फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Police failed to find the absconding Bhandar Nayak

फरार भंडार नायक को खोजने में पुलिस नाकाम

Tue, 14 Dec 2021 11:49 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 14 Dec 2021 11:49 PM IST
विज्ञापन
Police failed to find the absconding Bhandar Nayak
फरार भंड पीसीएफ में 2.50 करोड़ रुपये की खाद बेचकर फरार भंडार नायक को पुलिस एक माह बाद भी नहीं गिरफ्तार कर पाई। पीसीएफ के कर्मचारी और पुलिस के विवेचक आरोपी के कोलकाता और मध्यप्रदेश में छिपे होने की बात कहकर अपने अफसरों को गुमराह करते रहे, जबकि वह जिले में ही छिपा हुआ है। उसने कोर्ट में पेश होकर जमानत के लिए याचिका दाखिल की है। जिसकी सुनवाई 22 दिसंबर को होगी।
विज्ञापन

पीसीएफ में ढाई करोड़ रुपये की डीएपी बेचकर फरार भंडार नायक को पुलिस एक माह बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। 12 नवंबर को नगर कोतवाली में पीसीएफ के जिला प्रबंधक ने 2.50 करोड़ रुपये के घपले का मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन

उसके बाद से फरार भंडार नायक अब तक विभाग और पुलिस की नजरों से बचकर भाग रहा है। एसपी ने भंडार नायक की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाया, तो विवेचक ने कोलकाता और मध्यप्रदेश में होने की बात कहकर मामले को दबा दिया। इस बीच पीसीएफ के कर्मचारी भी दावा करते रहे कि वह कोलकाता और मध्यप्रदेश में छिपे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन दावों के बीच भंडार नायक ने 21 नवंबर को जिला जज की अदालत में जमानत की अर्जी दाखिल की, जिस पर उसके हस्ताक्षर हैं। सवाल यह उठता है कि अगर भंडार नायक ने दूसरे प्रांत में शरण ले रखी है, तो कोर्ट में इतनी तेजी से पैरवी कैसे कर रहा है। मंगलवार को जांच अधिकारी पीसीएफ पहुंचे और कर्मचारियों का बयान दर्ज करने के बाद चलते बने।
इधर, विभागीय जांच अधिकारी बनाए गए पीसीएफ के उप महाप्रबंधक नरेंद्र सिंह भी भंडार नायक के बचाव में आ गए हैं। वह भौतिक सत्यापन के बजाय मोबाइल से सूचना लेकर जांच कर रहे हैं। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि भंडार नायक को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी होगी।
उपभोग प्रमाणपत्र नहीं जमा करने पर 37 सचिवों को नोटिस
पंचायत भवन निर्माण के लिए मिली धनराशि खर्च करने के बाद उपभोग प्रमाणपत्र नहीं देने पर 37 सचिवों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन निर्माण के लिए धनराशि भेजी गई थी।

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत जिले की 37 गांवों में पंचायत भवनों का निर्माण कराने के लिए धनराशि भेजी गई थी।
ग्राम पंचायतों में धन का आहरण कर लिया गया है, मगर पंचायत भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया गया है। अब विभाग ने सख्ती दिखाते हुए सचिवों से उपभोग प्रमाणपत्र तलब किया है। अगर पंचायत भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कराए बगैर उपभोग प्रमाणपत्र दिया जाता है, तो ऐसे में सचिव की गर्दन फंस जाएगी। डीपीआरओ रविशंकर द्विवदी ने बताया कि तीन दिन के अंदर उपभोग प्रमाणपत्र नहीं देने वाले सचिवों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed