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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. मुनीश्वरदत्त उपाध्याय पर जारी हुआ डाक टिकट
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अफीम कोठी सभागार में जिले के पहले सांसद मुनीश्वरदत्त उपाध्याय के नाम से जारी डाक लिफाफा का विमोच?
- फोटो : PRATAPGARH
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शहर के अफीम कोठी में आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में नेशनल पोस्टल वीक फिटेलिटी दिवस के अंतर्गत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. मुनीश्वर उपाध्याय पर बुधवार को डाक विभाग के स्पेशल कवर अनावरण समारोह का आयोजन हुआ। इस मौके पर सांसद संगमलाल गुप्ता ने कहा कि बेगारी व्यवस्था से लड़ने वाले सेनानी पंडित मुनीश्वरदत्त पर डाक कवर जारी करना मेरा सौभाग्य है।
पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय ने जिले में शिक्षा की अलख जगाई थी। ऐसे मनीषी के सम्मान में इस कार्य के लिए प्रधानमंत्री के प्रति हम धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय की समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने की परिकल्पना को पंडित मुनीश्वरदत्त उपाध्याय ने साकार किया। आजादी के बाद इतने दिनों तक लगातार एक दल का नेतृत्व करने वाले लोग परिवार तक ही सीमित रह गए।
आजादी के दीवाने, संविधान के रचयिता टीम के सदस्य रहे पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय को सम्मान नहीं दे सके। 75 साल बाद जो कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार कर रही है, वह आने वाली पीढ़ी के लिए अनुकरणीय होगा। इस अवसर पर पं. मुनीश्वरदत्त उपाध्याय की पुत्र वधू ऊषा उपाध्याय, मीरा मिश्रा, गीता तिवारी, प्रवर डाक अधीक्षक नरसिंह, ओम प्रकाश पांडेय, डॉ. आरपी चौबे, शैलेन्द्र मिश्र, महेंद्र सिंह, विवेक उपाध्याय, आशीष श्रीवास्तव, डॉ. पंकज भान सिंह, गीता तिवारी आदि ने भी अपने विचार प्रकट किए।
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पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय ने जिले में शिक्षा की अलख जगाई थी। ऐसे मनीषी के सम्मान में इस कार्य के लिए प्रधानमंत्री के प्रति हम धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय की समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने की परिकल्पना को पंडित मुनीश्वरदत्त उपाध्याय ने साकार किया। आजादी के बाद इतने दिनों तक लगातार एक दल का नेतृत्व करने वाले लोग परिवार तक ही सीमित रह गए।
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आजादी के दीवाने, संविधान के रचयिता टीम के सदस्य रहे पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय को सम्मान नहीं दे सके। 75 साल बाद जो कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार कर रही है, वह आने वाली पीढ़ी के लिए अनुकरणीय होगा। इस अवसर पर पं. मुनीश्वरदत्त उपाध्याय की पुत्र वधू ऊषा उपाध्याय, मीरा मिश्रा, गीता तिवारी, प्रवर डाक अधीक्षक नरसिंह, ओम प्रकाश पांडेय, डॉ. आरपी चौबे, शैलेन्द्र मिश्र, महेंद्र सिंह, विवेक उपाध्याय, आशीष श्रीवास्तव, डॉ. पंकज भान सिंह, गीता तिवारी आदि ने भी अपने विचार प्रकट किए।
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