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खाद वितरण कराने के लिए समितियों एवं दुकानों पर अफसर डालेंगे डेरा
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fertilizer
साधन सहकारी समितियों एवं पंजीकृत दुकानों पर खाद वितरण के दौरान अब किसानों के बीच धक्कामुक्की नहीं होगी और न ही अनियमितता होने पाएगी। समितियों एवं पंजीकृत खाद की दुकानों पर अफसरों की मौजूदगी में खाद वितरित कराई जाएगी। इसके लिए ब्लॉकवार अधिकारियों की टीमें गठित की गई हैं।
जिले में कुल 200 सहकारी समितियां हैं। इसके अलावा 300 से अधिक पंजीकृत खाद की दुकानें हैं। खरीफ की अपेक्षा रबी के सीजन में उर्वरक का अधिक इस्तेमाल होता है। जिले में रबी के सीजन में 21 हजार एमटी डीएपी का लक्ष्य है। इन दिनों गेहूं व आलू की बुवाई शुरू हो गई है। इससे डीएपी की खपत अधिक है। बुवाई के मुख्य समय में साधन सहकारी समितियों एवं पंजीकृत दुकानों पर डीएपी की किल्लत बनी हुई है। डीएपी न होने से किसान समितियों एवं दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं।
डीएपी की किल्लत की वजह से वे बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। इफको फूलपुर से जिले के लिए 4200 एमटी डीएपी का स्टॉक आना शुरू हो गया है। 18 नवंबर तक कुल 4200 एमटी डीएपी का स्टॉक आएगा। खाद वितरण में किसानों को सहूलियत देने व साधन सहकारी समितियों एवं दुकानों पर अनियमितता रोकने के लिए अब अफसरों की टीम डेरा डालेगी। अधिकारियों की टीम अपनी मौजूदगी में खाद वितरित कराएगी।
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निगरानी टीम में जिलास्तरीय अधिकारियों को शामिल किया गया है। टीमें ब्लॉकवार भ्रमण करेंगी। जिससे किसानों को खाद की दिक्कत न होने पाए। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि समितियों एवं दुकानों पर डीएपी की कमी नहीं होने पाएगी। जिलेभर में छापेमारी का अभियान जारी है। खाद वितरण में अनियमितता पाए जाने पर समितियों एवं दुकान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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जिले में कुल 200 सहकारी समितियां हैं। इसके अलावा 300 से अधिक पंजीकृत खाद की दुकानें हैं। खरीफ की अपेक्षा रबी के सीजन में उर्वरक का अधिक इस्तेमाल होता है। जिले में रबी के सीजन में 21 हजार एमटी डीएपी का लक्ष्य है। इन दिनों गेहूं व आलू की बुवाई शुरू हो गई है। इससे डीएपी की खपत अधिक है। बुवाई के मुख्य समय में साधन सहकारी समितियों एवं पंजीकृत दुकानों पर डीएपी की किल्लत बनी हुई है। डीएपी न होने से किसान समितियों एवं दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं।
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डीएपी की किल्लत की वजह से वे बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। इफको फूलपुर से जिले के लिए 4200 एमटी डीएपी का स्टॉक आना शुरू हो गया है। 18 नवंबर तक कुल 4200 एमटी डीएपी का स्टॉक आएगा। खाद वितरण में किसानों को सहूलियत देने व साधन सहकारी समितियों एवं दुकानों पर अनियमितता रोकने के लिए अब अफसरों की टीम डेरा डालेगी। अधिकारियों की टीम अपनी मौजूदगी में खाद वितरित कराएगी।
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निगरानी टीम में जिलास्तरीय अधिकारियों को शामिल किया गया है। टीमें ब्लॉकवार भ्रमण करेंगी। जिससे किसानों को खाद की दिक्कत न होने पाए। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि समितियों एवं दुकानों पर डीएपी की कमी नहीं होने पाएगी। जिलेभर में छापेमारी का अभियान जारी है। खाद वितरण में अनियमितता पाए जाने पर समितियों एवं दुकान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।