{"_id":"6122666c8ebc3e79a8637bea","slug":"masks-ended-in-two-hours-22-buses-could-not-reach-the-road-pratapgarh-news-ald313926183","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो घंटे बाद खत्म हो गया मास्क, सड़क तक नहीं जा सकी 22 बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो घंटे बाद खत्म हो गया मास्क, सड़क तक नहीं जा सकी 22 बसें
Mon, 23 Aug 2021 03:44 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 23 Aug 2021 03:44 PM IST
सार
प्रतापगढ़ डिपो के पास अनुबंधित को मिलाकर कुल 74 बसें हैं। कोरोना काल में लंबी दूरी की बसों के पार्ट्स खराब होने पर दूसरी बसों से लगा दिए जाते थे। निगम पार्ट्स मुहैया नहीं करवा रहा है।
विज्ञापन
रोडवेज बस अड्डे पर खड़ी बसें। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रक्षाबंधन पर रोडवेज ने बहनों को मुफ्त सफर जरूर कराया, लेकिन मास्क वितरित करने और गांव के बाजारों तक बसें दौड़ाने का अफसरों का दावा हवा-हवाई साबित हुआ। अनुबंधित को मिलाकर कुल 52 बसों का ही संचालन हो सका। एक भी स्पेशल बस का संचालन नहीं हुआ। एआरएम ने दावा किया था कि स्पेशल बसें चलाने के साथ ही बहनों को उपहार में राखियां और मास्क दिया जाएगा, मगर दो घंटे बाद ही मास्क खत्म हो गए।
प्रतापगढ़ डिपो के पास अनुबंधित को मिलाकर कुल 74 बसें हैं। कोरोना काल में लंबी दूरी की बसों के पार्ट्स खराब होने पर दूसरी बसों से लगा दिए जाते थे। निगम पार्ट्स मुहैया नहीं करवा रहा है। ऐसे में प्रतापगढ़ डिपो की 22 बसें खटारा हो गई हैं। सभी डिपो में ही खड़ी हैं। रक्षाबंधन के पर्व पर इन बसों के संचालन के लिए एआरएम ने पूरी ताकत झोंक दी।
शासन ने आदेश दिया था कि शनिवार रात 12 बजे से रविवार रात 12 बजे तक महिलाओं से परिचालक किराया नहीं लेंगे। डिपो में बस में सवार होने पर उन्हें राखी और मास्क उपहार में देंगे। जिले में निगम की 22 बसें तमाम प्रयास के बाद भी सड़क पर नहीं उतारी जा सकीं। वहीं दो घंटे में ही बहनों को उपहार में दिए जाने वाला मास्क और राखियां खत्म हो गईं।
विज्ञापन
22 खटारा बसों की मरम्मत के लिए पूर्ण प्रयास किया गया, मगर सफलता हाथ नहीं लगी। प्रयागराज, सुलतानपुर और लखनऊ डिपो की बसें प्रतापगढ़ तक आ रही थीं। इससे यात्रियों को काफी सहूलियत मिली। सुबह चार से 10 बजे तक डिपो में महिलाओं की ज्यादा भीड़ रही। तीन हजार से ज्यादा राखियां व मास्क वितरित किए गए। पीके कटिहार, एआरएम
विज्ञापन
प्रतापगढ़ डिपो के पास अनुबंधित को मिलाकर कुल 74 बसें हैं। कोरोना काल में लंबी दूरी की बसों के पार्ट्स खराब होने पर दूसरी बसों से लगा दिए जाते थे। निगम पार्ट्स मुहैया नहीं करवा रहा है। ऐसे में प्रतापगढ़ डिपो की 22 बसें खटारा हो गई हैं। सभी डिपो में ही खड़ी हैं। रक्षाबंधन के पर्व पर इन बसों के संचालन के लिए एआरएम ने पूरी ताकत झोंक दी।
विज्ञापन
शासन ने आदेश दिया था कि शनिवार रात 12 बजे से रविवार रात 12 बजे तक महिलाओं से परिचालक किराया नहीं लेंगे। डिपो में बस में सवार होने पर उन्हें राखी और मास्क उपहार में देंगे। जिले में निगम की 22 बसें तमाम प्रयास के बाद भी सड़क पर नहीं उतारी जा सकीं। वहीं दो घंटे में ही बहनों को उपहार में दिए जाने वाला मास्क और राखियां खत्म हो गईं।
विज्ञापन
22 खटारा बसों की मरम्मत के लिए पूर्ण प्रयास किया गया, मगर सफलता हाथ नहीं लगी। प्रयागराज, सुलतानपुर और लखनऊ डिपो की बसें प्रतापगढ़ तक आ रही थीं। इससे यात्रियों को काफी सहूलियत मिली। सुबह चार से 10 बजे तक डिपो में महिलाओं की ज्यादा भीड़ रही। तीन हजार से ज्यादा राखियां व मास्क वितरित किए गए। पीके कटिहार, एआरएम

रोडवेज बस अड्डे पर रक्षाबंधन के मौके पर रही यात्रियों की भीड़। संवाद- फोटो : PRATAPGARH