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ठंड से परेशान लोग
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गुरूवार को रात में हुई रिमझिम बारिश।
- फोटो : PRATAPGARH
रात में पड़ने लगी ठंड, कहा जाएं मुसाफिर
कहीं नहीं बना है रैन बसेरा, अलाव तक का नहीं किया गया बंदोबस्त
रात में ठंड अब लोगों को भारी पड़ रही है। इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अभी तक मुसाफिरों को ठंड से बचाव के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किया गया है। इससे रात में ठंड से लोग परेशान हो रहे हैं। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर यात्री ठंड से ठिठुर रहे हैं। कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है।
शाम छह बजे के बाद सर्दी तेज हो जा रही है। बगैर ऊनी कपड़ों के लोग बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। बस और ट्रेन से सफर कर लौटने वाले यात्री ठंड से कांपते दिखाई पड़ते हैं। अस्पतालों में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदार ठिठुुरे नजर आते हैं। खुले में रात बिताना भारी पड़ रहा है। मगर जिला प्रशासन की ओर से अभी तक मुुसाफिरों को ठंड से बचाने के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किया गया है। रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आसपास अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे लोग परेशान हो रहे हैं। ठंड की चपेट में आकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। कोल्ड डायरिया बताकर चिकित्सक अस्पताल में भर्ती कर इलाज कर रहे हैं। इन सब के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से न तो रैन बसेरा बनाया जा रहा है और न ही अलाव जलवाने के लिए अभी तक लकड़ी की व्यवस्था की गई है। मुसाफिरों को ठंड से बचाने के लिए किसी भी प्रकार का बंदोबस्त नहीं किया गया है। इससे ठंड भरी रात में लोग परेशान हो रहे हैँ। इस बारे में ईओ नगर पालिका से बात करने का प्रयास किया गया, मगर उनका फोन नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बता रहा था।
इतनी ठंड नहीं पड़ रही है कि रात में अलाव जलवाया जाए। मुसाफिरों को ठंड से बचाने के लिए रात में अलाव जलवाने के लिए जल्द ही लकड़ी खरीदी जाएगी। शहर में कम से कम तीन रैन बसेरा बनवाए जाएंगे।
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विजयपाल सिंह, एसडीएम सदर।
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कहीं नहीं बना है रैन बसेरा, अलाव तक का नहीं किया गया बंदोबस्त
रात में ठंड अब लोगों को भारी पड़ रही है। इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अभी तक मुसाफिरों को ठंड से बचाव के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किया गया है। इससे रात में ठंड से लोग परेशान हो रहे हैं। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर यात्री ठंड से ठिठुर रहे हैं। कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है।
शाम छह बजे के बाद सर्दी तेज हो जा रही है। बगैर ऊनी कपड़ों के लोग बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। बस और ट्रेन से सफर कर लौटने वाले यात्री ठंड से कांपते दिखाई पड़ते हैं। अस्पतालों में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदार ठिठुुरे नजर आते हैं। खुले में रात बिताना भारी पड़ रहा है। मगर जिला प्रशासन की ओर से अभी तक मुुसाफिरों को ठंड से बचाने के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किया गया है। रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आसपास अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे लोग परेशान हो रहे हैं। ठंड की चपेट में आकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। कोल्ड डायरिया बताकर चिकित्सक अस्पताल में भर्ती कर इलाज कर रहे हैं। इन सब के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से न तो रैन बसेरा बनाया जा रहा है और न ही अलाव जलवाने के लिए अभी तक लकड़ी की व्यवस्था की गई है। मुसाफिरों को ठंड से बचाने के लिए किसी भी प्रकार का बंदोबस्त नहीं किया गया है। इससे ठंड भरी रात में लोग परेशान हो रहे हैँ। इस बारे में ईओ नगर पालिका से बात करने का प्रयास किया गया, मगर उनका फोन नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बता रहा था।
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इतनी ठंड नहीं पड़ रही है कि रात में अलाव जलवाया जाए। मुसाफिरों को ठंड से बचाने के लिए रात में अलाव जलवाने के लिए जल्द ही लकड़ी खरीदी जाएगी। शहर में कम से कम तीन रैन बसेरा बनवाए जाएंगे।
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विजयपाल सिंह, एसडीएम सदर।