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अधिवक्ता की जान की दुश्मन बन गई चारागाह की नौ बीघा जमीन
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अधिवक्ता की जान की दुश्मन बन गई चारागाह की नौ बीघा जमीन
हत्यारोपी मुस्तफा, जेल में बंद तौसीम समेत तीन लोगों ने 7 बीघे जमीन पर कर रखा है कब्जा
जमीन को खाली कराने के लिए लगातार पैरवी कर रहे थे अधिवक्ता ओम मिश्रा
अमर उजाला ब्यूरो
बाबागंज। कलिकापुर ढिंगौसी गांव की नौ बीघे चारागाह की जमीन भी अधिवक्ता ओम मिश्र की हत्या का कारण बनी। इस जमीन में से सात बीघे पर हत्या के आरोपी मुस्तफा, जेल में बंद तौसीम समेत तीन लोगों ने कब्जा कर रखा है। अधिवक्ता व विहिप के जिलाध्यक्ष रहे ओम मिश्रा इस जमीन को खाली कराने के लिए लगातार पैरवी कर रहे थे। यह आरोपियों को लंबे समय से खटक रहा था। हालांकि तमाम प्रयासों के बाद भी वह चारागाह की जमीन को खाली नहीं करा सके थे।
महेशगंज थाना क्षेत्र के कलिकापुर ढिंगौसी निवासी अधिवक्ता व विहिप जिलाध्यक्ष ओम मिश्र की बेलाही के तौसीफ से अदावत चल रही थी। क्रिकेट के विवाद को लेकर बेलाही के लोगों से छिड़ी रार अब भी जारी है। मृतक के पिता तीर्थराज की मानें तो कलिकापुर में ही 9 बीघे चारागाह की जमीन है। इसमें सात बीघा जमीन पर बेलाही के तौसीम, मुस्तफा व अय्यूब पक्ष के लोगों ने कब्जा कर रखा है। ओम उस जमीन को भी खाली कराने के लिए शासन से लेकर जिला प्रशासन को शिकायती पत्र देने के साथ ही लगातार प्रयासरत थे, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के चलते चारागाह की जमीन खाली नहीं हो सकी। उसी जमीन के करीब ही ओम मिश्रा ा इंटर कालेज है। परिवार के लोगों को आशंका है कि हो सकता है जमीन खाली कराने का भय तौसीम व दूसरे लोगों के मन में समा गया हो और उन्होंने ओम की हत्या कर दी हो। वैसे भी तौसीम धमकी दे चुका था कि ओम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे तीन गोली मारी है। वह उसे छह गोली मारकर बदला लेगा।
समीर व मुस्तफा की आजमगढ़ में मिली लोकेशन
जेल के बाहर पुलिस ने डारा डेला, तौसीम से मुलाकात करने वालों की खंगाली कुंडली
रात भर रिश्तेदारी में देती रही दबिश, प्रधान व रऊफ के घर पर लटक रहा ताला
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। अधिवक्ता ओम मिश्र के फरार हत्यारोपियों की लोकेशन आजमगढ़ में मिली। जिसके बाद जेठवारा पुलिस रात में ही उन्हे दबोचने के लिए जा धमकी। हालांकि संभावित ठिकाने पर दोनों नहीं मिले। जिसके बाद जेल के बाहर फोर्स तौसीम से मिलने के लिए पहुंचने वाले लोगों पर नजर गड़ाए रही। हालांकि मुलाकात का समय पूरा होने के बाद भी कोई नहीं पहुंचा। घटना के पहले व बाद में मुलाकात करने वालों की कुंडली खंगालकर पुलिस लौटी।
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महेशगंज थाना क्षेत्र के कलिकापुर निवासी अधिवक्ता ओम मिश्र की 15 जुलाई को कचहरी आते समय जेठवारा के सोनपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई लवलेश मिश्र की तहरीर पर पुलिस ने बेलाही के रहने वाले रऊफ, लाला का पुरवा के प्रधानपुत्र महेंद्र यादव को जेल भेज दिया। जबकि समीर व मुस्तफा फरार चल रहे हैं। शनिवार की रात समीर व मुस्तफा की रिश्तेदारी में पुलिस दबिश देती रही। हालांकि कामयाबी नहीं मिली। रिश्तेदार भी अपने घरों से फरार हैं। सूत्रों की मानें तो हत्या में नामजद आरोपी समीर व मुस्तफा की लोकेशन आजमगढ़ में मिली। जिन्हे दबोचने के लिए जेठवारा पुलिस रात में ही रवाना हो गई। हालांकि संभावित ठिकानों पर ताला लटक रहा था। जिसके बाद पुलिस आजमगढ़ जेल पहुंच गई। तौसीम से मुलाकात करने के लिए आने वालों पर नजर गड़ाए रही। हालांकि उससे मिलने के कोई नहीं आया। जिसके चलते पुलिस ओम की हत्या के पहले तौसीम से मिलने वालों का नाम पता जुटाती रही। अब उन लोगों की कुंडली खंगाली जाएगी, जो तौसीम से मिलने के लिए आजमगढ़ जेल गए थे। रऊफ व महेंद्र को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। इसके बाद भी प्रधान पुत्र महेंद्र यादव व रऊफ के घर पर ताला लटक रहा है। महिलाएं भी घर में नहीं रुक रही हैं। दो पुलिसकर्मी गांव के बाहर मुस्तैद हैं।
इनसेट-----
गाली देकर भागे स्कूटी सवारों को पुलिसकर्मियों ने दबोचा
महेशगंज के कलिकापुर में ओम मिश्र के परिजनों की सुरक्षा में एक दरोगा व पांच सिपाही लगाए गए हैं। रविवार की शाम पुलिसकर्मी घर से दूर बैठे हुए थे। तभी स्कूटी सवार दो युवक उस ओर से गुजरे। वह पुलिसकर्मियों को गालियां देते हुए बेलाही की ओर भागने लगे। यह देख सिपाही आदित्य अपने साथी को लेकर उनके पीछे बाइक से भागा। करीब दस किमी दूर स्कूटी सवार को सिपाही दबोचने में कामयाब रहे। दोनों को स्कूटी समेत पुलिसकर्मी महेशगंज थाने ले गए। जहां दोनों से पूछताछ होने लगी। दोनों युवक पूरे बुधराम की रहने वाली किसान नेत्री के बेटे हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद थानाध्यक्ष महेशगंज ओम के घर पहुंचकर छानबीन करने लगे।
इनसेट----
अच्युत को कान्वेंट स्कूल नहीं भेज रहे परिजन
ओम मिश्र ने अपने बड़े बेटे अच्युत का इलाके के अच्छे कान्वेंट स्कूल में पढ़ाने की तैयारी की थी। उनका सपना पूरा नहीं हो सका। परिवार के लोगों को यह भय सता रहा है कि कहीं मासूम बच्चे के साथ भी कोई अनहोनी न हो जाए। इसलिए अब शुक्रवार से अच्युत को ओम मिश्र द्वारा स्थापित कालेज में पढने के लिए भेजा जा रहा है।
शासन की ओर से परिजनों को नहीं मिली फूटी कौड़ी
प्रभारी मंत्री ने दिया था एक सप्ताह के भीतर 15 लाख का चेक मिलने भरोसा
भाजपा जिलाध्यक्ष से लगातार संपर्क में हैं परिजन, सीएम को सुनाना चाहते हैं अपना दर्द
अमर उजाला ब्यूरो
बाबागंज। अधिवक्ता व विहिप जिलाध्यक्ष ओम मिश्र की हत्या के बाद प्रभारी मंत्री स्वाति सिंह ने परिजनों को भरोसा दिया था कि एक सप्ताह के भीतर आथक मदद का चेक मिल जाएगा, लेकिन अभी तक उन्हें फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर परिजन अपना दर्द सुनाना चाहते हैं। सभी को बेसब्री से सीएम से मिलने के समय का इंतजार है।
अधिवक्ता ओम मिश्र की हत्या के बाद जमकर बवाल हुआ था। प्रभारी मंत्री ने परिवार के लोगों को आश्वासन दिया था कि उन्हें 10 लाख रुपये शासन की तरफ से और पांच लाख रुपये की धनराशि किसान दुर्घटना बीमा योजना से मिलेगी। इसके अलावा सभी भाइयों को असलहों का लाइसेंस प्रदान किया जाएगा। शस्त्र लाइसेंस तो मिल गया, लेकिन अभी तक आथक मदद के रूप में जिला प्रशासन की ओर से एक धेला भी नहीं मिला। मृतक के पिता तीर्थराज का कहना है कि अभी कोई भी मदद नहीं मिली है। पूरे परिवार के लोग मुख्यमंत्री से मिलना चाहते हैं। ताकि उन्हें अपना दर्द सुना सके। उनका बेटा विहिप का नेता था। इसलिए उन्हें इंसाफ जरूर मिलेगा। भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र व दूसरे नेताओं के संपर्क में वह लोग बराबर हैं। उन लोगों को सीएम से मुलाकात के लिए समय की प्रतीक्षा है।
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शातिर तौसीम के खिलाफ दर्ज हैं 13 मुकदमे
महेशगंज के बेलाही गांव निवासी तौसीम पुत्र लियाकत की उम्र भले ही कम हो, लेकिन उसके ऊपर दर्ज 13 मुकदमे उसकी अपराधिक गतिविधियों को खुद ही बयां करते हैं। तौसीम के ऊपर वर्ष 2017 में महेशगंज थाने में पहला मुकदमा दर्ज हुआ। सबसे अंतिम में उसके ऊपर पिछले साल गैंगस्टर का केस दर्ज हुआ था। पुलिस की मानें तो जेठवारा थाने में भी उसके खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हैं। नगर कोतवाली के भुलियापुर में मुठभेड़ के दौरान दो मुकदमे दर्ज हुए थे। अधिवक्ता ओम मिश्रा के परिजनों ने तौसीम पर साजिश रचने का आरोप लगाया है।
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हत्या करने के बाद कच्ची पगडंडियों से भागे थे बदमाश
जेठवारा। स्थानीय थाना क्षेत्र के सोनपुर में अधिवक्ता ओम मिश्र की हत्या करने वाले बदमाश इलाके के रास्तों से परिचित थे। पुलिस को पेट्रोलपंप पर जो फुटेज मिले हैं, उसमे ओम अकेला शहर की ओर जाते दिख रहे हैं। कुछ देर बाद उनके पीछे बाइक सवार दो लोग निकले। बाइक चला रहा युवक हेलमेट लगाया हुआ था। पीछे बैठे युवक ने गमछे से चेहरा ढक रखा था। लोगों का कहना है कि घटना को अंजाम देने के बाद तीन बदमाश भागे हैं, लेकिन आगे सीसीटीवी में ऐसा कोई नहीं दिखा। इससे पता चलता है ज्ञ्कि मुख्य मार्ग छोड़कर बदमाश पगडंडियों से होकर भागे थे।
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अधिवक्ता की जान की दुश्मन बन गई चारागाह की नौ बीघा जमीन
हत्यारोपी मुस्तफा, जेल में बंद तौसीम समेत तीन लोगों ने 7 बीघे जमीन पर कर रखा है कब्जा
जमीन को खाली कराने के लिए लगातार पैरवी कर रहे थे अधिवक्ता ओम मिश्रा
अमर उजाला ब्यूरो
बाबागंज। कलिकापुर ढिंगौसी गांव की नौ बीघे चारागाह की जमीन भी अधिवक्ता ओम मिश्र की हत्या का कारण बनी। इस जमीन में से सात बीघे पर हत्या के आरोपी मुस्तफा, जेल में बंद तौसीम समेत तीन लोगों ने कब्जा कर रखा है। अधिवक्ता व विहिप के जिलाध्यक्ष रहे ओम मिश्रा इस जमीन को खाली कराने के लिए लगातार पैरवी कर रहे थे। यह आरोपियों को लंबे समय से खटक रहा था। हालांकि तमाम प्रयासों के बाद भी वह चारागाह की जमीन को खाली नहीं करा सके थे।
महेशगंज थाना क्षेत्र के कलिकापुर ढिंगौसी निवासी अधिवक्ता व विहिप जिलाध्यक्ष ओम मिश्र की बेलाही के तौसीफ से अदावत चल रही थी। क्रिकेट के विवाद को लेकर बेलाही के लोगों से छिड़ी रार अब भी जारी है। मृतक के पिता तीर्थराज की मानें तो कलिकापुर में ही 9 बीघे चारागाह की जमीन है। इसमें सात बीघा जमीन पर बेलाही के तौसीम, मुस्तफा व अय्यूब पक्ष के लोगों ने कब्जा कर रखा है। ओम उस जमीन को भी खाली कराने के लिए शासन से लेकर जिला प्रशासन को शिकायती पत्र देने के साथ ही लगातार प्रयासरत थे, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के चलते चारागाह की जमीन खाली नहीं हो सकी। उसी जमीन के करीब ही ओम मिश्रा ा इंटर कालेज है। परिवार के लोगों को आशंका है कि हो सकता है जमीन खाली कराने का भय तौसीम व दूसरे लोगों के मन में समा गया हो और उन्होंने ओम की हत्या कर दी हो। वैसे भी तौसीम धमकी दे चुका था कि ओम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे तीन गोली मारी है। वह उसे छह गोली मारकर बदला लेगा।
