प्रतापगढ़ : मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और सीएमएस पर भड़के मंत्रीगण, बोले- काम में मन न लग रहा हो तो करा लें तबादला
डीएम के बुलाने पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर्य देशदीपक और सीएमएस डॉ. सुरेश सही जवाब नहीं दे सके। इस पर मंत्री गिरीशचंद्र यादव भड़क गए। उन्होंने कहा कि काम में मन लगाएं या फिर गैर जनपद तबादला कराने के लिए प्रार्थना पत्र दें।
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बुधवार शाम राजा प्रताप बहादुर अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों के सवालों के जवाब देने में अफसरों के पसीने छूट गए। प्रयागराज मंडल के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह, गिरीशचंद्र यादव और मनोहरलाल मुन्नू कोरी ने डीएम से पूछा, हमारे आने से कितनी देर पहले चादर बदली गई थी।
डीएम के बुलाने पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर्य देशदीपक और सीएमएस डॉ. सुरेश सही जवाब नहीं दे सके। इस पर मंत्री गिरीशचंद्र यादव भड़क गए। उन्होंने कहा कि काम में मन लगाएं या फिर गैर जनपद तबादला कराने के लिए प्रार्थना पत्र दें। मंत्रियों के सवालों के आगे अफसर निरुत्तर रहे।
प्रयागराज मंडल के प्रभारी तीनों मंत्री बुधवार की शाम करीब पांच बजे राजा प्रताप बहादुर अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। डीएम-एसपी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इमरजेंसी वार्ड के बाहर उनका इंतजार कर रहे थे। अस्पताल पहुंचने के बाद परिसर में जलभराव देखकर मंत्री नाराज हो गए। उन्होंने डॉ. सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और अस्पताल के सीएमएस से इसका कारण पूछा।
कहा कि जलनिकासी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई है। दोनों अधिकारियों के अस्पताल में भवनों का निर्माण होने का तर्क देने पर मंत्री गिरीशचंद्र ने कड़ी फटकार लगाई। पूछा, पहले जलनिकासी की व्यवस्था जरूरी है या निर्माण। प्रदेश सरकार की मंशा है कि काम अच्छा होना चाहिए।
इसके बाद तीनों मंत्री इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे। यहां सभी बेड पर नई चादर बिछाई गई थी। कुछ बेड के गद्दे फटे थे। इस पर मंत्री नाराज हुए। उन्होंने वार्ड में भर्ती मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली। हालांकि किसी मरीज ने कोई शिकायत नहीं की। मंत्रियों ने प्राचार्य और सीएमएस को सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी।
जनऔषधि केंद्र के बारे में पूछने पर प्राचार्य ने बताया कि बाहर की दवाएं बेचने के आरोप में केंद्र को सील कर दिया गया है। हालांकि परिसर में स्थित जन औषधि केंद्र खुला था। मंत्रियों ने अस्पताल परिसर में पार्किंग की व्यवस्था न होने पर भी नाराजगी जताई। अफसरों ने बताया कि अभी तक जमीन की तलाश नहीं हो सकी। इस पर मंत्रियों ने डीएम डॉ. नितिन बंसल को पार्किंग की व्यवस्था के लिए जमीन की तलाश कराने के लिए कहा।
स्ट्रेचर पर चादर बिछवाकर फंसे अफसर
तीनों मंत्रियों के निरीक्षण की खबर से मेडिकल कॉलेज प्रशासन सहमा हुआ था। सब कुछ ठीक दिखाने के लिए हड़बड़ी में अस्पताल प्रशासन बड़ी चूक कर बैठा। अफसरों ने मंत्रियों को खुश करने के लिए स्ट्रेचर पर भी चादर बिछवा दी। अस्पताल पहुंचने के बाद मंत्री जयवीर सिंह और गिरीशचंद्र यादव यह देखते ही भड़क उठे। उन्होंने कहा कि स्टील के स्ट्रेचर पर चादर क्यों बिछाई गई है।