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Pratapgarh News: मैडम, शिकायत करने पर परिवार वाले बंद करा सकते हैं पढ़ाई
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मिशन शक्ति फेज-5 के तहत चल रहे विशेष जन-जागरूकता अभियान में छात्राएं मनचलों की शिकायत करने पर परिजनों द्वारा पढ़ाई बंद कराने से चिंतित दिख रही हैं। हालांकि जागरूक करने वाली महिला पुलिसकर्मी सभी को भरोसा दिला रही हैं कि उनका नाम गोपनीय रखा जाएगा।
अभियान के तहत जनपद के 24 थानों से निरीक्षक, दरोगा समेत 92 महिला आरक्षियों को अभियान में लगाया गया है। 21 सितंबर से चल रहे अभियान से पुलिस महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तीकरण के प्रयास कर रही है। महिलाओं और छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जाती है।
उन्हें विभिन्न सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों जैसे 1090, 112, 181, 1930 और 102 के बारे में बताया जा रहा है। आपात स्थिति में इन नंबरों से सहायता प्राप्त करने का तरीका भी समझाया गया। इसके अतिरिक्त, आत्मरक्षा के उपाय भी सिखाए जा रहे हैं। संवाद सत्रों में छात्राओं को अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और प्रतिक्रिया देने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। अभियान के तहत करीब पांच हजार महिला व बालिकाओं को जागरूक किया जा चुका है।
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छात्राओं ने की मनचलों की शिकायत
महिला थानाध्यक्ष मीनाक्षी पांडेय ने बताया कि छात्राओं की एक ही दिक्कत सामने आती है कि रास्ते में मनचले उनपर अभद्र टिप्पणी करते हैं। छात्राओं को डर है कि शिकायत करने पर परिजन कहीं उनकी पढ़ाई न बंद करा दें। इसी के चलते वे शिकायत नहीं करती हैं। जबकि 1090 समेत अन्य नंबरों पर शिकायत करने वालों का नाम गोपनीय रखा जाता है।
...........
पड़ोसियों की भी कर सकती हैं मदद
एसआई दीपाली ने बताया कि छात्राएं या महिलाएं पड़ोस में हो रहे विवाद की भी सूचना पुलिस को दे सकती हैं। यदि किसी महिला को कोई घटना होते दिखती है तो वह पुलिस को सूचना दे सकती हैं। सूचना देने वालों का नाम भी गोपनीय रखा जाएगा।
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अभियान के तहत जनपद के 24 थानों से निरीक्षक, दरोगा समेत 92 महिला आरक्षियों को अभियान में लगाया गया है। 21 सितंबर से चल रहे अभियान से पुलिस महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तीकरण के प्रयास कर रही है। महिलाओं और छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जाती है।
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उन्हें विभिन्न सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों जैसे 1090, 112, 181, 1930 और 102 के बारे में बताया जा रहा है। आपात स्थिति में इन नंबरों से सहायता प्राप्त करने का तरीका भी समझाया गया। इसके अतिरिक्त, आत्मरक्षा के उपाय भी सिखाए जा रहे हैं। संवाद सत्रों में छात्राओं को अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और प्रतिक्रिया देने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। अभियान के तहत करीब पांच हजार महिला व बालिकाओं को जागरूक किया जा चुका है।
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छात्राओं ने की मनचलों की शिकायत
महिला थानाध्यक्ष मीनाक्षी पांडेय ने बताया कि छात्राओं की एक ही दिक्कत सामने आती है कि रास्ते में मनचले उनपर अभद्र टिप्पणी करते हैं। छात्राओं को डर है कि शिकायत करने पर परिजन कहीं उनकी पढ़ाई न बंद करा दें। इसी के चलते वे शिकायत नहीं करती हैं। जबकि 1090 समेत अन्य नंबरों पर शिकायत करने वालों का नाम गोपनीय रखा जाता है।
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पड़ोसियों की भी कर सकती हैं मदद
एसआई दीपाली ने बताया कि छात्राएं या महिलाएं पड़ोस में हो रहे विवाद की भी सूचना पुलिस को दे सकती हैं। यदि किसी महिला को कोई घटना होते दिखती है तो वह पुलिस को सूचना दे सकती हैं। सूचना देने वालों का नाम भी गोपनीय रखा जाएगा।