सकारात्मक सोच रखने वाले जीवन में होते हैं सफल - उदयपाल
- रजत जयंती वर्ष पर जिले की विभूतियों को प्रतापगढ़ गौरव सम्मान
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अमर उजाला’ के प्रयागराज संस्करण के रजत जयंती वर्ष में इसकी उपलब्धियों और खुशियों को अपने पाठकों के साथ साझा करने के संकल्प के तहत शनिवार को विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ीं जिले की विभूतियों को सम्मानित किया गया। बतौर मुख्य अतिथि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर उदयपाल सिंह ने सभी विभूतियों को माला पहनाने के बाद शाल ओढ़ाकर और स्मृतिचिह्न भेंटकर सम्मानित किया। कुछ विभूतियों के कार्यक्रम में नहीं पहुंचने पर उनके परिजनों ने सम्मान पत्र ग्रहण किया। अपने संबोधन में पूर्व कुलपति प्रोफेसर उदयपाल सिंह ने कहा कि जनपद की विभूतियों को सम्मानित करके ‘अमर उजाला’ ने प्रेरणा देने की पहल की है।
विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति अर्जित करने वाली विभूतियों को समाज का आइना बताते हुए आह्वान किया कि वे अपना मिशन जारी रखें। उन्होंने कहा कि सकारात्मक दिशा में सोच रखने वाले ही अपने जीवन में जल्द कामयाब होते हैं। इसलिए समाज के प्रबुद्ध लोगों को सदैव नई बात सोचनी चाहिए। जिससे जिले को लोगों को प्रेरणा मिले। उन्होंने रजत जयंती वर्ष पर अमर उजाला को शुभकामनाएं दीं।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि ने मां वीणावादिनी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि ने सभी विभूतियों को ‘अमर उजाला’ की ओर से माला, शाल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। अफीम कोठी सभागार में हुए सम्मान समारोह का संचालन डॉ. पीयूष ने किया। कार्यक्रम में समाजसेवी श्रद्धा सिंह, संगीता सिंह, अफीम कोठी के प्राचार्य शिवप्रकाश, दुर्गेश मिश्र प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
अपरिहार्य कारणों से जो विभूतियां समारोह में शामिल नहीं हो पाईं, उनके परिजनों ने उनकी ओर से सम्मान ग्रहण किया। फिल्म अभिनेता अनुपम श्याम ओझा की गैर मौजूदगी में उनके भाई कंचन ओझा ने पुरस्कार प्राप्त किया। गायक रवि त्रिपाठी की अनु
पस्थिति में उनके पिता श्रीकृष्ण त्रिपाठी, होम डिवाइस तैयार करने वाली आनंदिता सिंह के पिता रवि प्रताप सिंह और महिला खिलाड़ी खुशबू गुप्ता की अनुपस्थिति में उनके पिता रामआसरे गुप्ता ने सम्मान पत्र ग्रहण किया।
बोलीं विभूतियां, आज से बढ़ गई जिम्मेदारी, बेहतर करने की मिली प्रेरणा
‘अमर उजाला’ के प्रयागराज संस्करण के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को अफीम कोठी में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के पूर्व कुलपति उदयपाल सिंह के हाथों ‘प्रतापगढ़ गौरव सम्मान’ प्राप्त करने के बाद जिले की विभूतियों ने अमर उजाला के प्रति आभार जताया। डॉ. दयाराम मौर्य ने अमर उजाला के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि जिले में सबसे अधिक पढ़े जाने वाले अमर उजाला ने पाठकों के बीच निष्पक्षता को लेकर अपनी अमिट छाप छोड़ी है।
डॉ. आरके सिंह ने कहा कि सुबह उठने के बाद अमर उजाला के माध्यम से ही देश-विदेश की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलती है। रजत जयंती वर्ष पर शहर की विभूतियों को सम्मानित कर अमर उजाला ने उनकी ऊर्जा दोगुनी कर दी है। निर्झर प्रतापगढ़ी ने कहा कि हमारी सफलता में अमर उजाला का सहयोग सदा यादगार बना रहेगा। डॉॅ. पीयूषकांत शर्मा ने कहा कि ‘अमर उजाला’ ने विभूतियों को अलंकृत कर उनकी जिम्मेदारी बढ़ा दी है। इससे लोगों को बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
गायक रवि त्रिपाठी के पिता श्रीकृष्ण त्रिपाठी ने अमर उजाला का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मेरे लिए आज बेहद सुखद क्षण है कि मैं अपने बेटे का सम्मान ग्रहण कर रहा हूं। गणितज्ञ विश्वनाथ त्रिपाठी ने कि 1991 में अमर उजाला में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए कहा कि इसके बाद बाद उन्हें प्रयागराज और लखनऊ से फोन आने प्रारंभ हुए। रणजी ट्राफी खिलाड़ी आदित्य शुक्ल ने कहा कि अमर उजाला ने सदैव खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया है। राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित मो. फरहीम ने अमर उजाला की पहल की सराहना करते हुए कहा इससे प्रेरणा लेकर जिले के युवाओं को नई दिशा मिलेगी।