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Pratapgarh News: हल्की बारिश ने दी राहत, उमस रही हावी
Sat, 24 Jun 2023 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Sat, 24 Jun 2023 11:15 PM IST
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24 घंटे में हुई हल्की बारिश ने दो माह से तपती गर्मी से परेशान लोगों को हल्की राहत मिली है। शुक्रवार की देर शाम तेज हवाओं के साथ लगभग आधे घंटे हल्की बारिश हुई। शनिवार की सुबह से शाम तक उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल थे। शनिवार की शाम एक बार फिर तेज हवाओं के साथ आधे घंटे बारिश से मौसम बदल गया। इससे पारा तो लुढ़का लेकिन, उमस हावी हो गई। लोग पसीना ही पोछते रहे।
बारिश से किसानों के चेहरे खिले और आम लोगों को कुछ राहत मिली। वहीं उमस भरी चिपिचिपी गर्मी परेशानी का कारण बनी रही। पंखे-कूलर बेकार साबित हो रहे थे। जिनके घरों में एसी थे, उन्हें राहत थी, लेकिन बिजली गुल होने से परेशानी कम नहीं हुई। कई स्थानों पर जलजमाव भी हुआ। लोगों को इससे दिक्कत हुई।
शनिवार को अधिकतम तापमान 41.9 और न्यूनतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। आद्रर्ता 65 प्रतिशत से अधिक होने की वजह से उमस हावी रही।
सनई अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक देशराज मीणा ने बताया कि शुक्रवार देर शाम से शनिवार शाम तक करीब चार मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इससे मौसम में कुछ परिवर्तन हुआ है। अगले दो दिनों तक बादलों की आवाजाही का अनुमान है। धूप-छांव के मौसम के बीच हल्की बारिश हो सकती है। बारिश चक्रवाती हवाओं पर निर्भर करेगी। वहीं बारिश से किसानों की ओर से लगाई धान की नर्सरी को फायदा होगा। अब किसान धान की रोपाई के लिए खेत को तैयार करने में जुट गए हैं।
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बारिश से किसानों के चेहरे खिले और आम लोगों को कुछ राहत मिली। वहीं उमस भरी चिपिचिपी गर्मी परेशानी का कारण बनी रही। पंखे-कूलर बेकार साबित हो रहे थे। जिनके घरों में एसी थे, उन्हें राहत थी, लेकिन बिजली गुल होने से परेशानी कम नहीं हुई। कई स्थानों पर जलजमाव भी हुआ। लोगों को इससे दिक्कत हुई।
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शनिवार को अधिकतम तापमान 41.9 और न्यूनतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। आद्रर्ता 65 प्रतिशत से अधिक होने की वजह से उमस हावी रही।
सनई अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक देशराज मीणा ने बताया कि शुक्रवार देर शाम से शनिवार शाम तक करीब चार मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इससे मौसम में कुछ परिवर्तन हुआ है। अगले दो दिनों तक बादलों की आवाजाही का अनुमान है। धूप-छांव के मौसम के बीच हल्की बारिश हो सकती है। बारिश चक्रवाती हवाओं पर निर्भर करेगी। वहीं बारिश से किसानों की ओर से लगाई धान की नर्सरी को फायदा होगा। अब किसान धान की रोपाई के लिए खेत को तैयार करने में जुट गए हैं।
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