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कागज पर जगमगाने लगे थाहीपुर व कूराडीह गांव
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Mon, 22 Jan 2018 12:26 AM IST
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रानीगंज। रानीगंज इलाके में विद्युतीकरण में जमकर खेल किया गया है। थाहीपुर व कूराडीह में बिना तार-पोल लगाए ही कागज पर विद्युतीकरण कर दिया गया। जबकि कई गांवों में पोल मानक के अनुरूप नहीं लगाए गए हैं। रविवार को जांच के लिए लखनऊ से आई टीम को विद्युतीकरण में अनियमितताएं मिलीं।
रानीगंज क्षेत्र में 12वीं ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत बिजली से वंचित गांवों में विद्युतीकरण कार्य चल रहा है। इसकी जिम्मेदारी आरकेसी फर्म को दी गई है। क्षेत्रीय विधायक धीरज ओझा ने गांवों में किए गए विद्युतीकरण में अनियमितता, भ्रष्टाचार तथा गुणवत्ताविहीन काम करने का आरोप लगाते हुए शासन से शिकायत की थी। रविवार को लखनऊ से निदेशक एके मित्तल व वाराणसी से अधीक्षण अभियंता एके वर्मा की अगुवाई में आई टीम ने विद्युतीकरण से संतृप्त गांवों एवं मजरों की जांच की। टीम ने बेलासपुर, अवधानपुर गनईडीह, सराय गनई, कूराडीह, थाहीपुर, सहिजवार, बभनमई, चलाकपुर, केवटापुर, संसारियापुर, अवधानपुर, अमरपुर आदि गांवों में विद्युतीकरण की जांच की। इस दौरान भारी अनियमितता सामने आई।
कई गांवों में पोल बचाकर रूट चार्ट को ताक पर रखकर विद्युतीकरण कर दिया गया। कई गांवों में पोल भी मानक के अनुरूप नहीं लगाए गए हैं। जबकि थाहीपुर व कूराडीह में कागज पर विद्युतीकरण की बात सामने आई। यहां स्वीकृत उपकरणों एवं पोलों को दूसरे गांव में शिफ्ट कर दिया गया और फाइलों में दोनों गांवों को बिजली से संतृप्त दिखा दिया गया। जांच टीम के सवाल पर ठेकेदारों एवं विभागीय अधिकारियों की घिग्घी बंधी रही। अभी करीब 12 गांवों की ही जांच की गई है। करीब 100 गांवों और मजरों में अभी काम चल रहा है।
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रानीगंज क्षेत्र में 12वीं ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत बिजली से वंचित गांवों में विद्युतीकरण कार्य चल रहा है। इसकी जिम्मेदारी आरकेसी फर्म को दी गई है। क्षेत्रीय विधायक धीरज ओझा ने गांवों में किए गए विद्युतीकरण में अनियमितता, भ्रष्टाचार तथा गुणवत्ताविहीन काम करने का आरोप लगाते हुए शासन से शिकायत की थी। रविवार को लखनऊ से निदेशक एके मित्तल व वाराणसी से अधीक्षण अभियंता एके वर्मा की अगुवाई में आई टीम ने विद्युतीकरण से संतृप्त गांवों एवं मजरों की जांच की। टीम ने बेलासपुर, अवधानपुर गनईडीह, सराय गनई, कूराडीह, थाहीपुर, सहिजवार, बभनमई, चलाकपुर, केवटापुर, संसारियापुर, अवधानपुर, अमरपुर आदि गांवों में विद्युतीकरण की जांच की। इस दौरान भारी अनियमितता सामने आई।
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कई गांवों में पोल बचाकर रूट चार्ट को ताक पर रखकर विद्युतीकरण कर दिया गया। कई गांवों में पोल भी मानक के अनुरूप नहीं लगाए गए हैं। जबकि थाहीपुर व कूराडीह में कागज पर विद्युतीकरण की बात सामने आई। यहां स्वीकृत उपकरणों एवं पोलों को दूसरे गांव में शिफ्ट कर दिया गया और फाइलों में दोनों गांवों को बिजली से संतृप्त दिखा दिया गया। जांच टीम के सवाल पर ठेकेदारों एवं विभागीय अधिकारियों की घिग्घी बंधी रही। अभी करीब 12 गांवों की ही जांच की गई है। करीब 100 गांवों और मजरों में अभी काम चल रहा है।
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