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प्रतापगढ़: पीसीएस में बेल्हा के 19 होनहारों ने मारी बाजी , बढ़ाया जिले और परिवार का मान

Sun, 24 Feb 2019 12:52 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 24 Feb 2019 12:52 AM IST
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Pratapgarh: Belha's 19 persons selected in  PCS, increased district and family honor
शादी के बाद डिप्टी एसपी बनीं चारू - फोटो : प्रतापगढ़
 पीसीएस 2016 की परीक्षा में जिले के 19 लोगों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए सफलता हासिल की है। सफल होने वालों में 17 होनहार ग्रामीण इलाके के रहने वाले हैं। इनमें कई लोग पहले से सरकारी सेवाओं हैं। उन्होंने नौकरी और पढ़ाई साथ-साथ कर कामयाबी हासिल की है। शहर के तीन लोगों ने भी सफलता का परचम लहराया है। 
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इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़कर बने अफसर 
संडवाचंद्रिका इलाके के पाराहमीदपुर निवासी युवराज सिंह पुत्र अश्विनी कुमार सिंह पीसीएस की परीक्षा में 11वीं रैंक हासिल कर एसडीएम बने हैं। वर्ष 2014 में इंजीनियर की नौकरी छोडने वाले युवराज का सपना आईएएस बनने का है। वह दिल्ली में रहकर तैयारी कर रहे थे। 
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डीपीआरओ से एसडीएम बने राजीव रत्न 
गड़वारा इलाके के संग्रामपुर किला गांव निवासी और वर्तमान में डीपीआरओ चंदौली के पद पर तैनात राजीव रत्न सिंह एसडीएम के पद पर चयनित हुए हैं। उन्होंने 14वीं रैंक हासिल की है। इससे पहले वह समाज कल्याण अधिकारी, अपर सांख्यिकी अधिकारी, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पद पर विभिन्न जिलों में कार्य कर चुके हैं। 
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पूर्व कैबिनेट मंत्री की भतीजी बनी टैक्स आफीसर
पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवाकांत ओझा की भतीजी दिव्या ओझा पुत्री निशाकांत ओझा का चयन टैक्स आफीसर कामर्शियल पद हुआ है। पीसीएस 2015 की परीक्षा पास कर दिव्या टैक्स आफीसर बनी थीं। वर्तमान में गाजियाबाद जिला पंचायत में तैनात दिव्या का कहना है कि वह टैक्स की नौकरी से घबराती हैं और उन्हें हर बार टैक्स की नौकरी मिलती है। फिलहाल उनका सपना आईएएस बनने का है। 

सीओ से अब एसडीएम बन गए सुरेंद्र 
रानीगंज स्थित गौरा ब्लाक के मंशा का पुरवा निवासी पत्रकार श्यामलाल मिश्र के नाती अजय मिश्र पुत्र सुरेंद्र मिश्र वर्तमान में बिहार प्रांत में सीओ की ट्रेनिंग कर रहे हैं। पीसीएस 2016 की परीक्षा में अजय मिश्र का चयन एसडीएम के पद पर हुआ है। बिहार में सीओ की नौकरी मिल तो गई थी, मगर अजय का सपना यूपी में जनता की सेवा करना था। अब वह भी पूरा हो गया। 

नौकरी से साथ पढ़ाई कर हासिल की सफलता 
संडवा चंद्रिका के कुशहा भदौसी निवासी चतुर्भुज पांडेय पुत्र रामकृष्ण पांडेय का चयन सब रजिस्टार पद पर हुआ है। वर्तमान में वह पूर्ति निरीक्षक प्रयागराज के पद पर तैनात हैं। प्रयागराज में रहकर पढ़ाई करने वाले चतुर्भुज अभी भी नौकरी से संतुष्ट नहीं हैं। उनका सपना आईएएस बनने का है। 

चेन्नई से अब यूपी आ जाएंगे कृष्ण त्रिपाठी 
कुंडा निवासी सिद्धार्थ कृष्ण त्रिपाठी पुत्र शिव प्रसाद त्रिपाठी का चयन कोषाधिकारी के पद पर हुआ है। वर्तमान में वह चेन्नई में कस्टम अधिकारी के पद पर तैनात हैं। घर से काफी दूरी पर तैनाती पाने के कारण परिवार और गांव के लोगों से दूरी बनती जा रही थी। इस सफलता के बाद वह अपने प्रदेश में नौकरी कर सकेंगे। 

लेखा परीक्षा अधिकारी बने शिवकुमार 
पट्टी इलाके के रमईपुर दिशनी निवासी शिवकुमार ओझा पुत्र स्व. सूर्यप्रकाश ओझा का चयन लेखा परीक्षा अधिकारी के पद पर हुआ है। वर्तमान में वह एडीओ सहकारिता प्रयागराज के पद पर कार्यरत हैं। शिवकुमार ओझा का कहना है कि उन्हें उम्मीद के मुताबिक पद नहीं मिला है। अभी उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। 

नायब तहसीलदार बने चंद्रकांत 
पट्टी इलाके के उपाध्यायपुर गांव निवासी चंद्रकांत तिवारी पुत्र स्व. सत्यप्रकाश तिवारी का चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ है। वह वर्तमान में एलआईसी में विकास अधिकारी के पद पर ं कार्यरत हैं। चंद्रकांत तिवारी का लक्ष्य आईएएस परीक्षा उत्तीर्ण करना है। उन्हें विश्वास है कि वह सफल होंगे।

