फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Negligence: Patient died in agony at the emergency gate, uproar

लापरवाही: इमरजेंसी गेट पर मरीज ने तड़प-तड़प कर तोड़ दिया दम, हंगामा

Thu, 10 Mar 2022 09:55 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 10 Mar 2022 09:55 PM IST
विज्ञापन
Negligence: Patient died in agony at the emergency gate, uproar
मेडिकल कालेज इमरजेंसी वार्ड के गेट पर कार लगावाकर मरीज बैठाता गार्ड। संवाद - फोटो : PRATAPGARH
मेडिकल कॉलेज के गार्ड की लापरवाही के कारण एक मरीज की जान चली गई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय के इमरजेंसी के मुख्यद्वार पर गार्ड कार को खड़ा कराकर उसमें मरीज और उनके तीमारदारों को बैठा रहा था। जबकि एक मरीज के तीमारदार इमरजेंसी के मुख्यद्वार से कार हटने का इंतजार कर रहे थे। ऐसे में महिला मरीज ने तड़प कर दम तोड़ दिया। इस पर मृतका के परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। प्राचार्य ने भी अपनी जिम्मेदारी से किनारा काट लिया। उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी सीएमएस की है।
विज्ञापन

अंतू थाना क्षेत्र के अवस्थीपुर निवासी सुमित्रा (28) पत्नी मुकेश कुमार बृहस्पतिवार दोपहर घर में चारपाई पर बैठी थी। अचानक बेहोश होकर नीचे गिर गई। इससे उसके सिर में चोट आ गई। परिजनों ने पहले 108 एंबुलेंस को फोन मिलाया। एंबुलेंस नहीं मिली तो आनन फानन में ई-रिक्शा से लेकर सुमित्रा को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय पहुंच गए। अस्पताल के मुख्यद्वार पर गार्ड एक कार खड़ी करवा रखा था।
विज्ञापन

कार में मरीज और उनके तीमारदारों को बैठवा रहा था। जबकि ई-रिक्शा से आई सुमित्रा के परिजन कार को हटाए जाने की मांग कर रहे थे। गार्ड सुमित्रा के परिजनों पर ही रौब गांठने लगा। इसको लेकर कहा सुनी होने लगी। मोबाइल में फोटो खींचे जाने के बाद गार्ड ने करीब 15 मिनट के बाद कार को हटवा दिया और मोबाइल तक छीन लिया। इसके बाद हंगामा होने लगा। मोबाइल को लौटा दिया। इमरजेंसी में परिजन सुमित्रा को लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर ही नहीं थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

फार्मासिस्ट राजन यादव ने मरीज को देखते ही मृत घोषित कर दिया। इस पर हंगामा शुरू हो गया। गार्ड ने साफ कहा कि अस्पताल में किसे जाने देना है और किसे बाहर रोककर रखना है इसकी जिम्मेदारी मुझे मिली है। परेशान परिजनों की किसी ने नहीं सुनी। उन्हें शव का पोस्टमार्टम कराए जाने की बात कहकर डरवा दिया गया। परिजन शव को लेकर शव वाहन से घर चले गए। इस मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर आर्य देश दीपक से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अस्पताल में क्या हो रहा है इसकी जिम्मेदारी सीएमएस की है।

इस मामले की जांच कराई जाएगी। यदि इमरजेंसी के पोर्टिको तक कार गई थी और गार्ड देख रहे थे तो उसकी लापरवाही है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि इमरजेंसी में डॉक्टर नहीं थे और फार्मासिस्ट किसी को मृत घोषित कर रहा है तो यह भी गलत है। डॉक्टर से जवाब मांगा जाएगा। -डॉ. सुरेश सिंह, सीएमएस, राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय

मेडिकल कालेज में ईरिक्सा से आयी मरीज अंदर न पहुंच पाने पर तोड़ा दम। संवाद

मेडिकल कालेज में ईरिक्सा से आयी मरीज अंदर न पहुंच पाने पर तोड़ा दम। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed