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नियमों का पालन नहीं, वाहन चालकों ने भुगता 9.5 लाख जुर्माना
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सड़क पर टूटते नियम जान के साथ ही जेब पर भारी पड़ रहे हैं। सुनकर आप चौंक जाएंगे कि ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पास नहीं रखने की लापरवाही के एवज में वाहन चालकों को लाखों रुपये जुर्माना जमा करना पड़ रहा है। दस माह के भीतर लोगों को 9.5 लाख का जुर्माना भुगतना पड़ा। खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के साथ ही दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट न लगाने पर कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना भी पड़ा। हर रोज चेकिंग के दौरान 50 से लेकर 85 लोगों पर ट्रैफिक और परिवहन विभाग की गाज गिरती है।
इस साल के दस माह के भीतर चेकिंग के दौरान सबसे ज्यादा चालान हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी न होने के कारण ही काटे गए हैं। डीएल और हेलमेट के बिना वाहन चलाने का आंकड़ा साल भर में ही सात हजार को पार कर जाता है। यातायात नियमों की बेफिक्री का आलम यह है कि साल की शुरूआत से अब तक बिना डीएल के वाहन चलाने वाले 536 चालान काटे जा चुके है। जबकि बिना हेलमेट के 1803 व आरसी के 792 चालान बनाए गए। नो पार्किंग के 1652 चालान काटे गए हैं। जबकि गलत तरीके से वाहन चलाने वाले 906 चालान काटे गए। इस लिहाज से बिना हेलमेट और डीएल के रोजाना करीब 15 से 25 चालान हो रहे हैं।
जबकि आरसी के चालान भी हर रोज 7 वाहन चालकों के होते हैं। दस माह के भीतर यातायात व परिवहन विभाग द्वारा नियमों का पालन न करने पर 9.5 लाख का जुर्माना वाहन चालकों पर लगाया जा चुका है। सड़क दुर्घटना में 127 लोगों की जान जा चुकी है। ये आंकड़ा वाहन चालकों द्वारा बरती जा रही लापरवाही को भी दर्शाता है। इनमे से बहुत से तो ऐसे भी होते है जिनके डीएल, आरसी आदि कागजात होते हैं, मगर साथ लेकर न चलने के कारण अपना चालान कटा देते हैं।
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चालान के बाद भी नहीं सुधर रहे चालक
वाहनों का चालान होने के बाद भी लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे। चेकिंग के दौरान यातायात व उप संभागीय परिवहन विभाग द्वारा वाहनों का चालान होता है। इसके बाद भी वे सुधर नहीं रहे हैं। नियमों की अनदेखी करने के कारण दूसरी व तीसरी बार भी वाहन का चालान करा लेते हैं।
वाहन चालक छोटी छोटी गलती ना करें तो चालान से भी बचेंगे और परेशानी से भी। नियम तो सभी जरूरी हैं । लोगों को हेलमेट लगाकर और कागजात लेकर चलना चाहिए। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना गलत है। इससे वह खुद अपनी जान खतरे में डालता है और दूसरे की भी। पुलिस चालान काटने के अलावा सड़क हादसों को रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाती है। अभय पांडेय, सीओ ट्रैफिक
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इस साल के दस माह के भीतर चेकिंग के दौरान सबसे ज्यादा चालान हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी न होने के कारण ही काटे गए हैं। डीएल और हेलमेट के बिना वाहन चलाने का आंकड़ा साल भर में ही सात हजार को पार कर जाता है। यातायात नियमों की बेफिक्री का आलम यह है कि साल की शुरूआत से अब तक बिना डीएल के वाहन चलाने वाले 536 चालान काटे जा चुके है। जबकि बिना हेलमेट के 1803 व आरसी के 792 चालान बनाए गए। नो पार्किंग के 1652 चालान काटे गए हैं। जबकि गलत तरीके से वाहन चलाने वाले 906 चालान काटे गए। इस लिहाज से बिना हेलमेट और डीएल के रोजाना करीब 15 से 25 चालान हो रहे हैं।
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जबकि आरसी के चालान भी हर रोज 7 वाहन चालकों के होते हैं। दस माह के भीतर यातायात व परिवहन विभाग द्वारा नियमों का पालन न करने पर 9.5 लाख का जुर्माना वाहन चालकों पर लगाया जा चुका है। सड़क दुर्घटना में 127 लोगों की जान जा चुकी है। ये आंकड़ा वाहन चालकों द्वारा बरती जा रही लापरवाही को भी दर्शाता है। इनमे से बहुत से तो ऐसे भी होते है जिनके डीएल, आरसी आदि कागजात होते हैं, मगर साथ लेकर न चलने के कारण अपना चालान कटा देते हैं।
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चालान के बाद भी नहीं सुधर रहे चालक
वाहनों का चालान होने के बाद भी लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे। चेकिंग के दौरान यातायात व उप संभागीय परिवहन विभाग द्वारा वाहनों का चालान होता है। इसके बाद भी वे सुधर नहीं रहे हैं। नियमों की अनदेखी करने के कारण दूसरी व तीसरी बार भी वाहन का चालान करा लेते हैं।
वाहन चालक छोटी छोटी गलती ना करें तो चालान से भी बचेंगे और परेशानी से भी। नियम तो सभी जरूरी हैं । लोगों को हेलमेट लगाकर और कागजात लेकर चलना चाहिए। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना गलत है। इससे वह खुद अपनी जान खतरे में डालता है और दूसरे की भी। पुलिस चालान काटने के अलावा सड़क हादसों को रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाती है। अभय पांडेय, सीओ ट्रैफिक