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लोकसभा चुनाव 2014 : मोदी लहर में हरिवंश को मिली एकतरफा जीत
Tue, 02 Apr 2019 12:48 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 02 Apr 2019 12:48 AM IST
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सांसद हरिवंश सिंह
- फोटो : प्रतापगढ़
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आम चुनाव 2014 में मोदी लहर के आगे विरोधी दलों की दाल नहीं गली। भाजपा-अद गठबंधन के प्रत्याशी हरिवंश सिंह को एकतरफा जीत मिली। मतगणना के बाद परिणाम आया तो दूसरे स्थान पर बसपा प्रत्याशी आसिफ और तीसरे स्थान पर कांग्रेस की रत्ना सिंह रहीं। जबकि सपा को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा।
मोदी मैजिक के आगे वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में दूसरे दलों के नेताओं की दाल नहीं गली। जिले में कांग्रेस, बसपा और सपा की हालत पतली हो गई। 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे। भाजपा का अपना दल से गठबंधन हुआ। जिसके चलते यह सीट अद के खाते में चली गई। अपना दल के प्रत्याशी हरिवंश को मतदाताओं ने मोदी का चेहरा मानते हुए उनके चुनाव निशान कैंची पर खूब बटन दबाया। जिले में 1715163 मतदाता थे। जिसमें से 885358 मतदाताओं ने ही मताधिकार का प्रयोग किया।
इस चुनाव में जिले के हर कोने में मोदी का असर देखने को मिला। परिणाम आया तो अद प्रत्याशी हरिवंश सिंह को एकतरफा जीत मिली। करीब पौने दो लाख मतों से वह जीत दर्ज कर सांसद बने। मुकाबले में उतरे बसपा के आसिफ निजामुद्दीन सिद्दीकी को दूसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा। तीसरे स्थान पर कांग्रेस की रत्ना सिंह रहीं। सिटिंग सांसद को बुरी तरह पराजय का सामना करना पड़ा। सपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार पटेल चौथे स्थान पर खिसक गए।
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राहुल गांधी, माया व अनुप्रिया ने की थी जनसभा
आम चुनाव में अपने प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के लिए दिग्गज नेताओं ने जनसभाओं को संबोधित किया था। सबसे पहले कांग्रेस की प्रत्याशी रत्ना सिंह के समर्थन में राहुल गांधी रामलीला मैदान आए थे। तेज धूप में उन्होंने चुनावी जनसभा को संबोधित किया था। रामलीला मैदान में ही बसपा प्रमुख मायावती भी अपने प्रत्याशी के पक्ष में माहौन बनाने पहुंची थीं। जबकि अनुप्रिया समेत कुछ भाजपा के बड़े नेताओं ने भी प्रचार कर माहौल बनाया था।
सांगीपुर थाना बना था अखाड़ा
लोकसभा चुनाव के दौरान सांगीपुर थाना क्षेत्र प्रत्याशियों के लिए अखाड़ा बन गया था। पहले कांग्रेस व अद प्रत्याशी हरिवंश सिंह के बीच विवाद हुआ। हरिवंश के वाहनों पर पथराव हुए। स्थानीय भाजपा नेता के परिजनों पर भी हमला हुआ। थाने से चंद कदम दूर मतदान स्थल पर पहुंचे सपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार पटेल से भी तकरार हुई थी। थाने में भाजपा व कांग्रेस समर्थकों के बीच जमकर हंगामा हुआ था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक दीपक राय दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। जिसके बाद बवाल शांत हो सका था।
10 हजार ने दबाया था नोटा
2014 के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं ने नोटा भी खूब दबाया था। मतदाताओं के 68 मत अवैध घोषित हो गए थे। जबकि 9098 मतदाताओं को एक भी प्रत्याशी पसंद नहीं आए थे।
हरिवंश सिंह अद-भाजपा गठबंधन 375789
आसिफ निजामुद्दीन बसपा 207567
रत्ना सिंह कांग्रेस 138620
प्रमोद पटेल सपा 120107
अशोक सेनानी आप 9983
निर्मला देवी वंचित पार्टी 2766
फूलचंद शिवसेना 1859
बालकृष्ण जदयू 2160
राजेंद्र शर्मा राजप 1571
रामसेवक बहुजनमुक्ति पार्टी 4207
शेषनाथ एसयूसीआई 2458
संतोष सिंह तृणमूल कांग्रेस 6309।
अजमल खां निर्दल 3342
किरन मिश्रा निर्दल 3002
हरिवंश निर्दल 5618
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मोदी मैजिक के आगे वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में दूसरे दलों के नेताओं की दाल नहीं गली। जिले में कांग्रेस, बसपा और सपा की हालत पतली हो गई। 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे। भाजपा का अपना दल से गठबंधन हुआ। जिसके चलते यह सीट अद के खाते में चली गई। अपना दल के प्रत्याशी हरिवंश को मतदाताओं ने मोदी का चेहरा मानते हुए उनके चुनाव निशान कैंची पर खूब बटन दबाया। जिले में 1715163 मतदाता थे। जिसमें से 885358 मतदाताओं ने ही मताधिकार का प्रयोग किया।
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इस चुनाव में जिले के हर कोने में मोदी का असर देखने को मिला। परिणाम आया तो अद प्रत्याशी हरिवंश सिंह को एकतरफा जीत मिली। करीब पौने दो लाख मतों से वह जीत दर्ज कर सांसद बने। मुकाबले में उतरे बसपा के आसिफ निजामुद्दीन सिद्दीकी को दूसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा। तीसरे स्थान पर कांग्रेस की रत्ना सिंह रहीं। सिटिंग सांसद को बुरी तरह पराजय का सामना करना पड़ा। सपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार पटेल चौथे स्थान पर खिसक गए।
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राहुल गांधी, माया व अनुप्रिया ने की थी जनसभा
आम चुनाव में अपने प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के लिए दिग्गज नेताओं ने जनसभाओं को संबोधित किया था। सबसे पहले कांग्रेस की प्रत्याशी रत्ना सिंह के समर्थन में राहुल गांधी रामलीला मैदान आए थे। तेज धूप में उन्होंने चुनावी जनसभा को संबोधित किया था। रामलीला मैदान में ही बसपा प्रमुख मायावती भी अपने प्रत्याशी के पक्ष में माहौन बनाने पहुंची थीं। जबकि अनुप्रिया समेत कुछ भाजपा के बड़े नेताओं ने भी प्रचार कर माहौल बनाया था।
सांगीपुर थाना बना था अखाड़ा
लोकसभा चुनाव के दौरान सांगीपुर थाना क्षेत्र प्रत्याशियों के लिए अखाड़ा बन गया था। पहले कांग्रेस व अद प्रत्याशी हरिवंश सिंह के बीच विवाद हुआ। हरिवंश के वाहनों पर पथराव हुए। स्थानीय भाजपा नेता के परिजनों पर भी हमला हुआ। थाने से चंद कदम दूर मतदान स्थल पर पहुंचे सपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार पटेल से भी तकरार हुई थी। थाने में भाजपा व कांग्रेस समर्थकों के बीच जमकर हंगामा हुआ था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक दीपक राय दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। जिसके बाद बवाल शांत हो सका था।
10 हजार ने दबाया था नोटा
2014 के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं ने नोटा भी खूब दबाया था। मतदाताओं के 68 मत अवैध घोषित हो गए थे। जबकि 9098 मतदाताओं को एक भी प्रत्याशी पसंद नहीं आए थे।
2014 के चुनाव में प्रत्याशियों को मिले मत
प्रत्याशी दल मतहरिवंश सिंह अद-भाजपा गठबंधन 375789
आसिफ निजामुद्दीन बसपा 207567
रत्ना सिंह कांग्रेस 138620
प्रमोद पटेल सपा 120107
अशोक सेनानी आप 9983
निर्मला देवी वंचित पार्टी 2766
फूलचंद शिवसेना 1859
बालकृष्ण जदयू 2160
राजेंद्र शर्मा राजप 1571
रामसेवक बहुजनमुक्ति पार्टी 4207
शेषनाथ एसयूसीआई 2458
संतोष सिंह तृणमूल कांग्रेस 6309।
अजमल खां निर्दल 3342
किरन मिश्रा निर्दल 3002
हरिवंश निर्दल 5618