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गजब: वन विभाग को पौधरोपण के लिए नहीं मिल रही जमीन
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गजब: वन विभाग को पौधरोपण के लिए नहीं मिल रही जमीन
जमीन के अभाव में घट गया पौधरोपण का लक्ष्य, कम किए गए दो लाख पौधे, अब 30 लाख पौधों का ही होगा रोपण
प्रतापगढ़। पौधरोपण के लिए वन विभाग को जमीन ही नहीं मिल पा रही है। इसके चलते जिले को इस बार पौधरोपण का लक्ष्य सबसे कम मिला है। 32 लाख पौधरोपण के लक्ष्य के सापेक्ष इस बार दो लाख पौधे कम कर दिए गए हैं। विभाग ने जमीन के अभाव में पौधों को रोपित करने की संख्या कम करने का निर्णय लिया है।
हरियाली अभियान के तहत पूरे प्रदेश पौधरोपण किया जाता है। जिले में भी हरियाली अभियान प्रमुखता से चलाया जाता है। जिले में वन विभाग की देखरेख में सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों-कॉलेजों एवं ग्राम पंचायतों में पौधरोपण होता है। पूरे जिले में एक ही दिन सभी स्थानों पर पौधों को रोपित किया जाता है। सभी विभागों के पौधों के रोपण का लक्ष्य अलग-अलग निर्धारित होता है। अभियान का संचालन जिला प्रशासन व वन विभाग द्वारा किया जाता है। जिले में पौधरोपण का लक्ष्य हर साल बढ़ाकर दिया जाता है। वर्ष 2017 में पौधरोपण का लक्ष्य 30 लाख मिला था, 2018 में 32 लाख। मगर 2019 में पौधरोपण का लक्ष्य कम कर दिया गया है। इस बार 32 लाख के सापेक्ष 30 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य है। यानी कि दो लाख पौधे घट गए हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो जमीन के अभाव में पौधरोपण का लक्ष्य घटा है। पौधरोपण से पहले जिले में खाली पड़ी जमीनों की रिपोर्ट भेजी जाती है। इस बार विभाग द्वारा जो रिपोर्ट भेजी गई थी, उसमें जिले में जमीन न होने की बात दर्शाई गई। यही कारण रहा कि दो लाख पौधें निर्धारित लक्ष्य से घट गए हैं। डीएफओ बीआर अहिरवार ने बताया कि पौधरोपण का लक्ष्य इस बार दो लाख घटा है। इस बारे 32 लाख के सापेक्ष 30 लाख पौधरोपण का लक्ष्य मिला है।
पौधरोपण में प्रतापगढ़ सबसे निचले पायदान पर
पौधरोपण के लक्ष्य में प्रतापगढ़ जिला यूपी में सबसे निचले पायदान पर है। प्रतापगढ़ के सापेक्ष अन्य जिलों मेें प्रतिवर्ष के लक्ष्य के मुकाबले इस बार पौधों की संख्या बढ़ी है।
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जमीन के अभाव में घट गया पौधरोपण का लक्ष्य, कम किए गए दो लाख पौधे, अब 30 लाख पौधों का ही होगा रोपण
प्रतापगढ़। पौधरोपण के लिए वन विभाग को जमीन ही नहीं मिल पा रही है। इसके चलते जिले को इस बार पौधरोपण का लक्ष्य सबसे कम मिला है। 32 लाख पौधरोपण के लक्ष्य के सापेक्ष इस बार दो लाख पौधे कम कर दिए गए हैं। विभाग ने जमीन के अभाव में पौधों को रोपित करने की संख्या कम करने का निर्णय लिया है।
हरियाली अभियान के तहत पूरे प्रदेश पौधरोपण किया जाता है। जिले में भी हरियाली अभियान प्रमुखता से चलाया जाता है। जिले में वन विभाग की देखरेख में सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों-कॉलेजों एवं ग्राम पंचायतों में पौधरोपण होता है। पूरे जिले में एक ही दिन सभी स्थानों पर पौधों को रोपित किया जाता है। सभी विभागों के पौधों के रोपण का लक्ष्य अलग-अलग निर्धारित होता है। अभियान का संचालन जिला प्रशासन व वन विभाग द्वारा किया जाता है। जिले में पौधरोपण का लक्ष्य हर साल बढ़ाकर दिया जाता है। वर्ष 2017 में पौधरोपण का लक्ष्य 30 लाख मिला था, 2018 में 32 लाख। मगर 2019 में पौधरोपण का लक्ष्य कम कर दिया गया है। इस बार 32 लाख के सापेक्ष 30 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य है। यानी कि दो लाख पौधे घट गए हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो जमीन के अभाव में पौधरोपण का लक्ष्य घटा है। पौधरोपण से पहले जिले में खाली पड़ी जमीनों की रिपोर्ट भेजी जाती है। इस बार विभाग द्वारा जो रिपोर्ट भेजी गई थी, उसमें जिले में जमीन न होने की बात दर्शाई गई। यही कारण रहा कि दो लाख पौधें निर्धारित लक्ष्य से घट गए हैं। डीएफओ बीआर अहिरवार ने बताया कि पौधरोपण का लक्ष्य इस बार दो लाख घटा है। इस बारे 32 लाख के सापेक्ष 30 लाख पौधरोपण का लक्ष्य मिला है।
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पौधरोपण में प्रतापगढ़ सबसे निचले पायदान पर
पौधरोपण के लक्ष्य में प्रतापगढ़ जिला यूपी में सबसे निचले पायदान पर है। प्रतापगढ़ के सापेक्ष अन्य जिलों मेें प्रतिवर्ष के लक्ष्य के मुकाबले इस बार पौधों की संख्या बढ़ी है।
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