राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने पश्चिम एशिया में हालात को देखते हुए देश के भीतर उत्पन्न संकट को लेकर मोदी सरकार की घेराबंदी की है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार देश के भीतर रसोई गैस की किल्लत, डीजल व पेट्रोल को लेकर मचे हाहाकार से पूरी तरह बेपरवाह है।
उन्होंने कहा कि यह सरकार घरेलू क्षेत्र में उत्पन्न राष्ट्रीय संकट को समझने में विफल साबित हुई है। परिवहन औप पेट्रोलियम क्षेत्र में जिस तरह से जनता को तकलीफ उठानी पड़ रही है, यह सरकार की अपरिपक्वता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार का निर्णय था कि ऐसी परिस्थितियों में 45 दिन का ऊर्जा स्रोत रिजर्व रखा जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र सरकार बताए कि वह रिजर्व कहां है। होटल व रेस्टोरेंट तक बंद होने के कगार पर हैं।