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पाई-पाई जोड़कर धनवान हुआ बेल्हा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sat, 22 Aug 2015 12:47 AM IST
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प्रतापगढ़। आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपइया वाली लत जिले के लोगों में नहीं है। यहां के लोगों में पैसा बचाने की ललक तेजी से बढ़ी है। पाई-पाई जोड़ कर तमाम लोग लखपति बन गए हैं। बचत की अच्छी आदत के मामले में जनपद ने मंडल के सभी जिलों को पीछे छोड़ दिया है। खुशी की बात यह है कि बचत करने में जिले को प्रदेश में पांचवां स्थान मिला है। इस मामले में इलाहाबाद को सी और फतेहपुर को बी श्रेणी दी गई है।
गरीबी से जूझ रहे जिले के गरीब व साधारण परिवार के लोगों में बचत की ललक तेजी से बढ़ी है। जिला बचत कार्यालय की रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है। हाल ही में शासन स्तर पर इसकी समीक्षा हुई थी। बचत कार्यालय को 71 करोड़ रुपये जमा कराने का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष जिले में 56.60 प्रतिशत रकम लोगों ने बचत करके जमा की। जिसकी वजह से सी ग्रेड के इस जनपद को बचत के मामले में प्रदेश में पांचवां स्थान और ए श्रेणी दी गई।
रिपोर्ट पर गौर करें तो पैसा बचाने के मामले में बेल्हा ने मंडल के अन्य जनपदों को पीछे छोड़ दिया। कौशाम्बी को सात करोड़ नौ लाख रुपये बचत करने का लक्ष्य मिला था। कौशाम्बी के लोगों को भी पैसा बचाने के मामले में ए श्रेणी मिली है। फतेहपुर ने 31 करोड़ 55 लाख के सापेक्ष 20.70 प्रतिशत की बचत की। जिस पर फतेहपुर को बी श्रेणी मिली है। पैसा बचाने के मामले में सबसे खराब दशा इलाहाबादियों की है। इलाहाबाद बचत कार्यालय को तीन अरब 28 करोड़ 48 लाख के करीब लक्ष्य मिला था। बचत कार्यालय से जुड़े सदस्य तमाम कोशिश करने के बाद भी लक्ष्य के सापेक्ष 15.27 प्रतिशत ही बचत करा सके। इलाहाबाद को सी श्रेणी दी गई है।
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बचत कार्यालय से जुड़े एजेंट गांव-गांव में हैं। वह लोगों को समझा बुझाकर उनकी क्षमता के मुताबिक थोड़ा-थोड़ा पैसा एकत्र कर डाकखाने में जमा करते हैं। छोटी बचत करने में लोगों को दिक्कत भी नहीं होती और तीन या पांच साल में उन्हें एक मुश्त किश्त के मुताबिक रकम मिल जाती है। इस तरह छोटी बचत से बड़ी पूंजी तैयार करने में इस जिले के लोग काफी आगे हैं।
किसान विकास पत्र योजना के तहत जमा की गई रकम अब फिर 100 माह में दूनी हो जाएगी। योजना को लेने वाले व्यक्ति को कोई भी हादसा होने की दशा में साधारण ब्याज के साथ पैसा मिलेगा। यह योजना गरीबों के आर्थिक उत्थान में काफी मददगार साबित होगी।
शासन से जो रिपोर्ट भेजी गई है उसमें प्रदेश में जिले को पांचवां व मंडल में पहला स्थान मिला है। किसान विकास पत्र योजना में धन दूना होने की स्कीम फिर शुरू हो गई है। प्राप्त सूची के अनुसार बचत के मामले में अपना जिला मंडल के अन्य जनपदों से आगे है।
कमलाकांत, जिला बचत अधिकारी
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गरीबी से जूझ रहे जिले के गरीब व साधारण परिवार के लोगों में बचत की ललक तेजी से बढ़ी है। जिला बचत कार्यालय की रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है। हाल ही में शासन स्तर पर इसकी समीक्षा हुई थी। बचत कार्यालय को 71 करोड़ रुपये जमा कराने का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष जिले में 56.60 प्रतिशत रकम लोगों ने बचत करके जमा की। जिसकी वजह से सी ग्रेड के इस जनपद को बचत के मामले में प्रदेश में पांचवां स्थान और ए श्रेणी दी गई।
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रिपोर्ट पर गौर करें तो पैसा बचाने के मामले में बेल्हा ने मंडल के अन्य जनपदों को पीछे छोड़ दिया। कौशाम्बी को सात करोड़ नौ लाख रुपये बचत करने का लक्ष्य मिला था। कौशाम्बी के लोगों को भी पैसा बचाने के मामले में ए श्रेणी मिली है। फतेहपुर ने 31 करोड़ 55 लाख के सापेक्ष 20.70 प्रतिशत की बचत की। जिस पर फतेहपुर को बी श्रेणी मिली है। पैसा बचाने के मामले में सबसे खराब दशा इलाहाबादियों की है। इलाहाबाद बचत कार्यालय को तीन अरब 28 करोड़ 48 लाख के करीब लक्ष्य मिला था। बचत कार्यालय से जुड़े सदस्य तमाम कोशिश करने के बाद भी लक्ष्य के सापेक्ष 15.27 प्रतिशत ही बचत करा सके। इलाहाबाद को सी श्रेणी दी गई है।
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बचत कार्यालय से जुड़े एजेंट गांव-गांव में हैं। वह लोगों को समझा बुझाकर उनकी क्षमता के मुताबिक थोड़ा-थोड़ा पैसा एकत्र कर डाकखाने में जमा करते हैं। छोटी बचत करने में लोगों को दिक्कत भी नहीं होती और तीन या पांच साल में उन्हें एक मुश्त किश्त के मुताबिक रकम मिल जाती है। इस तरह छोटी बचत से बड़ी पूंजी तैयार करने में इस जिले के लोग काफी आगे हैं।
किसान विकास पत्र योजना के तहत जमा की गई रकम अब फिर 100 माह में दूनी हो जाएगी। योजना को लेने वाले व्यक्ति को कोई भी हादसा होने की दशा में साधारण ब्याज के साथ पैसा मिलेगा। यह योजना गरीबों के आर्थिक उत्थान में काफी मददगार साबित होगी।
शासन से जो रिपोर्ट भेजी गई है उसमें प्रदेश में जिले को पांचवां व मंडल में पहला स्थान मिला है। किसान विकास पत्र योजना में धन दूना होने की स्कीम फिर शुरू हो गई है। प्राप्त सूची के अनुसार बचत के मामले में अपना जिला मंडल के अन्य जनपदों से आगे है।
कमलाकांत, जिला बचत अधिकारी