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समीर व मुस्तफा की आजमगढ़ में मिली लोकेशन
जेल के बाहर पुलिस ने डारा डेला, तौसीम से मुलाकात करने वालों की खंगाली कुंडली
रात भर रिश्तेदारी में देती रही दबिश, प्रधान व रऊफ के घर पर लटक रहा ताला
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। अधिवक्ता ओम मिश्र के फरार हत्यारोपियों की लोकेशन आजमगढ़ में मिली। जिसके बाद जेठवारा पुलिस रात में ही उन्हे दबोचने के लिए जा धमकी। हालांकि संभावित ठिकाने पर दोनों नहीं मिले। जिसके बाद जेल के बाहर फोर्स तौसीम से मिलने के लिए पहुंचने वाले लोगों पर नजर गड़ाए रही। हालांकि मुलाकात का समय पूरा होने के बाद भी कोई नहीं पहुंचा। घटना के पहले व बाद में मुलाकात करने वालों की कुंडली खंगालकर पुलिस लौटी।
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महेशगंज थाना क्षेत्र के कलिकापुर निवासी अधिवक्ता ओम मिश्र की 15 जुलाई को कचहरी आते समय जेठवारा के सोनपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई लवलेश मिश्र की तहरीर पर पुलिस ने बेलाही के रहने वाले रऊफ, लाला का पुरवा के प्रधानपुत्र महेंद्र यादव को जेल भेज दिया। जबकि समीर व मुस्तफा फरार चल रहे हैं। शनिवार की रात समीर व मुस्तफा की रिश्तेदारी में पुलिस दबिश देती रही। हालांकि कामयाबी नहीं मिली। रिश्तेदार भी अपने घरों से फरार हैं। सूत्रों की मानें तो हत्या में नामजद आरोपी समीर व मुस्तफा की लोकेशन आजमगढ़ में मिली। जिन्हे दबोचने के लिए जेठवारा पुलिस रात में ही रवाना हो गई। हालांकि संभावित ठिकानों पर ताला लटक रहा था। जिसके बाद पुलिस आजमगढ़ जेल पहुंच गई। तौसीम से मुलाकात करने के लिए आने वालों पर नजर गड़ाए रही। हालांकि उससे मिलने के कोई नहीं आया। जिसके चलते पुलिस ओम की हत्या के पहले तौसीम से मिलने वालों का नाम पता जुटाती रही। अब उन लोगों की कुंडली खंगाली जाएगी, जो तौसीम से मिलने के लिए आजमगढ़ जेल गए थे। रऊफ व महेंद्र को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। इसके बाद भी प्रधान पुत्र महेंद्र यादव व रऊफ के घर पर ताला लटक रहा है। महिलाएं भी घर में नहीं रुक रही हैं। दो पुलिसकर्मी गांव के बाहर मुस्तैद हैं।
इनसेट-----
गाली देकर भागे स्कूटी सवारों को पुलिसकर्मियों ने दबोचा
महेशगंज के कलिकापुर में ओम मिश्र के परिजनों की सुरक्षा में एक दरोगा व पांच सिपाही लगाए गए हैं। रविवार की शाम पुलिसकर्मी घर से दूर बैठे हुए थे। तभी स्कूटी सवार दो युवक उस ओर से गुजरे। वह पुलिसकर्मियों को गालियां देते हुए बेलाही की ओर भागने लगे। यह देख सिपाही आदित्य अपने साथी को लेकर उनके पीछे बाइक से भागा। करीब दस किमी दूर स्कूटी सवार को सिपाही दबोचने में कामयाब रहे। दोनों को स्कूटी समेत पुलिसकर्मी महेशगंज थाने ले गए। जहां दोनों से पूछताछ होने लगी। दोनों युवक पूरे बुधराम की रहने वाली किसान नेत्री के बेटे हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद थानाध्यक्ष महेशगंज ओम के घर पहुंचकर छानबीन करने लगे।
