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पंचायत चुनाव में जमा तीन करोड़ जब्त

Tue, 09 Dec 2014 11:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, प्रतापगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, प्रतापगढ़ Updated Tue, 09 Dec 2014 11:30 PM IST
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Panchayat elections million deposit forfeited
पंचायत चुनाव के दौरान जमानत राशि के रूप में जमा लगभग तीन करोड़ रुपए प्रशासन जब्त करने की तैयारी में है। यह राशि ऐसे लोगों की है जो चुनाव मैदान में उतरने के बाद रुपये वापस लेने पंचायत चुनाव कार्यालय नहीं पहुंचे। महज चंद लोग ही परिणाम आने के बाद सभी औपचारिकताएं पूरी कर अपनी जमानत राशि वापस ले गए।
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वर्ष 2010 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हुआ था। चार चरणों में प्रधान, बीडीसी सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों का चुनाव संपन्न हुआ था। 1 सितंबर 2010 से प्रारंभ हुई चुनाव प्रक्रिया में समूचे जनपद से चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने लगभग सवा तीन करोड़ रुपए बतौर जमानत रशि जमा की थी। पंचायत चुनाव का परिणाम आने के बाद चंद सियासी पहलवान ही पंचायत चुनाव कार्यालय पहुंचे।
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औपचारिकता पूरी करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को उनकी जमानत राशि वापस कर दी गई। समय सीमा के भीतर औपचारिकता पूरी करने वालों में जो लोग शामिल थे उनकी जमानत राशि सिर्फ 31 हजार रुपए ही थी। इनमें प्रधान व जिला पंचायत सदस्य ही शामिल हैं जबकि विजयी बीडीसी मेंबर और ग्राम पंचायत सदस्यों के साथ  बड़ी संख्या में प्रधानों ने भी अपनी जमानत राशि वापस ले जाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। हालांकि समय सीमा व्यतीत होने के बाद बहुत लोगों ने तेजी दिखाई लेकिन उनके प्रार्थना पत्र जांच के बाद अस्वीकार कर दिए गए। प्रधान पद पर विजयी बीस लोगों ने जमानत धनराशि वापस लेने के लिए आवेदन किया। सभी को आय-व्यय का ब्यौरा जमा करने के लिए कहा गया लेकिन इसके बाद वे लौट कर आए ही नहीं। वर्ष 2015 में संभावित पंचायत चुनाव को देखते हुए ट्रेजरी के वरिष्ठ कोषाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को पत्र भेजा है। जिसमें कहा है कि पंचायत चुनाव के दौरान सरकार के खाते में जमा दो करोड़ 86 लाख 62 हजार 630 रुपए दावेदारों द्वारा नियमों का पालन न करने के कारण अवशेष पड़े हैं। एडीएम की संस्तुति के बाद जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।
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अवनीश चंद्र द्विवेदी वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि पंचायत चुनाव परिणाम के तीन माह बाद ही लोगों को जमानत राशि वापस लेने के लिए प्रार्थना पत्र दे देना था। समय सीमा व्यतीत होने के बाद जमानत राशि लौटाना संभव नहीं था। ऐसे में शासन के कोष में अवशेष पड़े दो करोड़ 86 लाख 62 हजार 630 रुपए जब्त करने की तैयारी चल रही है।

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