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लापरवाही के चलते आग की लपटों में फिर से जल जायेगी किसानों की फसल
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प्रतापगढ़। जिले में सैकड़ों किसानों की तैयार गेहूं की फसल बिजली विभाग की लापरवाही के चलते एक बार फिर से राख होगी। किसानों की शिकायतों को दरकिनार करते हुए बिजली विभाग के अधिकारी खामोश हैं। अब गर्मी आते ही बिजली आपूर्ति के दौरान तारों के बीच से निकलने वाली चिंगारी शोला बनकर गेहूं की फसल को राख करने लगी है।
जिले के लालगंज तहसील क्षेत्र के लक्ष्मणपुर, सांगीपुर, उदयपुर, रेहुआ, रानीगंज कैथैला के आसपास लगभग दो दर्जन किसानों के खेतों के ऊपर से एलटी व एचटी लाइन गुजरी है। कई स्थानों पर लहलहाती गेहूं की फसल के खेत में ही ट्रांसफार्मर भी रखा है। रानीगंज तहसील क्षेत्र के रस्तीपुर, शिवगढ़, जामताली, बीरापुर, गौरा, सुवंशा, कुंडा के बाबागंज, हथिगवां, आलापुर, संग्रामगढ़, लवाना, बाघराय,पट्टी के आसपुर देवसरा, कंधई, जैतीपुर, रामापुर, दिलीपपुर, मंगरौरा, सदर तहसील क्षेत्र के संड़वा चंद्रिका, गड़वारा, मानधाता, जेठवारा सहित अलग- अलग गांव के आसपास लगभग 55 गांवों में किसानों के गेहूं के खेत में लटकते बिजली के तार में शार्टसर्किट के बाद आग लगने की संभावना है।
किसानों का आरोप है कि गेेहूं की फसल तैयार होने से पहले ही क्षेत्रीय बिजली विभाग के कर्मचारियों को लटकते तारों की मरम्मत करने को कहा गया लेकिन विभागीय अफसर से लेकर कर्मचारी तक मौन साधे रहे। गर्मी के चलते लोड बढ़ने पर बिजली के तार लटकने लगते हैं। हवाओं के चलते तार आपस में टकराने लगते हैं। जिससे निकली चिंगारी किसानों की मेहनत पर पानी फेर रही है। जिससे वे खून के आंसू रोने को मजबूर हैं।
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पिछले साल 155 किसानों की जली थी फसल
सदर, लालगंज, रानीगंज, कुंडा व पट्टी तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांव में बीते वर्ष लगभग 155 किसानों की फसल आग में जली थी। तहसील की राजस्व टीम ने रिपोर्ट बनाकर डीएम कार्यालय के आपदा प्रबंधन पटल को भेजी थी। शासन की ओर से बजट मिलने के बाद एक माह के भीतर ही सभी किसानों को मुआवजा धनरशि का चेक तहसील स्तर के अधिकारियों ने वितरित किया था। हालांकि किसानों की फसल जलने के संबंध में शासन को भेजी गई रिपोर्ट में राजस्व टीम ने अधिकांश घटनाएं बिजली के तार में शार्टसर्किट को प्रमुख वजह बताया था बावजूद इसके बिजली विभाग के अफसर व कर्मचारियों ने अपने रवैये में कोई सुधार नहीं किया।
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जिले के लालगंज तहसील क्षेत्र के लक्ष्मणपुर, सांगीपुर, उदयपुर, रेहुआ, रानीगंज कैथैला के आसपास लगभग दो दर्जन किसानों के खेतों के ऊपर से एलटी व एचटी लाइन गुजरी है। कई स्थानों पर लहलहाती गेहूं की फसल के खेत में ही ट्रांसफार्मर भी रखा है। रानीगंज तहसील क्षेत्र के रस्तीपुर, शिवगढ़, जामताली, बीरापुर, गौरा, सुवंशा, कुंडा के बाबागंज, हथिगवां, आलापुर, संग्रामगढ़, लवाना, बाघराय,पट्टी के आसपुर देवसरा, कंधई, जैतीपुर, रामापुर, दिलीपपुर, मंगरौरा, सदर तहसील क्षेत्र के संड़वा चंद्रिका, गड़वारा, मानधाता, जेठवारा सहित अलग- अलग गांव के आसपास लगभग 55 गांवों में किसानों के गेहूं के खेत में लटकते बिजली के तार में शार्टसर्किट के बाद आग लगने की संभावना है।
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किसानों का आरोप है कि गेेहूं की फसल तैयार होने से पहले ही क्षेत्रीय बिजली विभाग के कर्मचारियों को लटकते तारों की मरम्मत करने को कहा गया लेकिन विभागीय अफसर से लेकर कर्मचारी तक मौन साधे रहे। गर्मी के चलते लोड बढ़ने पर बिजली के तार लटकने लगते हैं। हवाओं के चलते तार आपस में टकराने लगते हैं। जिससे निकली चिंगारी किसानों की मेहनत पर पानी फेर रही है। जिससे वे खून के आंसू रोने को मजबूर हैं।
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पिछले साल 155 किसानों की जली थी फसल
सदर, लालगंज, रानीगंज, कुंडा व पट्टी तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांव में बीते वर्ष लगभग 155 किसानों की फसल आग में जली थी। तहसील की राजस्व टीम ने रिपोर्ट बनाकर डीएम कार्यालय के आपदा प्रबंधन पटल को भेजी थी। शासन की ओर से बजट मिलने के बाद एक माह के भीतर ही सभी किसानों को मुआवजा धनरशि का चेक तहसील स्तर के अधिकारियों ने वितरित किया था। हालांकि किसानों की फसल जलने के संबंध में शासन को भेजी गई रिपोर्ट में राजस्व टीम ने अधिकांश घटनाएं बिजली के तार में शार्टसर्किट को प्रमुख वजह बताया था बावजूद इसके बिजली विभाग के अफसर व कर्मचारियों ने अपने रवैये में कोई सुधार नहीं किया।