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अच्युत को कान्वेंट स्कूल नहीं भेज रहे परिजन
ओम मिश्र ने अपने बड़े बेटे अच्युत का इलाके के अच्छे कान्वेंट स्कूल में पढ़ाने की तैयारी की थी। उनका सपना पूरा नहीं हो सका। परिवार के लोगों को यह भय सता रहा है कि कहीं मासूम बच्चे के साथ भी कोई अनहोनी न हो जाए। इसलिए अब शुक्रवार से अच्युत को ओम मिश्र द्वारा स्थापित कालेज में पढने के लिए भेजा जा रहा है।
शासन की ओर से परिजनों को नहीं मिली फूटी कौड़ी
प्रभारी मंत्री ने दिया था एक सप्ताह के भीतर 15 लाख का चेक मिलने भरोसा
भाजपा जिलाध्यक्ष से लगातार संपर्क में हैं परिजन, सीएम को सुनाना चाहते हैं अपना दर्द
अमर उजाला ब्यूरो
बाबागंज। अधिवक्ता व विहिप जिलाध्यक्ष ओम मिश्र की हत्या के बाद प्रभारी मंत्री स्वाति सिंह ने परिजनों को भरोसा दिया था कि एक सप्ताह के भीतर आथक मदद का चेक मिल जाएगा, लेकिन अभी तक उन्हें फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर परिजन अपना दर्द सुनाना चाहते हैं। सभी को बेसब्री से सीएम से मिलने के समय का इंतजार है।
अधिवक्ता ओम मिश्र की हत्या के बाद जमकर बवाल हुआ था। प्रभारी मंत्री ने परिवार के लोगों को आश्वासन दिया था कि उन्हें 10 लाख रुपये शासन की तरफ से और पांच लाख रुपये की धनराशि किसान दुर्घटना बीमा योजना से मिलेगी। इसके अलावा सभी भाइयों को असलहों का लाइसेंस प्रदान किया जाएगा। शस्त्र लाइसेंस तो मिल गया, लेकिन अभी तक आथक मदद के रूप में जिला प्रशासन की ओर से एक धेला भी नहीं मिला। मृतक के पिता तीर्थराज का कहना है कि अभी कोई भी मदद नहीं मिली है। पूरे परिवार के लोग मुख्यमंत्री से मिलना चाहते हैं। ताकि उन्हें अपना दर्द सुना सके। उनका बेटा विहिप का नेता था। इसलिए उन्हें इंसाफ जरूर मिलेगा। भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र व दूसरे नेताओं के संपर्क में वह लोग बराबर हैं। उन लोगों को सीएम से मुलाकात के लिए समय की प्रतीक्षा है।
इनसेट-----
शातिर तौसीम के खिलाफ दर्ज हैं 13 मुकदमे
महेशगंज के बेलाही गांव निवासी तौसीम पुत्र लियाकत की उम्र भले ही कम हो, लेकिन उसके ऊपर दर्ज 13 मुकदमे उसकी अपराधिक गतिविधियों को खुद ही बयां करते हैं। तौसीम के ऊपर वर्ष 2017 में महेशगंज थाने में पहला मुकदमा दर्ज हुआ। सबसे अंतिम में उसके ऊपर पिछले साल गैंगस्टर का केस दर्ज हुआ था। पुलिस की मानें तो जेठवारा थाने में भी उसके खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हैं। नगर कोतवाली के भुलियापुर में मुठभेड़ के दौरान दो मुकदमे दर्ज हुए थे। अधिवक्ता ओम मिश्रा के परिजनों ने तौसीम पर साजिश रचने का आरोप लगाया है।
इनसेट-----
हत्या करने के बाद कच्ची पगडंडियों से भागे थे बदमाश
जेठवारा। स्थानीय थाना क्षेत्र के सोनपुर में अधिवक्ता ओम मिश्र की हत्या करने वाले बदमाश इलाके के रास्तों से परिचित थे। पुलिस को पेट्रोलपंप पर जो फुटेज मिले हैं, उसमे ओम अकेला शहर की ओर जाते दिख रहे हैं। कुछ देर बाद उनके पीछे बाइक सवार दो लोग निकले। बाइक चला रहा युवक हेलमेट लगाया हुआ था। पीछे बैठे युवक ने गमछे से चेहरा ढक रखा था। लोगों का कहना है कि घटना को अंजाम देने के बाद तीन बदमाश भागे हैं, लेकिन आगे सीसीटीवी में ऐसा कोई नहीं दिखा। इससे पता चलता है ज्ञ्कि मुख्य मार्ग छोड़कर बदमाश पगडंडियों से होकर भागे थे।