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हड़ताल खत्म होने के बाद मरीजों को नहीं मिली एंबुलेंस
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108 एम्बुलेन्स न मिलने पर जिला अस्पताल से रेफर मरीज को प्राइवेट एम्बुलेन्स से प्रयागराज ले जाते पर?
- फोटो : PRATAPGARH
मांगों को लेकर 108 व 102 एंबुलेंस कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई। इसके बाद भी कर्मचारी मरीजों को अस्पताल नहीं पहुंचाए। जिसके चलते मरीज को निजी संसाधनों से परिजन अस्पताल लेकर आते रहे। इमरजेंसी केस के लिए भी एंबुलेंस नहीं मिली। जिसके चलते लोगों को प्राइवेट एंबुलेंस से मरीजों को ले जाना पड़ा।
जिले में कार्यरत 108 व 102 एंबुलेंस के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 22 व 23 सितंबर को हड़ताल पर थे। आंदोलन का समय समाप्त होने के बाद मंगलवार को काम पर लौटना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। आज भी एंबुलेंस के पहिए थमे रहे। बार-बार सूचना के बाद भी मरीजों को अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका।
गंभीर रूप से बीमार व घायल मरीजों को भी दिन भर प्रयागराज या दूसरी अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं पहुंची। कोहड़ौर के मिसरौली निवासी रवि तिवारी को प्रयागराज ले जाने के लिए प्राइवेट एंबलेंस का सहारा लेना पड़ा। इसके लिए मरीज के तीमारदार दर दर भटकते रहे।
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सीएमओ डा. अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि उनके पास एंबुलेंस न मिलने की कोई शिकायत नहीं पहुंची थी। कुछ मरीज भी एंबुलेंस से भेजे गए। यदि वे लोग आनाकानी कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा।
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जिले में कार्यरत 108 व 102 एंबुलेंस के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 22 व 23 सितंबर को हड़ताल पर थे। आंदोलन का समय समाप्त होने के बाद मंगलवार को काम पर लौटना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। आज भी एंबुलेंस के पहिए थमे रहे। बार-बार सूचना के बाद भी मरीजों को अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका।
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गंभीर रूप से बीमार व घायल मरीजों को भी दिन भर प्रयागराज या दूसरी अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं पहुंची। कोहड़ौर के मिसरौली निवासी रवि तिवारी को प्रयागराज ले जाने के लिए प्राइवेट एंबलेंस का सहारा लेना पड़ा। इसके लिए मरीज के तीमारदार दर दर भटकते रहे।
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सीएमओ डा. अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि उनके पास एंबुलेंस न मिलने की कोई शिकायत नहीं पहुंची थी। कुछ मरीज भी एंबुलेंस से भेजे गए। यदि वे लोग आनाकानी कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा।