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मनरेगा: गुणवत्ता की जांच हुए बगैर करोड़ों का हो गया भुगतान
Sat, 05 Aug 2023 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Sat, 05 Aug 2023 01:40 AM IST
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मनरेगा में अनियमित भुगतान नहीं थम रहा है। बृहस्पतिवार को मंगरौरा, बेलखरनाथधाम, पट्टी और आसपुर देवसरा ब्लाॅकों में करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया है. मगर अधिकारी अपनी कमी को छिपाने के लिए यह नहीं बता रहे हैं कि किस ब्लॉक में कितना भुगतान किया गया है।
मनरेगा में घटिया सामग्री लगाकर अव्वल दर्जे का भुगतान लेने वाले प्रधानों और कर्मचारियों पर शिकंजा कसने के लिए शासन ने एक अगस्त को पत्र जारी करके कहा है कि मनरेगा सामग्री भुगतान के पहले निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री की इंजीनियरिंग कॉलेज से जांच का प्रमाणपत्र होने पर ही भुगतान किया जाएगा।
शासन से बजट आते ही मंगरौरा, बेलखरनाथधाम, पट्टी और आसपुर देवसरा ब्लाॅकों में बगैर जांच रिपोर्ट के ही भुगतान कर लिया गया है।
जिले के अफसर व्हाट्सऐप ग्रुप में भुगतान करने के लिए मना करते रहे, मगर खंड विकास अधिकारियों ने अपना काम कर लिया। आश्चर्य की बात यह है कि अफसर शुक्रवार को यह बताने में फेल रहे कि जिले में बृहस्पतिवार को कितने करोड़ का भुगतान किया गया है।
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वर्जन
पूरे जिले में सिर्फ चार ब्लाॅकों में भुगतान हुआ है, शेष 13 में नहीं। पट्टी तहसील के ब्लाकों में मनरेगा सामग्री मद में भुगतान हुआ है, मगर अभी यह आंकडा़ साफ नहीं हो पाया है। अगर किसी ने गुणवत्ता की जांच किए बगैर भुगतान किया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- इंद्रमणि त्रिपाठी, उपायुक्त , मनरेगा
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मनरेगा में घटिया सामग्री लगाकर अव्वल दर्जे का भुगतान लेने वाले प्रधानों और कर्मचारियों पर शिकंजा कसने के लिए शासन ने एक अगस्त को पत्र जारी करके कहा है कि मनरेगा सामग्री भुगतान के पहले निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री की इंजीनियरिंग कॉलेज से जांच का प्रमाणपत्र होने पर ही भुगतान किया जाएगा।
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शासन से बजट आते ही मंगरौरा, बेलखरनाथधाम, पट्टी और आसपुर देवसरा ब्लाॅकों में बगैर जांच रिपोर्ट के ही भुगतान कर लिया गया है।
जिले के अफसर व्हाट्सऐप ग्रुप में भुगतान करने के लिए मना करते रहे, मगर खंड विकास अधिकारियों ने अपना काम कर लिया। आश्चर्य की बात यह है कि अफसर शुक्रवार को यह बताने में फेल रहे कि जिले में बृहस्पतिवार को कितने करोड़ का भुगतान किया गया है।
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पूरे जिले में सिर्फ चार ब्लाॅकों में भुगतान हुआ है, शेष 13 में नहीं। पट्टी तहसील के ब्लाकों में मनरेगा सामग्री मद में भुगतान हुआ है, मगर अभी यह आंकडा़ साफ नहीं हो पाया है। अगर किसी ने गुणवत्ता की जांच किए बगैर भुगतान किया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- इंद्रमणि त्रिपाठी, उपायुक्त , मनरेगा