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छिपाएं नहीं पुरानी बीमारीः शुगर, ब्लड प्रेशर की समस्या है तो कोरोना की चपेट में आने के बाद तुरंत डाक्टरों को बताएं
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pratapgarh corona news
-होम आइसोलेट व्यापारी को थी मधुमेह की बीमारी, नहीं दी थी जानकारी, चली गई जान
प्रतापगढ़। आप कोरोना संक्रमण की गिरफ्त में आने के बाद पहले से हुई बीमारी के बारे में स्वास्थ्य विभाग को पूरी जानकारी दें। यदि पहले किसी बीमारी से आप ग्रसित हैं और उसे छिपाते हैं तो आप की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। लिहाजा बीमारी छिपाने से बचें।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए सरकार ने संक्रमित लोगों को घरों में ही आइसोलेट करने की छूट दे दी। होम आइसोलेशन में संक्रमित लोगों को अपनी पुरानी बीमारी बताने के साथ ही हर दिन स्वास्थ्य के बारे में संबंधित डॉक्टर को सूचना देनी होती है। ताकि उनकी निगरानी हो सके।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अरविंद श्रीवास्तव का दावा है कि होम आइसोलेट होने वाले संक्रमित मरीज अपनी बीमारी छिपा लेते हैं। जबकि सभी से बार-बार पूछताछ की जाती है। बीमारी छिपाने से उनका सही उपचार नहीं हो पाता। ऐसी दशा में संक्रमित लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है।
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नगर के नया मालगोदाम रोड निवासी सीमेंट सरिया कारोबारी कोरोना संक्रमित मिला था। उसने अपनी मधुमेह की बीमारी छिपा ली थी। जिसके चलते उसके उपचार के दौरान मधुमेह से संबंधित दवाएं नहीं दी जा सकीं। संक्रमित लोगों को किसी भी हाल में बीमारी छिपाने की जरूरत नहीं है। बीमारी छिपाने से उनकी जिंदगी पर संकट आ सकता है। उधर, स्वास्थ्य विभाग की भी लापरवाही भी देखने को मिल रही रही है। स्वास्थ्य विभाग भले ही संक्रमित लोगों के स्वास्थ्य की हर दिन जानकारी लेने का दावा करता हो, लेकिन हकीकत इससे इतर है। स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी नहीं लेते हैं।
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प्रतापगढ़। आप कोरोना संक्रमण की गिरफ्त में आने के बाद पहले से हुई बीमारी के बारे में स्वास्थ्य विभाग को पूरी जानकारी दें। यदि पहले किसी बीमारी से आप ग्रसित हैं और उसे छिपाते हैं तो आप की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। लिहाजा बीमारी छिपाने से बचें।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए सरकार ने संक्रमित लोगों को घरों में ही आइसोलेट करने की छूट दे दी। होम आइसोलेशन में संक्रमित लोगों को अपनी पुरानी बीमारी बताने के साथ ही हर दिन स्वास्थ्य के बारे में संबंधित डॉक्टर को सूचना देनी होती है। ताकि उनकी निगरानी हो सके।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अरविंद श्रीवास्तव का दावा है कि होम आइसोलेट होने वाले संक्रमित मरीज अपनी बीमारी छिपा लेते हैं। जबकि सभी से बार-बार पूछताछ की जाती है। बीमारी छिपाने से उनका सही उपचार नहीं हो पाता। ऐसी दशा में संक्रमित लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है।
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नगर के नया मालगोदाम रोड निवासी सीमेंट सरिया कारोबारी कोरोना संक्रमित मिला था। उसने अपनी मधुमेह की बीमारी छिपा ली थी। जिसके चलते उसके उपचार के दौरान मधुमेह से संबंधित दवाएं नहीं दी जा सकीं। संक्रमित लोगों को किसी भी हाल में बीमारी छिपाने की जरूरत नहीं है। बीमारी छिपाने से उनकी जिंदगी पर संकट आ सकता है। उधर, स्वास्थ्य विभाग की भी लापरवाही भी देखने को मिल रही रही है। स्वास्थ्य विभाग भले ही संक्रमित लोगों के स्वास्थ्य की हर दिन जानकारी लेने का दावा करता हो, लेकिन हकीकत इससे इतर है। स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी नहीं लेते हैं।