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मांगों को लेकर एनआरएमयू अनशन पर
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 08 May 2018 11:41 PM IST
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मांगों को लेकर नार्दन रेलवे मेंस यूनियन के पदाधिकारियों ने मंगलवार से तीन दिवसीय क्रमिक अनशन प्रारंभ कर दिया है। पहले दिन चार कर्मचारी अनशन पर बैठे। केंद्र सरकार को चेताया कि यदि मांगों को पूरा न किया गया तो वे लोग आरपार की लड़ाई को बाध्य होंगे।
नार्दन रेलवे मेंस यूनियन का मंगलवार को तीन दिवसीय अनशन प्रारंभ हुआ। जिसमे रेल कर्मचारी नेताओं ने अपनी मांगों पर विचार व्यक्त किया। लंबित मामलों को जल्द से जल्द निस्तारित किया जाए। मांगों को लेकर अनिल कुमार शुक्ल शाखा मंत्री, हरीओम दुबे अध्यक्ष, मनीष कुमार पांडेय और ज्ञानेंद्र मिश्र उपाध्यक्ष अनशन पर बैठे। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि एनपीएस को हटाने के साथ ही पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
फिटमेंट फार्मूले में सुधार हो, न्यूनतम वेतन 26 हजार किया जाए, रेलों में निजीकरण व निगमीकरण खत्म किया जाए और रनिंग भत्तों को शीघ्र बढ़ाकर घोषित किया जाए। यदि ऐसा नहीं होता तो वे लोग आरपार की लड़ाई लड़ने को बाध्य होंगे। इस मौके पर दिनेश पांडेय, धीरज सिंह, अवधेश सिंह, पंकज कुमार, विनय मिश्रा, संजीत कुमार, सुबोध कुमार व सुनील कुमार शामिल रहे।
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नार्दन रेलवे मेंस यूनियन का मंगलवार को तीन दिवसीय अनशन प्रारंभ हुआ। जिसमे रेल कर्मचारी नेताओं ने अपनी मांगों पर विचार व्यक्त किया। लंबित मामलों को जल्द से जल्द निस्तारित किया जाए। मांगों को लेकर अनिल कुमार शुक्ल शाखा मंत्री, हरीओम दुबे अध्यक्ष, मनीष कुमार पांडेय और ज्ञानेंद्र मिश्र उपाध्यक्ष अनशन पर बैठे। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि एनपीएस को हटाने के साथ ही पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
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फिटमेंट फार्मूले में सुधार हो, न्यूनतम वेतन 26 हजार किया जाए, रेलों में निजीकरण व निगमीकरण खत्म किया जाए और रनिंग भत्तों को शीघ्र बढ़ाकर घोषित किया जाए। यदि ऐसा नहीं होता तो वे लोग आरपार की लड़ाई लड़ने को बाध्य होंगे। इस मौके पर दिनेश पांडेय, धीरज सिंह, अवधेश सिंह, पंकज कुमार, विनय मिश्रा, संजीत कुमार, सुबोध कुमार व सुनील कुमार शामिल रहे।
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