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अस्पताल में पकड़ा गया खून के सौदागर को कोतवाली के मुंशी ने छोड़ा
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crime
मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में पकड़े गए खून के सौदागर के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एक यूनिट ब्लड का दस हजार रुपये में सौदा करने वाले सेवानिवृत्त स्वास्थ्यकर्मी व दलाल पर पुलिस रहमदिल बनी हुई है। इससे रक्तदान संस्था के पदाधिकारियों में आक्रोश व्याप्त है।
बाघराय थाना क्षेत्र के कमासिन निवासी मुन्नूलाल पटेल की बहू गर्भवती है। मंगलवार की सुबह उसे प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने आसपास के प्राइवेट अस्पतालों में दिखाया। चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। यहां चिकित्सकों ने प्रसव पीड़िता का ऑपरेशन करने के पहले एक यूनिट रक्त चढ़ाने के लिए कही। जिसके बाद मुन्नूलाल काफी परेशान हो गया। इस बीच उसे रामसिंह नाम का कथित दलाल मिला। जो खून दिलाने के नाम पर उससे दस हजार रुपये की मांग की।
रुपये देने के लिए मुन्नू लाल तैयार भी हो गया। उसके इस काम में जिला अस्पताल में तैनात रहे सेवानिवृत्त कर्मचारी ने भी साथ दिया। कथित दलाल अमर उजाला के रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले पूरे अंती निवासी सत्यम पांडेय से संपर्क किया। अपने करीबी को खून की जरूरत बताकर उससे डोनर कार्ड मांगा। सत्यम ने जरूरतमंद की मदद के लिए कथित दलाल को अपना डोनर कार्ड दे दिया। कुछ देर बाद वह पीड़ित रेनू पटेल के ससुर से मुलाकात करने अस्पताल पहुंच गया।
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जब उसने मुन्नूलाल से रक्त मिलने की जानकारी ली तो पता चला कि सेवानिवृत्त कर्मचारी व कथित दलाल ने मिलकर उसे दस हजार रुपये में एक यूनिट ब्लड बेचा है। यह जानकारी मिलते ही सत्यम पांडेय ने रामसिंह को मौके पर बुला लिया। कुछ ही देर में वहां रक्तदान संस्था के पदाधिकारी भी पहुंच गए। मामले की जानकारी के बाद कथित दलाल को पुलिस के हवाले कर दिया।
इस मामले में दोनों के खिलाफ पुलिस को सत्यम ने तहरीर दी। मगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करना तो दूर उसे कोतवाली से छोड़ दिया। रक्तदान संस्था के अध्यक्ष निर्मल ने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों को पत्र भेजा है।
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बाघराय थाना क्षेत्र के कमासिन निवासी मुन्नूलाल पटेल की बहू गर्भवती है। मंगलवार की सुबह उसे प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने आसपास के प्राइवेट अस्पतालों में दिखाया। चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। यहां चिकित्सकों ने प्रसव पीड़िता का ऑपरेशन करने के पहले एक यूनिट रक्त चढ़ाने के लिए कही। जिसके बाद मुन्नूलाल काफी परेशान हो गया। इस बीच उसे रामसिंह नाम का कथित दलाल मिला। जो खून दिलाने के नाम पर उससे दस हजार रुपये की मांग की।
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रुपये देने के लिए मुन्नू लाल तैयार भी हो गया। उसके इस काम में जिला अस्पताल में तैनात रहे सेवानिवृत्त कर्मचारी ने भी साथ दिया। कथित दलाल अमर उजाला के रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले पूरे अंती निवासी सत्यम पांडेय से संपर्क किया। अपने करीबी को खून की जरूरत बताकर उससे डोनर कार्ड मांगा। सत्यम ने जरूरतमंद की मदद के लिए कथित दलाल को अपना डोनर कार्ड दे दिया। कुछ देर बाद वह पीड़ित रेनू पटेल के ससुर से मुलाकात करने अस्पताल पहुंच गया।
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जब उसने मुन्नूलाल से रक्त मिलने की जानकारी ली तो पता चला कि सेवानिवृत्त कर्मचारी व कथित दलाल ने मिलकर उसे दस हजार रुपये में एक यूनिट ब्लड बेचा है। यह जानकारी मिलते ही सत्यम पांडेय ने रामसिंह को मौके पर बुला लिया। कुछ ही देर में वहां रक्तदान संस्था के पदाधिकारी भी पहुंच गए। मामले की जानकारी के बाद कथित दलाल को पुलिस के हवाले कर दिया।
इस मामले में दोनों के खिलाफ पुलिस को सत्यम ने तहरीर दी। मगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करना तो दूर उसे कोतवाली से छोड़ दिया। रक्तदान संस्था के अध्यक्ष निर्मल ने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों को पत्र भेजा है।