फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Pratapgarh: By opening a mobile shop, Mithlesh had duped people of lakhs

प्रतापगढ़ : मोबाइल की दुकान खोलकर मिथलेश ने लगाया था लोगों को लाखों का चूना

Mon, 04 Jul 2022 12:47 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 04 Jul 2022 12:47 AM IST
सार

पट्टी कोतवाली के मजीठी निवासी मिथलेश प्रजापति बरेली में स्नातक की पढ़ाई करने के बाद पट्टी कस्बे में दस साल पहले मोबाइल की दुकान खोली थी। ग्रामीणो के अनुसार मोबाइल की दुकान चलाने के दौरान उसने सात लोगों से पांच लाख रुपये उधार ले लिया था

विज्ञापन
Pratapgarh: By opening a mobile shop, Mithlesh had duped people of lakhs
arrested - फोटो : Social Media

विस्तार

जल जीवन मिशन योजना में बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला मिथलेश प्रजापति पट्टी के लोगों को भी लाखों का चूना लगा चुका है। लोगों से रुपये लेने के बाद वह फरार हो गया। फरारी के दौरान वह अपने परिवार के पास बरेली जाकर रहने लगा। सात साल से वह घर नहीं लौटा। ठगी के करतूत से परिवार के लोग हैरत में हैं। जबकि बाबा व पिता दोनों सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त हुए हैं। 

विज्ञापन



पट्टी कोतवाली के मजीठी निवासी मिथलेश प्रजापति बरेली में स्नातक की पढ़ाई करने के बाद पट्टी कस्बे में दस साल पहले मोबाइल की दुकान खोली थी। ग्रामीणो के अनुसार मोबाइल की दुकान चलाने के दौरान उसने सात लोगों से पांच लाख रुपये उधार ले लिया था। उनके रुपये वापस नहीं कर रहा था। अधिक दबाव बढ़ने पर वह घर से भागकर अपने पिता के पास बरेली चला गया। फिर वापस नहीं लौटा। उसने जिन लोगों से रुपये लिया था। वह बाबा रामदुलार से जाकर तगादा करते रहे। सेवानिवृत्त पिता माता प्रसाद से भी फोन पर संपर्क कर रुपये मांगते।
विज्ञापन



परिवार के लोगों के दबाव पर मिथलेश के पिता माता प्रसाद ने कुछ लोगों को रुपया दे दिया। इस घटना के बाद मिथलेश पैतृक घर नहीं लौटा। पिता माता प्रसाद के अनुसार वह करीब चार साल से घर पर भी कम आता था। साल भर में एक दो दिन के लिए ही वह घर आता था। पूछने पर कोई जवाब नहीं देता था। इस बीच वह लखनऊ व शाहजहांपुर में जल जीवन मिशन योजना के तहत बेरोजगारों से नौकरी दिलाने का नाम पर ठगी कर रुपये वसूलता रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

साथियों की मदद से मिथलेश ने पूरा नेटवर्क फैला रखा था। फिलहाल शनिवार को शाहजहांपुर पुलिस के हत्थे चढ़े मिथलेश प्रजापति के तार प्रतापगढ़ से जुड़े होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने जांच पड़ताल की। मगर यहां कोई सुराग नहीं मिला और न ही उसका कोई साथी ही मिला। परिवार के लोग भी उसकी करतूत सुनकर हैरत में पड़ गए। मजीठी में उसके चाचा कड़े प्रसाद, रोहित कुमार व बाबा रामदुलार रहते हैं। बाबा रामदुलार ने बताया कि मिथलेश का सालों से कोई पता नहीं है। न ही उससे किसी की बात होती है।


पिता को पुलिस कार्रवाई की नहीं थी जानकारी
रविवार को बेटे मिथलेश प्रजापति की बाबत जब पूछा गया तो पिता माता प्रसाद प्रजापति बोल पड़े कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है। रेल विभाग के इंजीनियरिंग विभाग से सेवानिवृत्त माता प्रसाद व उसका पूरा परिवार मिथलेश की करतूत से खुद को शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं। मिथलेश की पत्नी व बेटी भी बरेली में सास ससुर के रहती हैं। माता प्रसाद ने बताया कि जब कभी मिथलेश से बात होती तो वह यही बताता कि प्राइवेट काम के सिलसिले में बाहर जाना पड़ता है। इसलिए घर आने का समय नहीं मिल पाता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed