{"_id":"5953f2db4f1c1b586c8b4772","slug":"people-crying-against-gst","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी के विरोध में सड़क पर उतरे कपड़ा व्यापारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी के विरोध में सड़क पर उतरे कपड़ा व्यापारी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Wed, 28 Jun 2017 11:55 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
- फोटो : pratapgarah
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कपड़े को जीएसटी के दायरे में लाने से नाराज व्यापारियों ने बुधवार को दुकानों में तालाबंदी करके वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सड़क पर रैली निकालकर प्रदर्शन किया। चेताया कि अगर सरकार ने कपडे़ को टैक्स के दायरे से बाहर नहीं किया तो प्रदर्शन जारी रहेगा। व्यापारियों ने 30 जून से राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। बुधवार को व्यापारियों की बंदी पूरी तरह सफल रही।
सूबे में एक जुलाई से लागू हो रहे जीएसटी के विरोध में जिले के कपड़ा व्यवसायी उतर आए हैं। मंगलवार की शाम जुलूस निकालकर विरोध करने वाले व्यापारियों ने बुधवार को तालाबंदी करके वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कपड़ा व्यवसाइयों का आरोप है कि आजादी के बाद से अब तक कपडे़ पर कभी भी टैक्स नहीं लगाया गया था। केंद्र सरकार कपड़ा व्यपारियों का शोषण करने के लिए जीएसटी के दायरे में ला रही है। पंजाबी मार्केट में सुबह दस बजे एकत्रित हुए व्यापारियों ने दुकानें नहीं खोलने का संकल्प लिया। एकजुट हुए व्यापारी पंजाबी मार्केट का भ्रमण करके कपडे़ को टैक्स के दायरे से मुक्त करने की मांग करते रहे। कपड़ा व्यापारियों के समर्थन में व्यापार मंडल भी आ गया है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष मंजीत सिंह छावड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार की इस ज्यादती को व्यापारी हरगिज बर्दाश्त नहीं करेंगे।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय झलानी ने कहा है कि अगर सरकार ने कपड़े को टैक्स से बाहर नहीं किया, तो 30 जून से बेमियादी बंदी की जाएगी। व्यापारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। बुधवार को सुभाष पार्क के निकट हुए कार्यक्रम में बलजीत सिंह, कुलदीप सिंह, जसवीर सिंह, प्रदीप खंडेलवाल, आलोक खंडेलवाल, नीतेश खंडेलवाल, करमजीत सिंह, रवि अग्रवाल, नन्हें अंसारी, अनूप केसरवानी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूबे में एक जुलाई से लागू हो रहे जीएसटी के विरोध में जिले के कपड़ा व्यवसायी उतर आए हैं। मंगलवार की शाम जुलूस निकालकर विरोध करने वाले व्यापारियों ने बुधवार को तालाबंदी करके वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कपड़ा व्यवसाइयों का आरोप है कि आजादी के बाद से अब तक कपडे़ पर कभी भी टैक्स नहीं लगाया गया था। केंद्र सरकार कपड़ा व्यपारियों का शोषण करने के लिए जीएसटी के दायरे में ला रही है। पंजाबी मार्केट में सुबह दस बजे एकत्रित हुए व्यापारियों ने दुकानें नहीं खोलने का संकल्प लिया। एकजुट हुए व्यापारी पंजाबी मार्केट का भ्रमण करके कपडे़ को टैक्स के दायरे से मुक्त करने की मांग करते रहे। कपड़ा व्यापारियों के समर्थन में व्यापार मंडल भी आ गया है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष मंजीत सिंह छावड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार की इस ज्यादती को व्यापारी हरगिज बर्दाश्त नहीं करेंगे।
विज्ञापन
संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय झलानी ने कहा है कि अगर सरकार ने कपड़े को टैक्स से बाहर नहीं किया, तो 30 जून से बेमियादी बंदी की जाएगी। व्यापारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। बुधवार को सुभाष पार्क के निकट हुए कार्यक्रम में बलजीत सिंह, कुलदीप सिंह, जसवीर सिंह, प्रदीप खंडेलवाल, आलोक खंडेलवाल, नीतेश खंडेलवाल, करमजीत सिंह, रवि अग्रवाल, नन्हें अंसारी, अनूप केसरवानी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन