{"_id":"5f9843548ebc3e74f62255e4","slug":"love-marries-fourth-75-year-old-man-marries-42-year-old-woman-pratapgarh-news-ald2900275101","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौथेपन में परवान चढ़ा प्रेम, 75 साल के बुजुर्ग ने 42 वर्ष की महिला से रचाई शादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौथेपन में परवान चढ़ा प्रेम, 75 साल के बुजुर्ग ने 42 वर्ष की महिला से रचाई शादी
विज्ञापन
रानीगंज के सुवंसा में शादी करता वृद्घ।
- फोटो : PRATAPGARH
रानीगंज के पटहटिया गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग का चौथेपन में प्यार परवान चढ़ा है। गाजे-बाजे के साथ उसने पूरे विधि-विधान से 42 वर्षीय महिला के साथ शादी रचाई। सोमवार को जब गांव में यह अनोखी बारात पहुंची तो लोग देखने के लिए उमड़ पड़े।
फतनपुर थाना क्षेत्र के पटहटिया खुर्द गांव निवासी 75 वर्षीय अवध नारायण यादव की पांच बेटियां व दो बेटे हैं। उनकी पत्नी का देहांत हो चुका है। सुवंसा गांव की 42 वर्षीय रामरती का उनके घर पर आना- जाना था। इस दौरान अवध नारायण यादव का रामरती के साथ प्रेम शुरू हो गया। दोनों ने शादी करने करने की इच्छा जाहिर की। इस पर उनके परिवार के लोग सहमत हो गए। 26 अक्तूबर को शादी की तिथि निर्धारित की गई। इसके बाद दोनों घरों में पारंपरिक तौर पर शादी की तैयारियां शुरू हुईं।
बाकायदा शादी का कार्ड छपवाकर रिश्तेदारों एवं मित्रों को भेजा गया। सोमवार की शाम अवध नारायण ने खुद अपने ही घर में विवाह का आयोजन किया। रामरती को सुंवसा से पटहटिया बुलाया गया। रामरती दुल्हन के रूप में मंडप में पहुंची। इसके बाद दुल्हा बनकर अवध नारायण भी गाजे-बाजे के साथ मंडप में पहुंचे।
विज्ञापन
पूरे विधि-विधान के साथ रातभर शादी का कार्यक्रम चला। बारातियों के लिए भोजन-नाश्ते की भी व्यवस्था की गई थी। शादी का कार्यक्रम शुरू हुआ तो मंडप में गांववालों की भीड़ जुट गई। महिलाओं ने पारंपरिक व मांगलिक गीत गाए। वैदिकमंत्रों के बीच अवध नारायण व रामरती ने अग्नि के सामने सात फेरे लेकर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। इस अनोखी शादी की चर्चा दिनभर लोगों की जुबान पर रही।
बेटे बने बाराती
75 वर्षीय अवध नारायण की शादी में गांव के कोटेदार केसी यादव शहबाला बने थे। वह विवाह मंडप में घोड़े पर बैठकर पहुंचे थे। इसके अलावा बाराती के रूप में उनके दोनों बेटे भी शामिल हुए।
विज्ञापन
फतनपुर थाना क्षेत्र के पटहटिया खुर्द गांव निवासी 75 वर्षीय अवध नारायण यादव की पांच बेटियां व दो बेटे हैं। उनकी पत्नी का देहांत हो चुका है। सुवंसा गांव की 42 वर्षीय रामरती का उनके घर पर आना- जाना था। इस दौरान अवध नारायण यादव का रामरती के साथ प्रेम शुरू हो गया। दोनों ने शादी करने करने की इच्छा जाहिर की। इस पर उनके परिवार के लोग सहमत हो गए। 26 अक्तूबर को शादी की तिथि निर्धारित की गई। इसके बाद दोनों घरों में पारंपरिक तौर पर शादी की तैयारियां शुरू हुईं।
विज्ञापन
बाकायदा शादी का कार्ड छपवाकर रिश्तेदारों एवं मित्रों को भेजा गया। सोमवार की शाम अवध नारायण ने खुद अपने ही घर में विवाह का आयोजन किया। रामरती को सुंवसा से पटहटिया बुलाया गया। रामरती दुल्हन के रूप में मंडप में पहुंची। इसके बाद दुल्हा बनकर अवध नारायण भी गाजे-बाजे के साथ मंडप में पहुंचे।
विज्ञापन
पूरे विधि-विधान के साथ रातभर शादी का कार्यक्रम चला। बारातियों के लिए भोजन-नाश्ते की भी व्यवस्था की गई थी। शादी का कार्यक्रम शुरू हुआ तो मंडप में गांववालों की भीड़ जुट गई। महिलाओं ने पारंपरिक व मांगलिक गीत गाए। वैदिकमंत्रों के बीच अवध नारायण व रामरती ने अग्नि के सामने सात फेरे लेकर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। इस अनोखी शादी की चर्चा दिनभर लोगों की जुबान पर रही।
बेटे बने बाराती
75 वर्षीय अवध नारायण की शादी में गांव के कोटेदार केसी यादव शहबाला बने थे। वह विवाह मंडप में घोड़े पर बैठकर पहुंचे थे। इसके अलावा बाराती के रूप में उनके दोनों बेटे भी शामिल हुए।