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Pratapgarh News: सिर्फ एक डॉक्टर के भरोसे बाल रोग विभाग
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मेडिकल कॉलेज में सर्दी, जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। इसमें ज्यादा संख्या बच्चों की है। बाल रोग विभाग की ओपीडी में बृहस्पतिवार को करीब 210 बच्चों का इलाज हुआ। जबकि इलाज की जिम्मेदारी सिर्फ एक डॉक्टर पर है।
बाल रोग विभाग में जहां पहले तीन डॉक्टरों हुआ करते थे, वह अब सिर्फ एक ही बचे हैं। जबकि दो डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ दी है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार के भरोसे ही बच्चों का इलाज हो रहा है। प्राचार्य ने उन्हें इलाज के साथ ही मेडिकल कॉलेज के बच्चों को पढ़ाने की भी जिम्मेदारी दे दी है।
डॉ. अनिल ने बताया कि बच्चे बुखार, जुकाम, खांसी से परेशान थे। उन्होंने कहा कि गर्मी तो कभी ठंड मौसम बच्चों को बीमार बना रहा है।
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बाल रोग विभाग में जहां पहले तीन डॉक्टरों हुआ करते थे, वह अब सिर्फ एक ही बचे हैं। जबकि दो डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ दी है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार के भरोसे ही बच्चों का इलाज हो रहा है। प्राचार्य ने उन्हें इलाज के साथ ही मेडिकल कॉलेज के बच्चों को पढ़ाने की भी जिम्मेदारी दे दी है।
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डॉ. अनिल ने बताया कि बच्चे बुखार, जुकाम, खांसी से परेशान थे। उन्होंने कहा कि गर्मी तो कभी ठंड मौसम बच्चों को बीमार बना रहा है।