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प्रधान के एक प्रत्याशी को मिलेंगे दो एजेंट
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 10 Dec 2015 11:34 PM IST
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चुनाव खत्म होते ही अब सबकी नजरें परिणाम पर टिक गई हैं। मतगणना साफ-सुधरी कराने के लिए अपने करीबियों को एजेंट बनाने की कवायद प्रारंभ कर दी गई है। प्रधान के एक प्रत्याशी को अधिकतम दो एजेंट बनाने की छूट दी गई है। ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी एक एजेंट बना सकते हैं। गुरुवार को ब्लाक मुख्यालयों पर प्रत्याशी अभिकर्ता बनाने के लिए लोग उमड़ पड़े।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए चार चरणों में हुए चुनाव की गणना 13 दिसंबर को सुबह सात बजे से होगी। चारों चरणों का चुनाव समाप्त होते ही प्रत्याशी मतगणना में अपने करीबियों को एजेंट बनाने के लिए ब्लाक मुख्यालय पर उमड़ पड़े। मतगणना में उन प्रत्याशियों के अधिक अभिकर्ता होंगे, जिन्होंने डमी प्रत्याशियों को मैदान में उतार रखा है। ग्राम प्रधान के प्रत्याशी अधिकतम दो एजेंट और ग्राम पंचायत सदस्य का प्रत्याशी एक एजेंट बना सकता है। प्रत्याशी स्वयं या किसी भी व्यक्ति को अपना अभिकर्ता बना सकता है।
इधर, जिला प्रशासन मतगणना स्थल पर किसी प्रकार का बवाल रोकने के लिए आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के प्रवेश पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहा है।
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पुलिस ने जिन लोगों को चुनाव के दौरान लाल कार्ड थमा रखा है, वह व्यक्ति कतई एजेंट नहीं बन पाएगा। वैसे भी अभिकर्ता बनने के पहले पुलिस का सत्यापन जरूरी कर दिया गया है। अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ थाने में कोई मुकदमा दर्ज होगा, तो उसे किसी भी दशा में अभिकर्ता नहीं बनाया जाएगा। अगर पुलिस की मिलीभगत से कोई प्रत्याशी ऐसी हरकत करता है, तो जांच के दौरान पकड़े जाने पर रासुका के तहत कार्रवाई होगी। मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मतगणना शांतिपूर्ण कराने के लिए एजेंटों का पुलिस सत्यापन कराया जा रहा है। अगर किसी प्रत्याशी ने जानकार बूझकर किसी आपराधिक व्यक्ति को एजेंट बनाया, तो प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए चार चरणों में हुए चुनाव की गणना 13 दिसंबर को सुबह सात बजे से होगी। चारों चरणों का चुनाव समाप्त होते ही प्रत्याशी मतगणना में अपने करीबियों को एजेंट बनाने के लिए ब्लाक मुख्यालय पर उमड़ पड़े। मतगणना में उन प्रत्याशियों के अधिक अभिकर्ता होंगे, जिन्होंने डमी प्रत्याशियों को मैदान में उतार रखा है। ग्राम प्रधान के प्रत्याशी अधिकतम दो एजेंट और ग्राम पंचायत सदस्य का प्रत्याशी एक एजेंट बना सकता है। प्रत्याशी स्वयं या किसी भी व्यक्ति को अपना अभिकर्ता बना सकता है।
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इधर, जिला प्रशासन मतगणना स्थल पर किसी प्रकार का बवाल रोकने के लिए आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के प्रवेश पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहा है।
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पुलिस ने जिन लोगों को चुनाव के दौरान लाल कार्ड थमा रखा है, वह व्यक्ति कतई एजेंट नहीं बन पाएगा। वैसे भी अभिकर्ता बनने के पहले पुलिस का सत्यापन जरूरी कर दिया गया है। अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ थाने में कोई मुकदमा दर्ज होगा, तो उसे किसी भी दशा में अभिकर्ता नहीं बनाया जाएगा। अगर पुलिस की मिलीभगत से कोई प्रत्याशी ऐसी हरकत करता है, तो जांच के दौरान पकड़े जाने पर रासुका के तहत कार्रवाई होगी। मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मतगणना शांतिपूर्ण कराने के लिए एजेंटों का पुलिस सत्यापन कराया जा रहा है। अगर किसी प्रत्याशी ने जानकार बूझकर किसी आपराधिक व्यक्ति को एजेंट बनाया, तो प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।