Pratapgarh Double Murder : उदयराज अंधा हो गया था इश्क में...बोला- मेरी नहीं तो दूसरे की भी न होने दूंगा
ज्योति ने मदाफरपुर में इंटर तक की पढ़ाई की थी। लेकिन नाना के घर उसका आना-जाना लगा रहता था। ग्रामीणों के अनुसार दोनों का मिलना-जुलना होता रहा। इसकी जानकारी उनके परिवार के लोगों को भी थी। सूत्रों के अनुसार उदयराज शादी के पहले ही घटना को अंजाम देने की फिराक में था।
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शादी के लिए उदयराज काफी समय से ज्योति पर दबाव बना रहा था। धमकाया था कि वह उससे शादी नहीं करेगी तो दूसरे की भी नहीं होने देगा। इस अंधेपन का दुष्परिणाम रहा कि ज्योति को मारा और खुदकुशी भी की।
चंदुआडीह निवासी पप्पू वर्मा की पत्नी गीता ने मायके सिंगठी खालसा में ही ज्योति को जन्म दिया था। नाना हरिशंकर वर्मा व मामा मनीष संग परिवार के लोगाें ने बचपन से उसकी परवरिश की थी। कक्षा आठ तक की शिक्षा गांव के करीब स्थित प्राइवेट स्कूल में ग्रहण की। उसके साथ ही उदयराज भी पढ़ता था। पढ़ाई के दौरान दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी, जो समय के साथ प्यार में बदल गई।
ज्योति ने मदाफरपुर में इंटर तक की पढ़ाई की थी। लेकिन नाना के घर उसका आना-जाना लगा रहता था। ग्रामीणों के अनुसार दोनों का मिलना-जुलना होता रहा। इसकी जानकारी उनके परिवार के लोगों को भी थी। सूत्रों के अनुसार उदयराज शादी के पहले ही घटना को अंजाम देने की फिराक में था। लेकिन पप्पू वर्मा जिस राजीव उपाध्याय के मकान में रहते हैं, उसी मकान में एक सिपाही भी रहते हैं। पकड़े जाने का डर था।
उदयराज ने 11वीं तक पढ़ाई करने के बाद छोड़ दिया था। मौजूदा समय में वह वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग सीख रहा था। पिता श्रीराम वर्मा मजदूरी करते हैं। बड़ा भाई अभयराज ट्रक चलाता है। बहन सुधा की शादी अतरसंड में हुई है।
शादी के लिए उदयराज काफी समय से ज्योति पर दबाव बना रहा था। जिसे लेकर दोनों परिवारों के बीच तनातनी भी रहती थी। उदयराज की मां श्रीमती देवी के अनुसार दोनों के बीच सात साल से नजदीकी थी। वे एक-दूसरे से बात करते थे। सोमवार को करीब 12 बजे वह घर से निकला था लेकिन लौटकर नहीं आया।
ग्रामीणों के अनुसार ज्योति की शादी होने की जानकारी पर भी उदयराज ने परिवार के लोगों को समझाने का प्रयास किया। ज्योति को धमकाया भी, जिसकी भनक दोनों परिवारों को भी हुई। लेकिन बात को नजरअंदाज कर दिया गया।
सदिया कर देतेन तौ आज इ दिन न देखित
का भैया इ सब कैसेन होइ गवा। हमार लाल तौ चला गवा। यह कहते हुए मृतक उदयराज की मां श्रीमती देवी की आंखों से आंसू बहने लगते। आगे बोली कि लड़कियां कय मामा मनीष धमकी देत रहेन कि उदयराज का सुधार लिया। नाही तो अंजाम ठीक न होइ। मान गवा होतेन सदिया कर देतेन तौ आज इ दिन न देखित।
लोगों के सहयोग से बेटी के हाथ किए थे पीले
चंदुआडीह निवासी पप्पू वर्मा ट्रक चलाकर परिवार का गुजर बसर करता थे। करीब दस साल पहले दुर्घटना में घायल होने के बाद मनोरोगी हो गए। पत्नी गीता बाजार में मजदूरी कर परिवार का गुजर बसर करती हैं। बेटा दीपक भी घर के काम में हाथ बंटाता है। छोटी बहन घर पर ही रहती है। ज्योति की शादी में बाजार के लोगों ने पप्पू का सहयोग किया था।