{"_id":"5d9b7d6a8ebc3e93c734c63a","slug":"mangal-s-blessing-from-mother-siddhadri-pratapgarh-news-ald256954211","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां सिद्धदात्री से लिया मंगल का आशीष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां सिद्धदात्री से लिया मंगल का आशीष
विज्ञापन
सोमवार को नवरात्र नवमी पर बेल्हा देवी धाम में हवन करते श्रद्धालु।
- फोटो : PRATAPGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवरात्र के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री को प्रसन्न करने में भक्तों का पूरा दिन बीत गया। भोर में उठकर मां की आराधना में लीन होने वाले भक्तों ने कन्याभोज के साथ ही विधि-विधान से हवन-पूजन कर मां को प्रसन्न करने का प्रयास किया।
रामनवमी पर देवी मंदिरों में लगने वाले मेले में महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। नवरात्र के अंतिम दिन बेल्हा देवी, चंद्रिका देवी, बाराही देवी आदि मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भीड़ लगी रही। सुबह चार बजे से प्रारंभ हुआ यह क्रम देर शाम तक चलता रहा।
नवरात्र के अंतिम शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा अर्चना करने के लिए भक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिला। ऐसी मान्यता है कि मां दुर्गा के आठों रूपों अणिमा, महिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व की सिद्धियां मां सिद्धिदात्री में निहित होती हैं। इसीलिए अंतिम दिन का महत्व अधिक होता है।
विज्ञापन
मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप के पूजन-अर्चन के लिए सोमवार को भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सई तट स्थित मां बेल्हादेवी धाम में भोर से ही भक्तों के उमडने का सिलसिला प्रारंभ हुआ। दिनभर भीड़ लगी रही।
मां चंद्रिका देवी धाम में रामनवमी पर लगने वाले मेले में दूर-दूर से लोग आए। मां चंद्रिका का दर्शन पाने के लिए महिलाओं और पुरुषों का हुजूम उमड़ा। देरशाम तक माता रानी के जयकारे से पूरा धाम गुंजायमान हो उठा। दूर-दूर से आने वाली महिलाएं मनौती पूर्ण होने पर माता को पूड़ी-लप्सी का भोग लगाया।
विज्ञापन
रामनवमी पर देवी मंदिरों में लगने वाले मेले में महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। नवरात्र के अंतिम दिन बेल्हा देवी, चंद्रिका देवी, बाराही देवी आदि मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भीड़ लगी रही। सुबह चार बजे से प्रारंभ हुआ यह क्रम देर शाम तक चलता रहा।
विज्ञापन
नवरात्र के अंतिम शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा अर्चना करने के लिए भक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिला। ऐसी मान्यता है कि मां दुर्गा के आठों रूपों अणिमा, महिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व की सिद्धियां मां सिद्धिदात्री में निहित होती हैं। इसीलिए अंतिम दिन का महत्व अधिक होता है।
विज्ञापन
मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप के पूजन-अर्चन के लिए सोमवार को भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सई तट स्थित मां बेल्हादेवी धाम में भोर से ही भक्तों के उमडने का सिलसिला प्रारंभ हुआ। दिनभर भीड़ लगी रही।
मां चंद्रिका देवी धाम में रामनवमी पर लगने वाले मेले में दूर-दूर से लोग आए। मां चंद्रिका का दर्शन पाने के लिए महिलाओं और पुरुषों का हुजूम उमड़ा। देरशाम तक माता रानी के जयकारे से पूरा धाम गुंजायमान हो उठा। दूर-दूर से आने वाली महिलाएं मनौती पूर्ण होने पर माता को पूड़ी-लप्सी का भोग लगाया।

संडवा चंडिका धाम में नवमी पर आयोजित कन्या भोज में प्रसाद लेती कन्याएं।- फोटो : PRATAPGARH

नवरात्र नवमी पर बेल्हा देवी धाम में श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटते लोग।- फोटो : PRATAPGARH

सोमवार को नवरात्र नवमी पर बेल्हा देवी धाम में कढाही चढाते महिला श्रद्धालु।- फोटो : PRATAPGARH

सोमवार को नवमी पर बेल्हा देवी धाम में दर्शन को पश्चिमी गेट पर कतार में लगे श्रद्धालु।- फोटो : PRATAPGARH

सोमवार को नवमी पर बेल्हा देवी धाम में दर्शन को लगी श्रद्धालुओं की कतार।- फोटो : PRATAPGARH