{"_id":"bc112c3e151d4a46971630fe7a98fe66","slug":"national-unity-can-only-produce-monolithic-india-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कौमी एकता ही कर सकती है अखंड भारत का निर्माण ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कौमी एकता ही कर सकती है अखंड भारत का निर्माण
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Thu, 25 Dec 2014 01:15 AM IST
विज्ञापन
डेरवा (ब्यूरो)। कौमी एकता ही अखंड भारत का निर्माण कर सकती है। हम एक देश के नागरिक हैं। हमें धर्म के साथ मानवता का भी ध्यान रखना चाहिए। यह बातें डेरवा बाजार के दाउदनगर में आयोजित 19 वें विश्वस्तरीय हिंदू मुस्लिम एकता सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि डा.अबुल हसन ने कहीं।
उन्होंने कहा कि सभी मानव समाज में मिलजुलकर असहाय दीन दुखियों की सेवा करें। यह सेवा ही हिंदू मुस्लिम एकता की कड़ी बनेगी। विशिष्ट अतिथि डा.शक्ति कुमार पांडेय ने कहा कि सभी सूफी संतों ने हिंदू मुस्लिम एकता बनाए रखने के लिए लोगों को जागृत करने का प्रयास किया। शनिदेव धाम के महंथ परमा महाराज ने कहा कि भारत ही ऐसा देश है जिसमें हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल दी जाती है। पूरे देश में ईद, दिवाली और होली साथ-साथ मनाते हैं। उन्होेंने कहा कि देश हित से बढ़कर न तो कोई धर्म है और न ही कोई कर्म।
हम सभी को धर्म, जाति से ऊपर उठकर सभी देशों के विकास के लिए आगे आना चाहिए। उन्हाेंने एक दूसरे के सुख-दुख में साथ रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोहम्मद दाउद अंसारी व संचालन बदरेआलम ने किया। इस मौके पर सच्चाबाबा आश्रम इलाहाबाद के प्राचार्य चंद्रदेव मिश्र, महाविद्यालय डेरवा के निदेशक श्रवण कुमार शुक्ल, हयात उल्ला चतुर्वेदी, डा.असलम रहीमी, मो.जमा, हौसला प्रसाद ओझा, जीशान अंसारी, शीतला प्रसाद तिवारी, कमलाकांत तिवारी, सुंदरलाल गुप्ता, रमेश जायसवाल, डा.अफसर अली आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सभी मानव समाज में मिलजुलकर असहाय दीन दुखियों की सेवा करें। यह सेवा ही हिंदू मुस्लिम एकता की कड़ी बनेगी। विशिष्ट अतिथि डा.शक्ति कुमार पांडेय ने कहा कि सभी सूफी संतों ने हिंदू मुस्लिम एकता बनाए रखने के लिए लोगों को जागृत करने का प्रयास किया। शनिदेव धाम के महंथ परमा महाराज ने कहा कि भारत ही ऐसा देश है जिसमें हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल दी जाती है। पूरे देश में ईद, दिवाली और होली साथ-साथ मनाते हैं। उन्होेंने कहा कि देश हित से बढ़कर न तो कोई धर्म है और न ही कोई कर्म।
विज्ञापन
हम सभी को धर्म, जाति से ऊपर उठकर सभी देशों के विकास के लिए आगे आना चाहिए। उन्हाेंने एक दूसरे के सुख-दुख में साथ रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोहम्मद दाउद अंसारी व संचालन बदरेआलम ने किया। इस मौके पर सच्चाबाबा आश्रम इलाहाबाद के प्राचार्य चंद्रदेव मिश्र, महाविद्यालय डेरवा के निदेशक श्रवण कुमार शुक्ल, हयात उल्ला चतुर्वेदी, डा.असलम रहीमी, मो.जमा, हौसला प्रसाद ओझा, जीशान अंसारी, शीतला प्रसाद तिवारी, कमलाकांत तिवारी, सुंदरलाल गुप्ता, रमेश जायसवाल, डा.अफसर अली आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन