{"_id":"60901f078ebc3ec36976528a","slug":"oxygen-scarcity-persists-patient-and-timber-upset-pratapgarh-news-ald305299455","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑक्सीजन की किल्लत बरकरार मरीज और तीमारदार परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑक्सीजन की किल्लत बरकरार मरीज और तीमारदार परेशान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतापगढ़। जिले में ऑक्सीजन का स्टॉक सरकारी अस्पताल में भले ही मौजूद हो लेकिन बाजार में खत्म हो चुका है। लोग ऑक्सीजन के लिए चक्कर काट रहे हैं। सिर्फ जिला अस्पताल के महिला अस्पताल में ही मरीजों को ऑक्सीजन मिल पा रहा है।
जिले में लगातार कोरोना संक्रमित मरीज के साथ ही सांस लेने में दिक्कत होने वाली समस्या से पीड़ित लोग ऑक्सीजन पर ही निर्भर है। जिला अस्पताल में मरीजों को भले ही ऑक्सीजन इलाज के दौरान मिल जा रहा है लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में अधिकांश मरीजों को चिकित्सक लौटा दे रहे हैं। जिसके पीछे अस्पताल के पास ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी का होना बताया जा रहा है।
इसके अलावा ऑक्सीजन सिलिंडर में लगने वाला फ्लो मीटर भी उनके पास पर्याप्त मात्रा में नहीं है जिस वजह से मरीजों को भर्ती कर उपचार करने में प्राइवेट अस्पताल प्रशासन हाथ खड़े कर देते हैं। शहर के बेगम वार्ड के रहने वाले मकसूद के रिश्तेदार की तबीयत कई दिनों से खराब है। शनिवार से सांस लेने में दिक्कत के साथ लगातार ऑक्सीजन लेवल कम होता जा रहा है। वह दो दिनों से ऑक्सीजन सिलेंडर वह फ्लो मीटर के लिए अस्पतालों का चक्कर काट रहे हैं मगर उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर हुआ फ्लो मीटर नहीं मिल पा रहा है। पलटन बाजार स्थित ऑक्सीजन दुकान संचालक मुनीर भी अपना हाथ खड़ा कर दिए हैं।
विज्ञापन
जिले में ऑक्सीजन का स्टॉक काफी कम है। इसके चलते प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराने वाले और घरों में आइसोलेट मरीजों के सामने समस्या पैदा हो रही है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ पीपी पांडे ने बताया कि अस्पताल में जो भी मरीज आ रहे हैं उनका उपचार किया जा रहा है। ऑक्सीजन की अभी तक कमी नहीं होने दी जा रही है। कोविड-19 में भी मरीजों को ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में मिल रहा है। अब बाहर ऑक्सीजन व फ्लो मीटर किन वजह से उपलब्ध नहीं है यह वह नहीं बता सकते।
विज्ञापन
जिले में लगातार कोरोना संक्रमित मरीज के साथ ही सांस लेने में दिक्कत होने वाली समस्या से पीड़ित लोग ऑक्सीजन पर ही निर्भर है। जिला अस्पताल में मरीजों को भले ही ऑक्सीजन इलाज के दौरान मिल जा रहा है लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में अधिकांश मरीजों को चिकित्सक लौटा दे रहे हैं। जिसके पीछे अस्पताल के पास ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी का होना बताया जा रहा है।
विज्ञापन
इसके अलावा ऑक्सीजन सिलिंडर में लगने वाला फ्लो मीटर भी उनके पास पर्याप्त मात्रा में नहीं है जिस वजह से मरीजों को भर्ती कर उपचार करने में प्राइवेट अस्पताल प्रशासन हाथ खड़े कर देते हैं। शहर के बेगम वार्ड के रहने वाले मकसूद के रिश्तेदार की तबीयत कई दिनों से खराब है। शनिवार से सांस लेने में दिक्कत के साथ लगातार ऑक्सीजन लेवल कम होता जा रहा है। वह दो दिनों से ऑक्सीजन सिलेंडर वह फ्लो मीटर के लिए अस्पतालों का चक्कर काट रहे हैं मगर उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर हुआ फ्लो मीटर नहीं मिल पा रहा है। पलटन बाजार स्थित ऑक्सीजन दुकान संचालक मुनीर भी अपना हाथ खड़ा कर दिए हैं।
विज्ञापन
जिले में ऑक्सीजन का स्टॉक काफी कम है। इसके चलते प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराने वाले और घरों में आइसोलेट मरीजों के सामने समस्या पैदा हो रही है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ पीपी पांडे ने बताया कि अस्पताल में जो भी मरीज आ रहे हैं उनका उपचार किया जा रहा है। ऑक्सीजन की अभी तक कमी नहीं होने दी जा रही है। कोविड-19 में भी मरीजों को ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में मिल रहा है। अब बाहर ऑक्सीजन व फ्लो मीटर किन वजह से उपलब्ध नहीं है यह वह नहीं बता सकते।