे के गांव से आए बराती आगे बढ़े। इंद्रजीत को लगा कि उन्हीं लोगों ने धक्का देकर उसे गिराया है।
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लालगंज कोतवाली के चकौड़िया में शनिवार की रात बरात में डांस के दौरान जमीन पर गिरे पंजाब से आए इंद्रजीत को जब लोगों ने उठाया तो उसने कड़े से हमला कर दिया। चोट लगने से गुस्साए बरातियों के एक गुट ने बदला लेने की ठान ली, जिसका नतीजा रहा कि दो की जान चली गई।
पुलिस की पूछताछ में दूल्हे मनोज ने बताया कि डांस करते समय सभी नशे की हालत में थे। अचानक इंद्रजीत उर्फ इंद्रप्रीत डांस करते समय गिर पड़ा। उसे उठाने के लिए दूल्हे के गांव से आए बराती आगे बढ़े। इंद्रजीत को लगा कि उन्हीं लोगों ने धक्का देकर उसे गिराया है। खड़े होते ही इंद्रजीत ने लोगों पर हमला कर दिया। हाथ के कड़े से दो बरातियों को चोट लग गई, जिसे लेकर तनाव बढ़ गया था।
नशे में धुत आरोपी विवाह स्थल से करीब पांच सौ मीटर दूर इंद्रजीत व उसके साथियों से बदला लेने के लिए घात लगाकर बैठ गए। इधर से पहुंचे इंद्रजीत उर्फ इंद्रप्रीत, पवनदीप और विशाल को बांस के फट्टे से सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार किया। बेदम होने पर भी सिर पर ही प्रहार करते रहे। विशाल सिर में चोट लगने के बाद वहां से शोर मचाते हुए भाग निकला। गंभीर रूप से घायल इंद्रजीत व पवनदीप की मौत हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों के सिर पर ही चोट लगने की बात सामने आई है। गहरे घाव के साथ दोनों के सिर की हड्डियां सात से लेकर दस टुकड़ों में मिली हैं। जबकि दोनों के शरीर में कहीं और चोट के निशान नहीं मिले।
रोकती रही ममता, जोश में नहीं माना इंद्रजीत
इंद्रजीत की शादी रायबरेली के करहिया रतासो के रहने वाले धीरज की बहन के साथ हुई थी। बरातियों में पंजाब से आए इंद्रजीत के साथियों का एक गुट था। दूसरा गुट दूल्हे मनोज के गांव के लोगों का था। मनोज के अनुसार विवाद के बाद गांव के लोगों का पक्ष वहां से चला गया। इस बीच इंद्रजीत अपने साथियों संग निकलने लगा तो ममता व अन्य लोगों ने रोका। आशंका थी दूसरे पक्ष के लोग हमला करने के लिए रुके ने हों। मगर इंद्रजीत जोश में रुका नहीं। वह पवनदीप, विशाल समेत कुछ अन्य साथियों के साथ पैदल ही जाने लगा।