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बाहर से घरों को आ रहे लोग
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people are coming from other districts to his home
- फोटो : PRATAPGARH
चार दिन पहले दिल्ली से चले युवक अस्पताल में पहुंचे तो वह बेहाल हो चुके थे। घर पहुंचने के पहले वह अस्पताल पहुंचे और अपनी जांच कराई। हालांकि वह इस दौरान इतने बेहाल हो चुके थे कि अस्पातल में ही पड़े रहे। गांव में फोनकर बाइक बुलाते रहे लेकिन कोई उनकी सुनने को तैयार नहीं था। हालांकि किसी तरह से उनकी व्यवस्था करके उन्हें घर भेजा गया।
क्षेत्र के बेती गांव निवासी राजेश कुमार पुत्र अयोध्या प्रसाद, ज्ञानचंद्र पटेल पुत्र रामसजीवन, लवलेश पटेल पुत्र रामसजीवन, सुनील पटेल पुत्र राम सुमेर, सुनील सरोज पुत्र भुल्लर व रोहित सिंह पुत्र हरिद्वार सिंह दिल्ली में रहकर एक कंपनी में काम करते थे। कोरोना को लेकर दिल्ली में बंदी होने के बाद उन लोगों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया। उन्होंने शासन से मदद मांगी लेकिन राशन कार्ड न होने के चलते उन्हें राशन नहीं मिला। इसके साथ ही मकानमालिक ने किराए के पैसे भी मांगना शुरू कर दिया।
कुछ पैसे बचे होने के चलते सभी ने घर के लिए निकलने का मन बना लिया। सभी ने अपना सामान बांधा और पैदल ही वहां से निकल पड़े। वह सैकड़ों किमी पैदल चले और हाइवे पर एक ट्रक का सहारा लेकर कुछ दूरी तय की। राजेश ने बताया कि उन्होंने करीब 300 से 400 किमी की दूरी पैदल तय की है। घर जाने के बाद उन्होंने अस्पताल पहुंचना ज्यादा मुनासिब समझा। हालांकि उनकी अस्पताल में जांच हुई और इसके बाद उन्हें घर भेजा गया।
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क्षेत्र के बेती गांव निवासी राजेश कुमार पुत्र अयोध्या प्रसाद, ज्ञानचंद्र पटेल पुत्र रामसजीवन, लवलेश पटेल पुत्र रामसजीवन, सुनील पटेल पुत्र राम सुमेर, सुनील सरोज पुत्र भुल्लर व रोहित सिंह पुत्र हरिद्वार सिंह दिल्ली में रहकर एक कंपनी में काम करते थे। कोरोना को लेकर दिल्ली में बंदी होने के बाद उन लोगों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया। उन्होंने शासन से मदद मांगी लेकिन राशन कार्ड न होने के चलते उन्हें राशन नहीं मिला। इसके साथ ही मकानमालिक ने किराए के पैसे भी मांगना शुरू कर दिया।
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कुछ पैसे बचे होने के चलते सभी ने घर के लिए निकलने का मन बना लिया। सभी ने अपना सामान बांधा और पैदल ही वहां से निकल पड़े। वह सैकड़ों किमी पैदल चले और हाइवे पर एक ट्रक का सहारा लेकर कुछ दूरी तय की। राजेश ने बताया कि उन्होंने करीब 300 से 400 किमी की दूरी पैदल तय की है। घर जाने के बाद उन्होंने अस्पताल पहुंचना ज्यादा मुनासिब समझा। हालांकि उनकी अस्पताल में जांच हुई और इसके बाद उन्हें घर भेजा गया।

people are coming from other districts to his home- फोटो : PRATAPGARH
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