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शिक्षामित्रों के फेर में फंसा बेसिक शिक्षकों का वेतन
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 04 Aug 2017 12:05 AM IST
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शासन से कोई नया आदेश नहीं आने के कारण समायोजित शिक्षामित्रों के वेतन भुगतान के फेर में परिषदीय शिक्षकों के वेतन भुगतान पर भी ग्रहण लग गया है। इससे जुलाई माह का वेतन अगस्त की जगह सितंबर माह में मिलने की उम्मीद दिख रही है।
सुप्रीम कोर्ट से जिले के 2712 शिक्षामित्रों का समोयोजन रद्द होने के बाद वेतन भुगतान को लेकर अफसर संशय की स्थिति में हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि 24 जुलाई तक स्कूलों में कार्य करने वाले शिक्षामित्रों को वेतन भुगतान किया जाए या नहीं। साथ ही इसे लेकर भी पसोपेश है कि वेतन भुगतान पूरे माह का वेतन दिया जाए या सिर्फ जुलाई के 24 दिन कार्य करने का। सामान्यतया सरकारी कार्यालयों में 25 दिन कार्य करने वाले कर्मचारियों को पूरे माह का वेतन भुगतान किया जाता है। वास्तव में देखा जाए तो महीने की 25 तारीख से ही वेतन भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है। मगर जानकारों का मानना है कि यह प्रावधान नियमित कर्मचारियों पर ही लागू होता है। फिलहाल शिक्षामित्रों को जुलाई माह में वेतन कितने दिन का मिलेगा, इसे लेकर वित्त विभाग भी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहा है। शिक्षामित्रों के वेतन संबंधी आदेश की प्रतीक्षा लेखा विभाग कर रहा है। ऐसी दशा में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में तैनात शिक्षकों का वेतन भी लटक गया है। वित्त एवं लेखाधिकारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि जब तक शासन से वेतन भुगतान के बाबत कोई पत्र नहीं आता है, तब तक अध्यापक और शिक्षामित्रों का वेतन भुगतान नहीं किया जाएगा।
शिक्षामित्रों का अलग नहीं होगा रजिस्टर
समायोजित शिक्षामित्र जिस विद्यालय में हैं, उसी में तैनात रहकर उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर बनाएंगे। शिक्षामित्रों की उपस्थिति पंजिका अलग बनाने के लिए अभी कोई आदेश नहीं जारी किया गया है। बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि अगर कोई हेडमास्टर उन्हें दस्तखत करने से रोकता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी।
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सुप्रीम कोर्ट से जिले के 2712 शिक्षामित्रों का समोयोजन रद्द होने के बाद वेतन भुगतान को लेकर अफसर संशय की स्थिति में हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि 24 जुलाई तक स्कूलों में कार्य करने वाले शिक्षामित्रों को वेतन भुगतान किया जाए या नहीं। साथ ही इसे लेकर भी पसोपेश है कि वेतन भुगतान पूरे माह का वेतन दिया जाए या सिर्फ जुलाई के 24 दिन कार्य करने का। सामान्यतया सरकारी कार्यालयों में 25 दिन कार्य करने वाले कर्मचारियों को पूरे माह का वेतन भुगतान किया जाता है। वास्तव में देखा जाए तो महीने की 25 तारीख से ही वेतन भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है। मगर जानकारों का मानना है कि यह प्रावधान नियमित कर्मचारियों पर ही लागू होता है। फिलहाल शिक्षामित्रों को जुलाई माह में वेतन कितने दिन का मिलेगा, इसे लेकर वित्त विभाग भी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहा है। शिक्षामित्रों के वेतन संबंधी आदेश की प्रतीक्षा लेखा विभाग कर रहा है। ऐसी दशा में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में तैनात शिक्षकों का वेतन भी लटक गया है। वित्त एवं लेखाधिकारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि जब तक शासन से वेतन भुगतान के बाबत कोई पत्र नहीं आता है, तब तक अध्यापक और शिक्षामित्रों का वेतन भुगतान नहीं किया जाएगा।
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शिक्षामित्रों का अलग नहीं होगा रजिस्टर
समायोजित शिक्षामित्र जिस विद्यालय में हैं, उसी में तैनात रहकर उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर बनाएंगे। शिक्षामित्रों की उपस्थिति पंजिका अलग बनाने के लिए अभी कोई आदेश नहीं जारी किया गया है। बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि अगर कोई हेडमास्टर उन्हें दस्तखत करने से रोकता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी।
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