शहर के मॉल और रेस्टोरेंट सोमवार से खुल गए। पहले दिन दो गज की दूरी को लेकर ग्राहक और दुकानदार सभी अलर्ट दिखे। मॉल में घुसने से पहले गार्ड ग्राहकों के हाथों को सैनिटाइज कर रहे थे, बगैर मॉस्क के पहुंचने वालों को अंदर नहीं घुसने दिया गया। हालांकि बाहर लाइन में खड़े लोगों को अधिक देर तक इंतजार नहीं करना पड़ा। खरीदारी करने के लिए आने वाले ग्राहकों में भी कोरोना का वह खौफ देखने को नहीं मिला, जो पहले होता था। इधर, रेस्टोरेंट में पहले दिन गिनती के ग्राहक पहुंचे।
जिले में 75 दिनों से बंद रहने वाले मॉल और रेस्टोरेंट संचालकों के चेहरे सोमवार को खिल उठे। पहले दिन सोशल डिस्टेंसिंग पर अधिक जोर दिया गया। प्रवेश द्वार पर खड़े सुरक्षा गार्ड ग्राहकों को टोकते रहे। हाथों में लिए सैनिटाइजर से हाथ साफ कराने के बाद ही अंदर जाने दे रहे थे। जो मुंह ढककर नहीं आ रहे थे, उनके फेस कवर लगाने के बाद ही अंदर घुसने दिया गया। रेस्टोरेंट में सभी कर्मचारी मॉस्क लगाए हुए थे। मेजों में संख्या कम कर दी गई थी। पहले दिन खाना तो नहीं बना था, मगर डोसा, इडली के साथ ही नाश्ता तैयार किया गया था। रेस्टोरेंट में आने वाले लोगों ने लस्सी, कोल्डड्रिंक के साथ ही नाश्ता ही लिया। स्पाइस वैली और सिद्धार्थ रेस्टोरेंट के मालिक भोले सिंह ने बताया कि पहले दिन गिनती के ग्राहक आए। कोरोना को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। सभी कर्मचारियों को फेस मॉस्क के साथ सैनिटाइजर दिया गया है। स्नेह होटल के संचालक विष्णु खंडेलवाल ने बताया कि हम लोगों के साथ ग्राहक भी सावधानी बरत रहे हैं।

no entry given to people more than 5 in restaurant- फोटो : PRATAPGARH