अनिरुद्ध भी बने नायब तहसीलदार 
पट्टी के ऊसीपुर निवासी अनिरुद्ध यादव पुत्र राजाराम यादव का चयन पद नायब तहसीलदार के पद पर हुआ है। वर्तमान में वह गाजीपुर स्थित एक डिग्री कालेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के  पद पर तैनात हैं। इसके पूर्व पंजाब एंड सिंध बैंक में राजभाषा अधिकारी, बिहार पीसीएस में असिस्टेंट कमिश्नर कामर्शियल के पद पर कार्य कर चुके हैं। 

असिस्टेंट डायरेक्टर इंडस्ट्रीज बने सिद्धार्थ 
पट्टी के बीबीपुर निवासी सिद्धार्थ सिंह पुत्र श्याम सिंह का चयन असिस्टेंट डायरेक्टर इंडस्ट्रीज के पद पर हुआ है। इनकी पत्नी नीरजा सिंह अयोध्या में एक्साइज इंस्पेक्टर के  पद पर तैनात हैं। पत्नी को नौकरी तो मिल गई, मगर सिद्धार्थ को नौकरी मिलने में काफी वक्त लगा। 

सगे भाइयों ने हासिल की सफलता 
शहर के जोगापुर निवासी सगे भाइयों का पीसीएस की परीक्षा में चयन हुआ है। इसमें सुनील कुमार शर्मा का चयन डिप्टी एसपी पद पर हुआ है। सुनील वर्तमान में दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय में सांख्यिकी अधिकारी के पद पर तैनात हैं। जोगापुर निवासी स्व. रामअभिलाष शर्मा के दूसरे बेटे विनय कुमार शर्मा का चयन आडिट आफीसर के पद हुआ है। विनय कुमार शर्मा दिल्ली में इनकम टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। दोनों भाइयों को एक साथ मिली सफलता से परिवार का कद बढ़ा है। 

विक्रम को पहले प्रयास में मिली सफलता 
शहर के भाजपा नेता रवि प्रताप सिंह के भतीजे विक्रम प्रताप सिंह पुत्र दिनेश प्रताप सिंह का चयन ट्रेजरी अफसर पद पर हुआ है। प्रयागराज में तैयारी कर रहे विक्रम को पहले प्रयास में सफलता मिली है। विक्रम का लक्ष्य आईएएस बनना है। 

शादी के बाद डिप्टी एसपी बनीं चारू 
रानीगंज इलाके के भवानीगढ़ निवासी डॉ. चारू त्रिपाठी पत्नी देवेंद्र त्रिपाठी का चयन डिप्टी एसपी के पद पर हुआ है। चित्रकूट के पूर्व सांसद रमेशचंद्र द्यिवेदी की बेटी चारू की शादी मार्च 2018 में भवानीगढ़ निवासी देवेंद्र त्रिपाठी के साथ हुई थी। देेवेंद्र वर्तमान में मुंबई में प्राइवेट कंपनी में मैनेजर के  पद पर कार्यरत हैं। 

समाज कल्याण अधिकारी बने डा. वैभव 
कुंडा इलाके के तिलौरी मोड़ निवासी डॉ. वैभव त्रिपाठी का चयन समाज कल्याण अधिकारी पद पर हो गया है। वर्तमान में वह औरैया जिले में मार्केटिंग इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है। डॉ. वैभव इसके पूर्व जीआईसी प्रवक्ता की नौकरी ठुकरा चुके हैं। 

बीटेक करने के बाद बने अफसर 
लालगंज तहसील क्षेत्र के राहाटीकर गांव के अनुज सिंह पीसीएस 2016 की परीक्षा में सफल होकर डिप्टी एसपी बने हैं। उन्होंने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की। अनुज के पिता कमलेश कुमार सिंह किसान हैं और माता उर्मिला सिंह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। तीन भाइयों में में सबसे छोटे अनुज की शुरुआती शिक्षा प्राथमिक विद्यालय राहाटीकर से ही हुई। कक्षा 9 से 12 की पढ़ाई उन्होने करहिया स्थित इंटर कालेज से की। इसके बाद बीटेक  करने वह कानपुर चले गए। प्रथम श्रेणी में बीटेक उत्तीर्ण करने के बाद एक प्राईवेट कंपनी को नौकरी शुरू की, लेकिन 2012 में नौकरी छोड़कर वह तैयारी में जुट गए। प्रयागराज व दिल्ली में तैयारी करने के बाद पीसीएस 2106 की परीक्षा में दूसरे प्रयास में सफलता हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। 


बगैर कोचिंग के अर्जित की सफलता 
लालगंज विकास खंड के मेढ़ावां निवासी अचलेश सिंह का चयन भी पीसीएस 2016 की परीक्षा में नायब तहसीलदार के लिए हुआ है। अचलेश के पिता अवधेश बहादुर सिंह अधिवक्ता हैं और चंद्रावती सिंह गृहणी हैं।  सात भाई बहनों में सबसे छोटे अचलेश ने इंटर तक की पढ़ाई लालगंज के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज से पूरी की। इसके बाद उन्होंने प्रयागराज के इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 2007, 2009 व 2012 में क्रमश: बीए, एमए व एलएलबी की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। बिना किसी कोचिंग में दाखिला लिए ही अचलेश लगातार पढ़ाई में जुटे रहे।
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